पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद हिंसा की घटनाओं ने राज्य को अस्थिर कर दिया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सुप्रीमो ममता बनर्जी से उनके कालीघाट स्थित आवास पर सौजन्य भेंट की। इस बीच, भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की मध्यमग्राम के दोहरिया इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई, जिससे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया।
अखिलेश यादव का यह दौरा बंगाल चुनाव परिणामों के ठीक बाद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। टीएमसी को अपेक्षित बहुमत न मिलने और भाजपा की मजबूत चुनौती के बीच ममता बनर्जी ने विपक्षी एकता को मजबूत करने का संकेत दिया। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में दोनों नेता गहन चर्चा करते दिखे। अखिलेश ने मुलाकात के बाद कहा, “बंगाल की बहनों-बेटियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। हिंसा किसी का हल नहीं।” ममता ने इसे “राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन की शुरुआत” करार दिया। इंडिया टुडे की रिपोर्ट्स के अनुसार, यह भेंट दिल्ली से कोलकाता की उड़ान भरते हुए अखिलेश ने की, जो विपक्षी दलों के बीच संवाद को दर्शाती है।
हत्या का सनसनीखेज मामला: भाजपा कार्यकर्ता पर बाइक सवारों का हमला
उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम दोहरिया क्षेत्र में सुबह के समय चंद्रनाथ रथ की हत्या ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया। पुलिस के मुताबिक, बाइक सवार हमलावरों ने रथ के वाहन को रुकवाकर करीब से गोलियां चलाईं। चश्मदीदों ने बताया कि हमलावरों ने वाहन को सड़क पर धीमा कराया और अंधाधुंध फायरिंग की। घटनास्थल से खाली कारतूस और जिंदा गोली बरामद हुई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है और हमलावरों की तलाश में छापेमारी तेज कर दी गई है।
रथ सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक थे और भाजपा के स्थानीय अभियान में सक्रिय भूमिका निभाते थे। भाजपा ने इसे “टीएमसी की सुनियोजित साजिश” बताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हस्तक्षेप की मांग की। सुवेंदु अधिकारी ने ट्वीट कर कहा, “ममता दीदी का राज अब खूनी हो गया है। चंद्रनाथ मेरे भाई थे, दोषियों को सजा मिलेगी।” टीएमसी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह “भाजपा का आंतरिक कलह” है। राज्यपाल ने डीजीपी को रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं: विपक्ष का हमला, सत्ताधारी का बचाव
भाजपा ने ममता सरकार पर “लॉ एंड ऑर्डर फेल” का आरोप लगाया। केंद्रीय मंत्री निशिथ प्रणाम ने कहा, “चुनाव हारने के बाद टीएमसी गुंडागर्दी पर उतर आई है।” कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने दोनों दलों से संयम बरतने की अपील की। आम आदमी पार्टी के संजय सिंह ने ट्वीट कर “बंगाल में अराजकता” की निंदा की। टीएमसी ने पलटवार किया। ममता बनर्जी के प्रवक्ता ने कहा, “भाजपा चुनावी हार से बदला ले रही है। हम शांति चाहते हैं।” सोशल मीडिया पर #JusticeForChandranath ट्रेंड कर रहा है, जबकि #SaveBengal हैशटैग से टीएमसी समर्थक सरकार का बचाव कर रहे हैं।
जनता की प्रतिक्रिया: डर और आक्रोश का माहौल
सामान्य जनता में भय का माहौल है। मध्यमग्राम की स्थानीय निवासी रीता दास ने कहा, “चुनाव खत्म हो गया, लेकिन हिंसा क्यों? बच्चे डर रहे हैं।” भाजपा समर्थक युवा राहुल सिंह ने फोन पर बताया, “टीएमसी का राज रक्तरंजित है, केंद्र को सेना भेजनी चाहिए।” टीएमसी कार्यकर्ता मीरा देवी ने आरोप लगाया, “भाजपा वाले ही झगड़ा कर रहे हैं।” कोलकाता के बाजारों में दुकानें जल्दी बंद हो रही हैं, और पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। एनसीआरबी डेटा के अनुसार, बंगाल में चुनावी हिंसा 2021 से दोगुनी हो चुकी है। पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है, लेकिन नाम सार्वजनिक नहीं किए। अखिलेश की मुलाकात के बाद विपक्षी बैठक की संभावना है। राज्य में छिटपुट हिंसा की 15 से ज्यादा घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं। स्थिति नियंत्रण से बाहर होने पर केंद्रीय बल तैनाती की चर्चा तेज है।

