Death of Ashish Banerjee: बीरभूम/कोलकाता, पश्चिम बंगाल की सियासत से रविवार सुबह एक सनसनीखेज और दुखद खबर सामने आई। विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता डॉ. आशीष बनर्जी बीरभूम जिले के रामपुरहाट में अपने घर से सटे पार्टी कार्यालय में फंदे से लटके हुए मिले। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग व पार्टी कार्यकर्ता मौके पर जमा हो गए।
कैसे हुआ खुलासा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, रविवार सुबह जब पार्टी कार्यालय खोला गया तो आशीष बनर्जी का शव फंदे से लटका हुआ पाया गया। मौके से एक कथित सुसाइड नोट भी बरामद किया गया है, हालांकि पुलिस अभी इसकी प्रामाणिकता और उसमें लिखी बातों की जांच कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मौत के सही कारणों का पता रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से ठीक पहले उनकी गतिविधियां और मानसिक स्थिति कैसी थी।
कौन थे आशीष बनर्जी
74 वर्षीय डॉ. आशीष बनर्जी रामपुरहाट सीट से लगातार पांच बार विधायक चुने गए थे और तृणमूल कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में गिने जाते थे। ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री रहते हुए वे जुलाई 2021 से मई 2026 तक पश्चिम बंगाल विधानसभा के डिप्टी स्पीकर रहे। इससे पहले वे राज्य सरकार में कृषि मंत्री (2017-2021) और आयुष तथा जैव-प्रौद्योगिकी विभाग में मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके थे। पेशे से वे रामपुरहाट कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर रह चुके थे और बर्धमान विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की थी। गौरतलब है कि इसी साल हुए विधानसभा चुनाव में उन्हें भाजपा प्रत्याशी ध्रुब साहा के हाथों हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद से उनकी राजनीतिक सक्रियता को लेकर भी चर्चाएं होती रही थीं।
बोगतुई कांड से जुड़ा रहा है नाम
आशीष बनर्जी का नाम मार्च 2022 में हुए चर्चित बोगतुई नरसंहार से भी जुड़ा रहा है, जिसमें दस लोगों की जलाकर हत्या कर दी गई थी। उस दौरान बीरभूम जिला तृणमूल अध्यक्ष अनुब्रत मंडल ने आरोप लगाया था कि बनर्जी ने मुख्य आरोपी को बचाने की कोशिश की। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद आरोपी की गिरफ्तारी हुई थी।
पार्टी और प्रशासन में शोक की लहर
आशीष बनर्जी की अचानक हुई मौत की खबर से तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों में शोक की लहर दौड़ गई है। रामपुरहाट और आसपास के इलाकों में लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है और मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी गई है। अभी तक तृणमूल कांग्रेस या पार्टी नेतृत्व की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सुसाइड नोट की जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले में स्पष्ट तस्वीर सामने आ पाएगी। फिलहाल पूरे बीरभूम जिले में इस खबर के बाद माहौल गमगीन बना हुआ है। यह एक विकसित हो रही खबर है, अधिक जानकारी मिलने पर अपडेट किया जाएगा। यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव से गुजर रहा है, तो कृपया किसी विशेषज्ञ या हेल्पलाइन से संपर्क करें।

