फीफा वर्ल्ड कप: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले से ठीक पहले एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। फीफा अपील कमेटी ने अमेरिकी स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन की पात्रता को लेकर बेल्जियम फुटबॉल संघ (आरबीएफए) की चुनौती को खारिज कर दिया है, जिसके बाद बालोगुन सोमवार रात सिएटल में अमेरिका बनाम बेल्जियम मुकाबले में खेलने के लिए स्वतंत्र हैं।
क्या है पूरा मामला बालोगुन को 1 जुलाई को सैन फ्रांसिस्को बे एरिया स्टेडियम में अमेरिका और बोस्निया-हर्जेगोविना के बीच हुए मैच में सीधे लाल कार्ड के चलते मैदान से बाहर किया गया था। इस लाल कार्ड के बाद नियमानुसार उन पर एक मैच का स्वत: प्रतिबंध लागू हो गया था, जिससे उन्हें बेल्जियम के खिलाफ अगले दौर के मैच में नहीं खेलना था। हालांकि, फीफा के अनुशासन समिति ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो को फोन कर इस लाल कार्ड की समीक्षा का अनुरोध करने के बाद बालोगुन के प्रतिबंध को पलट दिया।बेल्जियम की आपत्ति और फीफा का जवाब इस फैसले से नाराज बेल्जियम फुटबॉल संघ ने फीफा से स्पष्टीकरण मांगा और जब कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो उसने बालोगुन की पात्रता को चुनौती दे दी। आरबीएफए ने सोमवार को दिए बयान में कहा कि उसे अभी तक फीफा से इस मामले पर कोई निर्णय या स्पष्टीकरण नहीं मिला है, इसलिए उसके पास खिलाड़ी की पात्रता को चुनौती देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।
हालांकि फीफा अपील कमेटी ने इस चुनौती को अस्वीकार्य करार देते हुए खारिज कर दिया। फीफा ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि यह अनुरोध इस आधार पर अस्वीकार्य है कि आरबीएफए इस कार्यवाही का पक्षकार नहीं है और इसलिए उसे इस निर्णय के खिलाफ अपील करने का कोई अधिकार नहीं है। गौरतलब है कि अपील कमेटी के अमेरिकी मूल के अध्यक्ष नील एगलेस्टन इस फैसले की प्रक्रिया से अलग रहे। यूएफा और बेल्जियम कोच की तीखी प्रतिक्रिया इस पूरे घटनाक्रम पर यूरोपीय फुटबॉल संघ (यूएफा) ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। यूएफा ने इस फैसले को “अभूतपूर्व, समझ से परे और अनुचित” बताते हुए कहा कि फीफा ने इसके साथ एक “रेड लाइन पार” कर दी है। वहीं बेल्जियम के कोच रूडी गार्सिया ने तंज कसते हुए कहा कि जब उन्होंने पहली बार यह खबर सुनी कि निलंबित बालोगुन को खेलने की अनुमति मिल गई है, तो उन्हें लगा कि यह कोई मज़ाक है।
फीफा अध्यक्ष का बचाव विवाद बढ़ता देख फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि फीफा की न्यायिक संस्थाएं पूरी तरह स्वतंत्र हैं और वे किसी बाहरी दबाव के बिना, नियमों और तथ्यों के आधार पर ही फैसले लेती हैं। मैच से पहले की स्थिति बालोगुन इस विश्व कप में अमेरिका के लिए तीन गोल कर चुके हैं और टीम के सबसे अहम खिलाड़ियों में शुमार हैं। सारे विवाद के बावजूद वे अब आधिकारिक रूप से सिएटल में सोमवार रात होने वाले अमेरिका-बेल्जियम प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में खेलने के लिए पूरी तरह पात्र हैं। यह मामला विश्व फुटबॉल में राजनीतिक हस्तक्षेप और फीफा की स्वायत्तता को लेकर नई बहस छेड़ चुका है।

