Ink-throwing attack on Jantar Mantar: नई दिल्ली, राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर मंतर पर छात्रों और युवाओं के बड़े आंदोलन के बीच एक चौंकाने वाली घटना घटी है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके पर एक महिला ने स्याही फेंक दी। हमले के साथ ही थप्पड़ मारने की कोशिश भी की गई, जिसके बाद प्रदर्शन स्थल पर भारी हंगामा मच गया। यह घटना आज सुबह हुई, जब पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को 20-21 दिनों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के बाद दिल्ली पुलिस द्वारा सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया गया। वांगचुक की सेहत बिगड़ने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश और चिकित्सकीय सलाह पर उन्हें अस्पताल शिफ्ट किया गया। उनके स्थानांतरण के कुछ घंटों बाद ही दीपके पर यह हमला हुआ।
घटना का विवरण:
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, एक महिला ने अचानक अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकी और उन्हें थप्पड़ मारने की कोशिश की। हमलावर महिला को मौके पर मौजूद अन्य प्रदर्शनकारियों ने रोका और पीटा भी। घटना के तुरंत बाद जंतर मंतर पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पूरे घटनाक्रम की वीडियो फुटेज खंगाल रही है। सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। CJP आंदोलन ने NEET पेपर लीक, परीक्षा अनियमितताओं और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले कई हफ्तों से सुर्खियां बटोरी हैं। जून के शुरू में शुरू हुए इस आंदोलन में सोनम वांगचुक ने 28 जून से भूख हड़ताल शुरू की थी। उनकी हालत बिगड़ने के बाद पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जिसके बाद अभिजीत दीपके ने भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की थी।
पृष्ठभूमि:
CJP का जंतर मंतर पर प्रदर्शन 20 जून से चल रहा है। इसमें छात्रों, युवाओं और विभिन्न संगठनों का व्यापक समर्थन मिला। सोनम वांगचुक के शामिल होने के बाद आंदोलन को नई ऊर्जा मिली, लेकिन बारिश, पुलिस व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दों ने इसे चुनौतीपूर्ण बना दिया। दीपके ने पहले भी पुलिस पर तंबू लगाने की अनुमति न देने, पानी और सैनिटेशन सुविधाएं रोकने और महिलाओं की फोटो खींचने जैसे आरोप लगाए थे। आज की घटना को कुछ लोग आंदोलन को बदनाम करने की साजिश बता रहे हैं, जबकि पुलिस पूरे मामले की तह तक जाने का दावा कर रही है।
प्रदर्शनकारियों की प्रतिक्रिया:
अभिजीत दीपके के समर्थकों ने हमले की निंदा की और इसे आंदोलन को कुचलने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि “हम मिटाए नहीं जा सकते” का संदेश और मजबूत हो गया है। सोनम वांगचुक के अस्पताल पहुंचाए जाने के बाद भी प्रदर्शन जारी रखने का आह्वान किया गया है।
पुलिस की भूमिका:
दिल्ली पुलिस ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन स्थल खाली कराने की अपील की है। वांगचुक के स्थानांतरण के दौरान हल्का हंगामा हुआ था, लेकिन पुलिस ने संयम बरतने का दावा किया। अब स्याही कांड की अलग से जांच हो रही है। यह घटना शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा पारदर्शिता और युवाओं की मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन को नया आयाम देती दिख रही है। आंदोलनकारी 20 जुलाई को प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च पर भी अड़े हुए हैं। पुलिस की जांच जारी है। आगे की जानकारी के लिए बने रहें।सभी जानकारी विश्वसनीय समाचार स्रोतों और सोशल मीडिया से संकलित। ताजा अपडेट के लिए आधिकारिक स्रोत देखें।

