नोएडा में कूड़ा घोटाला उजागर: 157 गाड़ियां रूट से नदारद, AG Enviro पर ठोका ₹10.38 लाख का जुर्माना

नोएडा में कूड़ा घोटाला उजागर: स्मार्ट सिटी का दावा करने वाले नोएडा में सफाई व्यवस्था की पोल खुल गई है। नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश के निर्देश पर घर-घर जाकर कूड़ा उठाने का काम कर रही कंपनी मैसर्स एजी एनवीरो इंफ्रा प्रॉजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड पर 10 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है।

क्या था मामला?

शहर में कूड़ा उठाने और सफाई व्यवस्था को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। कई क्षेत्रों में समय पर कूड़ा नहीं उठाया जा रहा था, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था और स्वच्छता व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी। इन शिकायतों के बाद प्राधिकरण हरकत में आया और ICCC (इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर) के रिकॉर्ड के आधार पर जांच कराई गई। जांच में सामने आया कि कंपनी की 157 गाड़ियां तय रूट पर ड्यूटी पर पहुंची ही नहीं।

इस तरह लगा जुर्माना:

जांच रिपोर्ट के आधार पर अनुबंध की शर्तों के तहत आर्टिकल-10 लागू करते हुए कार्रवाई की गई: वाहनों के संचालन में लापरवाही पर — ₹3.92 लाख। घर-घर कूड़ा संग्रह न करने पर ₹6.45 लाख। कुल जुर्माना: ₹10.38 लाख

सीईओ का दोहरा एक्शन

नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण में संलिप्तता के आरोप में वर्क सर्कल-10 के प्रभारी और सीनियर मैनेजर केवी सिंह को हटाकर उन्हें मूल विभाग वापस भेज दिया। यानी एक ही दिन में सफाई कंपनी और अवैध निर्माण दोनों मोर्चों पर सख्त कार्रवाई हुई।

नोएडा में सफाई ठेकेदारों पर कार्रवाई का इतिहास

यह पहली बार नहीं है जब नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में सफाई ठेकेदारों पर गाज गिरी हो। नोएडा प्राधिकरण शहर को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाए रखने के लिए लगातार सख्त कदम उठा रहा है। दिसंबर 2025 में प्राधिकरण ने सेक्टर-62 स्थित ब्लिंकिट के क्लाउड किचन पर वेस्ट मैनेजमेंट नियमों का उल्लंघन करने के लिए 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।

AG Enviro कौन है?

AG Enviro Infra Projects Private Limited म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट प्रबंधन में Collection और Transportation (C&T) का काम करने वाली कंपनी है, जो NOIDA समेत देश के कई बड़े शहरी निकायों के लिए काम करती है। ऐसी स्थापित कंपनी का इस तरह लापरवाही बरतना और भी गंभीर माना जा रहा है।

जनता में आक्रोश, प्राधिकरण की चेतावनी

शहर के निवासियों में इस पूरे मामले को लेकर खासी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि महंगे फ्लैटों और सेक्टरों में रहने के बाद भी बुनियादी सफाई सेवाएं ठीक से नहीं मिल रही हैं। प्राधिकरण ने कंपनी को स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर भविष्य में ऐसी लापरवाही दोहराई गई तो अनुबंध तक रद्द किया जा सकता है। अब देखना यह होगा कि जुर्माने की इस चोट के बाद कंपनी सेवाएं सुधारती है या नहीं क्योंकि नोएडा जैसे शहर में गंदगी और बदबू किसी भी स्मार्ट सिटी की छवि के लिए बड़ा धब्बा है।

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