Devendra Nath Mahto broke his fast: रांची, सोनम वांगचुक से वीडियो कॉल पर बातचीत के बाद देवेंद्र नाथ महतो ने तोड़ा अनशन, कहा- 26 साल से हो रहे पेपर लीक। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने बुधवार को अपना अनशन तोड़ दिया। जानी-मानी सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से वीडियो कॉल पर हुई बातचीत के बाद उन्होंने पानी ग्रहण किया।
क्या हुआ बातचीत में
महतो ने बताया कि वे 25 जुलाई से सत्याग्रह कर रहे थे और 2 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। उन्होंने कहा कि वे बेहद थक चुके थे और स्थिति गंभीर हो गई थी, यहां तक कि डॉक्टरों ने चेतावनी दी थी कि पानी न पीने की स्थिति में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में पिछले 26 साल से परीक्षाओं में पेपर लीक की समस्या बनी हुई है। सोनम वांगचुक ने फोन पर हुई बातचीत में महतो से अपील की कि वे थोड़ा पानी पी लें, क्योंकि भूख हड़ताल जारी रखना आत्महत्या जैसा कदम बन सकता है। उन्होंने कहा कि आंदोलन को अभी वक्त चाहिए, भले ही इसमें दो-तीन हफ्ते और लगें, और उम्मीद जताई कि राज्य सरकार मामले को गंभीरता से समझकर सही फैसला लेगी। महतो के अनुरोध पर उन्होंने रांची आकर आंदोलनरत छात्रों से मिलने की इच्छा भी जताई।
आंदोलन की पृष्ठभूमि
यह आंदोलन 5 जुलाई को जेपीएससी की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम आने के बाद शुरू हुआ था, जब कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों में आक्रोश फैल गया। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा यह छात्र आंदोलन बुधवार को अपने 12वें दिन में पहुंच गया। खराब मौसम के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र और अभिभावक धरना स्थल पर डटे रहे। मामले की जांच कर रही सीआईडी ने भी कार्रवाई तेज कर दी है। ताजा जानकारी के अनुसार अब तक इस मामले में कुल 14 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें हाल ही में तीन और गिरफ्तारियां शामिल हैं।
सरकार का रुख
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि राज्य सरकार छात्रों की हर समस्या पर पूरी नजर रखे हुए है। वहीं छात्र नेताओं का कहना है कि जब तक जांच में पूरी पारदर्शिता और दोषियों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। यह खबर उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। स्थिति लगातार बदल रही है, अधिक जानकारी के लिए संबंधित स्रोतों से पुष्टि करें।

