गौतमबुद्धनगर पुलिस की नई पहल: औद्योगिक सुरक्षा के लिए तैनात होगा ‘पुलिस उपायुक्त इंडस्ट्रियल’

नोएडा: उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र गौतमबुद्धनगर (नोएडा/ग्रेटर नोएडा) में कानून व्यवस्था और औद्योगिक विकास के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। जिले में कार्यरत लाखों श्रमिकों और हजारों औद्योगिक इकाइयों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए अब एक समर्पित ‘पुलिस उपायुक्त (DCP) इंडस्ट्रियल’ की तैनाती की गई है।

क्यों पड़ी इस पद की आवश्यकता?

कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के तीनों जोनों में लगभग 15,000 रजिस्टर्ड औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं। इनमें लघु, मध्यम, बृहद और कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां (MNCs) शामिल हैं। कुल मिलाकर जिले में लगभग दो लाख से अधिक कंपनियां और उनमें कार्य करने वाले करीब चार लाख श्रमिक इस सेक्टर को बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण बनाते हैं। औद्योगिक शांति बनाए रखने और सरकार द्वारा लागू कानूनों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए इस विशेष सेल का गठन किया गया है।

DCP इंडस्ट्रियल की मुख्य जिम्मेदारियां:

  • सीधा संवाद: औद्योगिक प्रतिष्ठानों, श्रमिक संगठनों और समूहों के साथ निरंतर संवाद स्थापित करना।
  • शिकायत निवारण: श्रमिकों और उद्यमियों की शिकायतों का समयबद्ध और उचित समाधान सुनिश्चित करना।
  • अंतर्विभागीय समन्वय: विभिन्न सरकारी विभागों और स्थानीय पुलिस जोनों के बीच सेतु का कार्य करना ताकि समस्याओं की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों तक पहुंच सके।
  • कानूनी अनुपालन: भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा श्रमिकों के हित में लागू कानूनों का कड़ाई से पालन कराना।

टीम का ढांचा और संपर्क सूत्र

DCP इंडस्ट्रियल की सहायता के लिए एक विस्तृत टीम तैनात की गई है, जिसमें शामिल हैं:

  • सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) इंडस्ट्रीज
  • 03 निरीक्षक (Inspectors)
  • विभिन्न रैंकों के 25 अधिकारी एवं कर्मचारी

सार्वजनिक संपर्क: उद्यमियों और श्रमिकों की सुविधा के लिए पुलिस उपायुक्त इंडस्ट्रियल का CUG नंबर 8595902508 जारी किया गया है।

SOP और स्थायीकरण की प्रक्रिया शुरू

पुलिस कमिश्नरेट ने इस सेल को तत्काल प्रभाव से सक्रिय कर दिया है। अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) और पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) को निर्देश दिए गए हैं कि वे आगामी तीन दिनों के भीतर इस पद के स्थायीकरण का प्रस्ताव तैयार कर पुलिस महानिदेशक (DGP), उत्तर प्रदेश और गृह विभाग को भेजें। साथ ही, इस सेल के कामकाज को सुचारू बनाने के लिए एक विस्तृत एसओपी (SOP) भी तैयार की जा रही है।

 

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