DMK का कांग्रेस पर ‘विश्वासघात’ का आरोप, TVK के साथ नया गठबंधन 

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद राज्य की राजनीति में भारी उथल-पुथल मच गई है। अभिनेता विजय की पार्टी तमिलागा वेट्ट्री कझगम (TVK) सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है, लेकिन बहुमत (118 सीटें) से थोड़ी कम सीटों पर अटकी हुई है। इस बीच कांग्रेस ने अपने लंबे समय के सहयोगी DMK से नाता तोड़कर TVK को शर्तिया समर्थन दे दिया है, जिससे DMK ने इसे ‘पीठ में छुरा घोंपना’ और ‘विश्वासघात’ करार दिया है।

DMK ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि वह अवसरवादी है और INDIA ब्लॉक की भावना का उल्लंघन कर रही है। DMK के वरिष्ठ नेता टीआर बालू ने कहा, “कांग्रेस ने उन लोगों को धोखा दिया है जिन्होंने DMK के नेतृत्व वाली सरकार बनाने के भरोसे वोट दिया था।” DMK प्रवक्ता सरवनान अन्नादुराई ने इसे “प्लेन एंड सिंपल बैकस्टैब” बताया और चेतावनी दी कि कांग्रेस पर अब भरोसा नहीं किया जा सकता। पार्टी की बैठक में DMK ने कांग्रेस की निंदा का प्रस्ताव भी पास किया।

कांग्रेस का बचाव और शर्तें

कांग्रेस ने DMK से अलग होकर TVK को समर्थन देते हुए साफ कहा है कि यह समर्थन सिर्फ सरकार बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले लोकल बॉडी, लोकसभा और राज्यसभा चुनावों तक चलेगा। कांग्रेस की मुख्य शर्त है कि गठबंधन में कोई “सांप्रदायिक ताकतें” शामिल न हों। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और अन्यों ने दावा किया कि यह फैसला जनादेश का सम्मान करते हुए BJP को राज्य से दूर रखने के लिए लिया गया है। राहुल गांधी ने विजय को फोन कर बधाई भी दी थी।  TVK के पास फिलहाल पर्याप्त संख्या नहीं है, इसलिए विजय गवर्नर से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश कर चुके हैं। कांग्रेस के 5 विधायकों का समर्थन महत्वपूर्ण है, लेकिन अभी भी कुछ सीटों की कमी बनी हुई है।

सोशल मीडिया और आम जनता की प्रतिक्रियाएं

X (पूर्व Twitter) और अन्य सोशल प्लेटफॉर्म्स पर इस घटनाक्रम पर तीखी बहस छिड़ी हुई है। DMK समर्थक कांग्रेस को “अविश्वसनीय” और “मौका परस्त” बता रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “DMK ने हमेशा कांग्रेस का साथ दिया, लेकिन कांग्रेस ने पीठ में छुरा भोंक दिया।” कई पोस्ट्स में DMK को चेतावनी दी जा रही है कि अब उसे नई रणनीति बनानी होगी।

TVK और विजय के समर्थकों में उत्साह है। उन्हें लग रहा है कि युवा वोटरों का जनादेश नया बदलाव ला रहा है। कुछ यूजर्स ने लिखा, “लोगों ने DMK-Congress को वोट देकर ठुकराया, अब विजय के नेतृत्व में नई शुरुआत।” वहीं, कुछ तटस्थ टिप्पणियों में कहा गया कि कांग्रेस ने अपनी पोजिशन मजबूत करने के लिए सही मौका चुना, क्योंकि TVK पैन-इंडिया अपील रखती है।

Reddit और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर चर्चा है कि DMK-AIADMK गठबंधन की अटकलें अब मुश्किल लग रही हैं, क्योंकि कांग्रेस TVK के साथ है। आम जनता में मिश्रित भावनाएं हैं—कुछ इसे सत्ता की राजनीति का सामान्य खेल मान रहे हैं, तो कुछ इसे Dravidian राजनीति के पारंपरिक समीकरणों के टूटने के रूप में देख रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषण

यह घटनाक्रम INDIA ब्लॉक में दरार का संकेत दे रहा है। DMK का कहना है कि वह अब नई विपक्षी धुरी बनाने पर विचार कर रही है। BJP ने इसे INDIA ब्लॉक के विघटन का उदाहरण बताया है। तमिलनाडु में Dravidian दलों का दबदबा लंबे समय से था, लेकिन TVK के उदय ने समीकरण बदल दिए हैं। विजय की पार्टी ने कई मंत्रियों और DMK के पारंपरिक वोटबैंक को प्रभावित किया है। अब गवर्नर की भूमिका और संख्या बल पर नजरें टिकी हैं—क्या विजय शपथ ले पाएंगे या और गठबंधन की जरूरत पड़ेगी?

DMK की बैठक में स्टालिन ने कहा कि पार्टी TVK के फैसले का इंतजार करेगी और छह महीने तक विपक्ष की भूमिका निभाएगी। राजनीतिक हलचल जारी है और अगले कुछ दिनों में बड़े फैसले की उम्मीद है। यह घटनाक्रम तमिलनाडु की राजनीति को लंबे समय तक प्रभावित करेगा। जनता अब स्थिर सरकार और विकास की उम्मीद कर रही है।

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