ग्रेटर नोएडा। औद्योगिक सेक्टर साइट-5 में नियमों को ताक पर रखकर एक अस्थायी कंटेनर में देशी शराब की दुकान खोलने का मामला सामने आया है। इस संबंध में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) से कोई अनुमति भी नहीं ली गई है। औद्योगिक क्षेत्र के बीचों-बीच खुले इस ठेके के कारण स्थानीय उद्यमी बेहद परेशान हैं और उन्होंने इसे तुरंत हटाने की मांग की है।
गली के अंदर छिपाकर रखा कंटेनर, लाइसेंस पर भी सवाल
मिली जानकारी के अनुसार, करीब दो महीने पहले इस देशी शराब की दुकान की शुरुआत की गई थी। शुरुआत में इस दुकान को सेक्टर की मुख्य सड़क के किनारे चालू किया गया था, लेकिन बाद में विवाद से बचने के लिए कंटेनर को एक अंदरूनी गली में शिफ्ट कर दिया गया।
उद्यमियों का गंभीर आरोप है कि इस दुकान का लाइसेंस किसी अन्य स्थान का है, जिसे नियमों के विरुद्ध यहाँ संचालित किया जा रहा है। हालांकि कंटेनर पर वर्ष 2026-27 के लिए लाइसेंस धारक का नाम और दुकान की आईडी तो साफ लिखी है, लेकिन दुकान के स्वीकृत पते (स्थान) का कोई जिक्र नहीं है।
फैक्ट्रियों का माहौल खराब, कामगार दिन में ही हो रहे टल्ली
शराब की दुकान खुलने से औद्योगिक क्षेत्र का माहौल पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। उद्यमियों का कहना है कि:
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फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिक दिन के समय ही यहाँ से शराब खरीदकर पी लेते हैं।
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शराब के नशे में धुत होकर श्रमिकों के कंपनी आने से काम का माहौल खराब हो रहा है।
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नशे की हालत में मशीनों पर काम करने से गंभीर हादसों का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे उद्योग चलाना बेहद मुश्किल हो रहा है।
शिकायत के बाद भी अफसर मौन उद्यमियों ने इस अवैध गतिविधि को लेकर यूपीसीडा के अधिकारियों से लिखित और मौखिक शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन आरोप है कि लंबे समय के बाद भी प्राधिकरण के अफसरों की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उद्यमियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही इस अस्थायी कंटेनर को सेक्टर से नहीं हटाया गया, तो वे इस मामले को उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाएंगे।

