“Why is it still dark even after payment in Digital India?”: सूरजपुर स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय ‘व्यापार बंधु’ बैठक में शनिवार को व्यापारियों की नाराज़गी खुलकर सामने आई। जिलाधिकारी श्रीमती मेधा रूपम की अनुपस्थिति में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) शिवकांत द्विवेदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में व्यापारियों ने बिजली विभाग की मनमानी, स्मार्ट मीटर की त्रुटियां, दादरी की उपेक्षित सड़कें, बंद पड़े सार्वजनिक शौचालय और साइट‑4 की खराब सड़कों–लाइटों जैसे मुद्दों को झोंककर रखा। उत्तर प्रदेश युवा व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष विकास जैन ने सीधे शब्दों में आरोप लगाया कि “डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के नारे के बीच व्यापारियों का मानसिक और आर्थिक शोषण हो रहा है।”
स्मार्ट मीटर पर तीखा प्रहार
विकास जैन ने बैठक में साक्ष्यों के साथ दावा किया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई व्यापारियों के बिलों में 30 से 50 प्रतिशत तक की अवैध वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि “उपभोक्ता समय पर डिजिटल भुगतान करके अपना दायित्व निभा रहा है, लेकिन बिजली विभाग की सर्वर और तकनीकी खामी के नाम पर घंटों बिजली गुल रखी जा रही है।” उन्होंने इसे न केवल “सर्विस फेलियर” बल्कि “संगठित शोषण” की संज्ञा दी।
दादरी: 900 मीटर सड़क पर उपेक्षा
दादरी अध्यक्ष मनोज गोयल की अनुपस्थिति में विकास जैन ने दादरी क्षेत्र का मोर्चा संभाला। उन्होंने सीडीओ के समक्ष बताया कि दादरी की 900 मीटर की मुख्य सड़क कई वर्षों से शासन की घोर उपेक्षा का शिकार है। लंबे समय से कार्य अधर में लटके होने के कारण यह सड़क आज “धूल और गड्ढों का पर्याय” बन चुकी है, जिससे स्थानीय व्यापार लगभग ठप पड़ा है और वाहन चालक दुर्घटनाओं की चपेट में आ रहे हैं।
ग्रेटर नोएडा: शौचालय बंद, साइट‑4 अंधेरे में
ग्रेटर नोएडा अध्यक्ष सचिन गोयल ने शहर की निराशाजनक स्वच्छता रैंकिंग पर सवाल उठाते हुए बताया कि करोड़ों की लागत से निर्मित सार्वजनिक शौचालय लंबे समय से बंद पड़े हैं। बाजारों में शौचालय की सुविधा के अभाव में महिला ग्राहकों और व्यापारियों को अपमानजनक स्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। चेयरमैन नवनीत गुप्ता ने औद्योगिक क्षेत्र साइट‑4 (साइट‑IV) की दुर्दशा रेखांकित करते हुए कहा कि यहाँ की स्ट्रीट लाइटें महीनों से खराब हैं और सड़कें पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं। इससे न केवल रात में आवागमन जोखिमपूर्ण है, बल्कि औद्योगिक सुरक्षा भी गंभीर खतरे में है।
यातायात, सुरक्षा और ‘राहत फंड’ की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक (एडीसीपी) आर.के. गौतम और ट्रैफिक इंस्पेक्टर अरविंद कुमार के समक्ष यातायात की अव्यवस्था और खराब सड़कों पर खड़े भारी वाहनों की समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि बार–बार श्रमिक विवादों और बंद आदि के कारण व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। प्रदेश सचिव शिवानी चौहान और उपाध्यक्ष निखिल अग्रवाल ने सरकार से एक विशेष ‘राहत फंड’ (Corpus Fund) गठित कर संभावित नुकसान की भरपाई की मांग दोहराई।
सीडीओ के आदेश: शौचालय खोलो, स्मार्ट मीटर जांचो
व्यापारियों की शिकायतों पर कड़ा रुख अपनाते हुए सीडीओ शिवकांत द्विवेदी ने मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों को अल्टीमेटम जैसे निर्देश दिए: बंद पड़े सार्वजनिक शौचालयों को तत्काल प्रभाव से खोला जाए। विद्युत विभाग स्मार्ट मीटर की बिलिंग अनियमितताओं और सर्वर की तकनीकी समस्याओं पर तत्काल रिपोर्ट पेश करे। साइट‑4 की टूटी सड़कों और स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत का कार्य प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाए।
उपस्थिति और वातावरण
बैठक में चेयरमैन नवनीत गुप्ता, उपाध्यक्ष निखिल अग्रवाल, सचिन गोयल, शिवा चौहान एवं व्यापार मंडल के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ DC एडमिन अजीत सिंह, ADCP आर.के. गौतम, ट्रैफिक इंस्पेक्टर अरविंद कुमार, सहायक प्रशासनिक अधिकारी दीपेंद्र जी और बैंक ADM मैनेजर सहित कई विभागों के आला अधिकारी उपस्थित रहे। पूरी बैठक में व्यापारियों की भावुक–तीखी भाषा और प्रशासन की आश्वासनों के बीच तनावपूर्ण हालत बनी रही, जिसके बाद सीडीओ ने विभागाधिकारियों पर “कार्रवाई की घटिया” डालते हुए प्रतिबद्धता दोहराई।
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