दिल्ली के मालवीय नगर हादसे के बाद एनसीआर में अवैध PG-रेस्टोरेंट का खतरनाक जाल एक बार फिर सुर्खियों में
नोएडा के सेक्टर-52 स्थित शताब्दी विहार इलाके में एक बहुमंजिला इमारत में आग लगने की गंभीर घटना सामने आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार भवन की निचली मंजिल पर संचालित एक रेस्टोरेंट में अचानक आग भड़क उठी, जो देखते-देखते इमारत की ऊपरी मंजिलों तक फैल गई। इमारत के ऊपरी हिस्से में एक पेइंग गेस्ट हाउस (PG) चल रहा था, जिससे वहाँ रह रहे युवाओं में भारी अफरातफरी मच गई। यह घटना थाना सेक्टर-24 क्षेत्र के अंतर्गत दर्ज की गई है। आग लगने का प्राथमिक कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, हालाँकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जाँच के बाद ही होगी।
घटना का विवरण
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं और आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू हुई। पुलिस ने भी तत्काल मोर्चा संभाला और पीजी में रह रहे युवाओं को सुरक्षित बाहर निकालने का काम किया। इमारत के निचले हिस्से में रेस्टोरेंट की रसोई और बिजली के उपकरण होने के कारण आग तेजी से फैली। स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना उस समय हुई जब इमारत में काफी चहल-पहल थी।
पीजी में रहने वाले युवा दहशत में
शताब्दी विहार जैसे आवासीय इलाकों में बड़ी संख्या में नोएडा के दफ्तरों और संस्थानों में काम करने वाले युवा किराये के कमरों और पेइंग गेस्ट हाउस में रहते हैं। इस इमारत में भी ऊपरी मंजिल पर पेइंग गेस्ट हाउस चल रहा था। नीचे रेस्टोरेंट में लगी आग की लपटें और धुआँ जब ऊपर की ओर बढ़ा, तो वहाँ रह रहे लोगों में चीख-पुकार मच गई। अधिकांश लोग किसी तरह सुरक्षित बाहर निकल सके। हालाँकि, जनहानि की विस्तृत जानकारी अभी पुलिस की ओर से आनी बाकी है।
मालवीय नगर की छाया में नोएडा का यह हादसा
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब दिल्ली के मालवीय नगर में एक अवैध होटल में लगी भीषण आग में 21 लोगों की जान जाने से पूरा एनसीआर हिला हुआ है। उस हादसे के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा में अवैध होटल, रेस्टोरेंट और पेइंग गेस्ट हाउस के बेकाबू होते जाल पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि शताब्दी विहार की यह घटना उसी खतरनाक प्रवृत्ति का हिस्सा है, जहाँ रिहायशी इमारतों में बिना उचित अनुमति के रेस्टोरेंट और पीजी एक साथ चलाए जा रहे हैं।
नोएडा में अवैध PG और रेस्टोरेंट का खतरनाक जाल
एनसीआर के पड़ताल में सामने आया है कि नोएडा के नवादा, मामूरा, हाजीपुर जैसे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में पाँच हजार से भी अधिक पेइंग गेस्ट हाउस और होटल बन चुके हैं। ऐसे में, न तो नोएडा प्राधिकरण और न ही ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण इन्हें लेकर किसी ठोस नियम-कायदे बनाने में रुचि दिखा रहा है। जब प्राधिकरण के अधिकारियों से बात की जाती है तो वे सारी जिम्मेदारी अग्निशमन विभाग पर डाल देते हैं। अधिकारियों का दावा है कि अग्निशमन विभाग हर तीन साल में ऐसी सभी इमारतों को फायर सेफ्टी की अनुमति देता है। हैरानी की बात यह है कि सिंगल फ्लोर के मकान पर दूसरी मंजिल बनाने पर प्राधिकरण धारा 10 का नोटिस भेज देता है, वहीं इन बड़े पैमाने पर चल रहे अवैध पेइंग गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट और बैंक्वेट्स पर उनके हाथ रुक जाते हैं।
शॉर्ट सर्किट — बार-बार दोहराई जाने वाली लापरवाही
नोएडा में शॉर्ट सर्किट से आग की यह कोई पहली घटना नहीं है। प्रारंभिक जाँचों में बार-बार शॉर्ट सर्किट को आग का कारण बताया जाता रहा है, जहाँ बिजली के उपकरणों में गड़बड़ी के चलते आग भड़कती है और देखते-देखते फैलने की कोशिश करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब एक ही इमारत में रेस्टोरेंट, रसोई और पीजी एक साथ हों, वहाँ बिजली का अत्यधिक लोड और पुरानी वायरिंग मिलकर आग का खतरा कई गुना बढ़ा देते हैं।
पुलिस व प्रशासन की प्रतिक्रिया
थाना सेक्टर-24 पुलिस मामले की जाँच में जुटी हुई है। अग्निशमन विभाग की टीमें आग बुझाने के बाद इमारत की संरचनात्मक स्थिति और फायर सेफ्टी मानकों की जाँच कर रही हैं। पुलिस इमारत मालिक और रेस्टोरेंट संचालक से पूछताछ कर रही है। प्राधिकरण के अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुँचे।
यक्ष प्रश्न — कब तक चलेगा यह खिलवाड़?
शताब्दी विहार की यह घटना नोएडा प्रशासन के लिए एक कड़ी चेतावनी है। जब तक प्राधिकरण, पुलिस और प्रशासन के अधिकारी इन्हें चला रहे प्रतिष्ठानों पर ठोस कार्रवाई नहीं करते, तब तक पूरे जिले में अवैध रूप से चल रही इस समानांतर व्यवस्था में कब कोई बड़ा कांड सामने आ जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। दिल्ली के मालवीय नगर का दर्दनाक हादसा अभी भी लोगों के जेहन में ताजा है। स्थानीय निवासी प्रशासन से माँग कर रहे हैं कि सेक्टर-52 और आसपास के इलाकों में अवैध रूप से चल रहे सभी रेस्टोरेंट और पीजी की तत्काल जाँच की जाए और जो इमारतें अग्नि सुरक्षा मानकों पर खरी न उतरें, उन्हें तुरंत सील किया जाए। यह खबर उपलब्ध प्राथमिक सूचनाओं और क्षेत्रीय संदर्भ के आधार पर तैयार की गई है। घटना की पूर्ण आधिकारिक पुष्टि जाँच के बाद सामने आएगी।

