साकेत मेट्रो के पास भरभराकर ढही पांच मंजिला इमारत, मलबे में दबे हैं कई लोग, NDRF और दमकल का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

आंधी-तूफान के बीच हुआ हादसा, कोचिंग सेंटर में थे छात्र; 4 को जीवित निकाला गया

राजधानी दिल्ली में शनिवार की शाम एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। दक्षिण दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के पास सैदुलाजाब इलाके में एक पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई और मलबे के नीचे कई लोगों के दबे होने की आशंका है। यह हादसा उस वक्त हुआ जब दिल्ली-एनसीआर तेज आंधी और धूल भरे तूफान की चपेट में था। दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) को शाम 7 बजकर 44 मिनट पर इमारत गिरने की सूचना मिली, जिसके बाद दमकल की सात गाड़ियां तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना की गईं।

इमारत कैसे गिरी, पूरा मंजर

यह घटना सैदुलाजाब में साकेत मेट्रो स्टेशन के पास वेस्टर्न मार्ग पर हुई। घटनास्थल से प्राप्त तस्वीरों में इमारत कंक्रीट, मुड़ी हुई धातु और टूटे हुए खंभों के ढेर में तब्दील हो चुकी थी, और मलबा पूरे क्षेत्र में बिखरा हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भारी बारिश और 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही तेज आंधी के बीच इमारत का कमजोर ढांचा एकाएक ढह गया। देखते ही देखते पांचों मंजिलें धराशायी हो गईं और मलबे का विशाल ढेर लग गया।

कोचिंग सेंटर में छात्रों की थी मौजूदगी गहरी चिंता

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इमारत के भूतल पर एक कोचिंग संस्थान था और ऊपरी मंजिलों पर निर्माण कार्य चल रहा था। आशंका है कि मलबे में फंसे हुए लोगों में छात्र भी हो सकते हैं। साथ ही कुछ ऊपरी मंजिलों पर कॉर्पोरेट कार्यालय भी संचालित थे, जिससे हादसे के समय वहां काफी संख्या में लोगों के मौजूद होने की आशंका और गहरी हो जाती है। रेस्क्यू टीमों ने अब तक कम से कम 4 लोगों को जीवित बाहर निकालकर एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया है। उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। कुल हताहतों की संख्या मलबा पूरी तरह हटने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

बचाव अभियान में आ रही हैं मुश्किलें

संकरी गली और घनी आबादी वाले इलाके में अफरा-तफरी का मंजर देखने को मिला। स्थानीय निवासी बचाव वाहनों और कर्मियों के लिए रास्ता खाली करने की कोशिश कर रहे थे। भारी मशीनों को घटनास्थल तक पहुंचाने में भी खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। स्थानीय लोग मोबाइल फोन की लाइट का इस्तेमाल कर खोजबीन में मदद कर रहे थे और चिंतित पड़ोसी भी मलबे में खोजबीन करते दिखे।

प्रशासन और राहत टीमों की कार्रवाई

दमकल कर्मियों और पुलिस टीमों द्वारा खोज और बचाव अभियान शुरू किया गया। महरौली पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के इलाके को कॉर्डन ऑफ कर दिया है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें आधुनिक उपकरणों के साथ मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटी हैं। अधिकारियों ने अभी तक फंसे हुए लोगों की संख्या की पुष्टि नहीं की है और बचाव अभियान जारी है।

पृष्ठभूमि: दिल्ली में बेलगाम निर्माण का काला सच

यह हादसा दिल्ली में अवैध और जर्जर इमारतों की बढ़ती समस्या की ओर एक बार फिर ध्यान खींचता है। विशेषज्ञों का मानना है कि राजधानी में बड़ी संख्या में ऐसी बहुमंजिला इमारतें हैं जिनके निर्माण में बिल्डिंग कोड की खुलेआम अनदेखी की गई है। भूतल पर व्यावसायिक प्रतिष्ठान और ऊपरी मंजिलों पर चल रहे निर्माण कार्य ने इमारत की संरचनात्मक क्षमता को कमजोर किया होगा हालांकि इस संबंध में आधिकारिक जांच अभी बाकी है।

आगे क्या

फिलहाल मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। रेस्क्यू ऑपरेशन रात भर जारी रहने की संभावना है। दिल्ली नगर निगम (MCD) और संबंधित विभागों से इमारत की वैधता व निर्माण की गुणवत्ता की जांच की मांग उठने लगी है।

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