फर्जी हस्ताक्षर कांड: CID की दूसरी दस्तक से गरमाई बंगाल की सियासत, अभिषेक बनर्जी को भवानी भवन तलब

TMC सांसद ने किया पलटवार — “गला काट दो, नहीं झुकूंगा”; नेता प्रतिपक्ष के समर्थन पत्र में जाली हस्ताक्षर का आरोप

पश्चिम बंगाल की सियासत एक बार फिर उबाल पर है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के कोलकाता स्थित ‘शांतिनिकेतन’ आवास पर अपराध जाँच विभाग (CID) की टीम ने फिर दस्तक दी, जहाँ कुछ देर के लिए दरवाज़ा बंद मिला और मामले को लेकर सस्पेंस और गहरा हो गया। यह पूरा विवाद पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पद के लिए शोभनदेव चट्टोपाध्याय के नाम पर जमा किए गए समर्थन पत्र में कथित जाली हस्ताक्षरों से जुड़ा हुआ है।

क्या है पूरा मामला?

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी पराजय के बाद TMC अब ‘सिग्नेचर संकट’ से जूझ रही है। कुछ विधायकों के हस्ताक्षर में ‘असमानता’ की शिकायतें मिलने पर CID ने जांच शुरू कर दी। यह मामला 19 मई को विधानसभा सचिवालय को सौंपे गए उस पत्र से जुड़ा है, जिसमें TMC के नवनिर्वाचित करीब 70 विधायकों के हस्ताक्षर से शोभनदेव चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष के पद पर नामांकित किया गया था। जाँचकर्ता इस बात की पड़ताल कर रहे हैं कि उस दस्तावेज़ पर कुछ हस्ताक्षर असली थे या नहीं। विधानसभा ने हस्ताक्षरों में अंतर को लेकर हेयर स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। नोटिस में साफ कहा गया कि TMC विधायक नयना बनर्जी के हस्ताक्षर, जो उन्होंने विधायक पद की शपथ के समय किए थे, प्रस्ताव पत्र पर मौजूद हस्ताक्षरों से मेल नहीं खाते। 

CID का समन और डेढ़ घंटे का नाटक

मामले की जांच के सिलसिले में CID की टीम कोलकाता स्थित अभिषेक बनर्जी के आवास पर पहुंची। करीब डेढ़ घंटे चली प्रक्रिया के बाद दोपहर करीब 2:50 बजे उन्हें नोटिस सौंपा गया। नोटिस में अभिषेक बनर्जी को 1 जून को दोपहर 12 बजे भवानी भवन स्थित CID मुख्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। CID ने पहले उनके हरीश मुखर्जी रोड स्थित आवास पर भी करीब एक घंटे इंतज़ार किया था। इससे पहले टीम उनके शांतिनिकेतन आवास पर भी जा चुकी थी, जहाँ दरवाज़ा बंद मिलने से तनाव और बढ़ गया।

अभिषेक का आक्रामक पलटवार

नोटिस मिलते ही TMC सांसद का तेवर आक्रामक हो गया। रिपोर्टरों से बात करते हुए उन्होंने कहा, “भले ही तुम मेरा गला काट दो, लेकिन मुझे झुकाने के लिए तुम्हें सात जन्म लेने पड़ेंगे।” हालाँकि साथ ही उन्होंने जाँच में सहयोग का भरोसा भी दिलाया। उन्होंने कहा, “मैंने अभी तक नोटिस में लिखी बातें नहीं देखी हैं। मैं अपने वकीलों से सलाह लूंगा और उचित जवाब दूंगा। जाँच में हर संभव तरीके से सहयोग करूंगा।” अभिषेक बनर्जी ने कहा कि अगर उन्हें बुलाया जाएगा तो वे जाएंगे। उन्होंने यह भी दोहराया कि वे जाँच से भाग नहीं रहे हैं और अतीत में भी जब ईडी और सीबीआई ने उन्हें दिल्ली बुलाया था, तब वे सहयोग करते रहे हैं। “मैं भागा नहीं हूँ,” उन्होंने कहा। 

CID की जाँच के घेरे में कई TMC नेता

CID अब तक TMC के कई विधायकों से पूछताछ कर चुकी है। इनमें नयना बनर्जी, चंद्रनाथ सिन्हा, कुनाल घोष और बहारुल इस्लाम जैसे नेताओं के नाम शामिल हैं। जाँच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि समर्थन पत्र में इस्तेमाल किए गए हस्ताक्षर असली थे या नहीं। इससे पहले TMC की ओर से 6 मई को भी एक पत्र भेजा गया था, जिसे विधानसभा सचिवालय ने इस आधार पर अस्वीकार कर दिया था कि वह विधायक दल की ओर से औपचारिक रूप से जारी नहीं किया गया था। 

चुनाव में हार के बाद TMC पर दोहरी मुसीबत

पिछले महीने हुए विधानसभा चुनाव में TMC को बड़ी हार का सामना करना पड़ा। 15 साल से सत्ता में रही ममता बनर्जी की पार्टी को सिर्फ 80 सीटें मिलीं, जबकि BJP ने 208 सीटें जीतकर राज्य में पहली बार सरकार बनाई। शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री बने।  ममता बनर्जी खुद अपनी भवानीपुर सीट भी हार गईं। जाँच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि विधानसभा सचिवालय को भेजे गए दस्तावेज़ में जिन हस्ताक्षरों का इस्तेमाल हुआ, वे वैध थे या नहीं। इस मामले ने सीधे तौर पर पार्टी नेतृत्व और संगठनात्मक प्रक्रियाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 

BJP और विपक्ष का रुख

BJP ने राजनीतिक निशाना बनाए जाने के TMC के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि फर्जी हस्ताक्षर के आरोप गंभीर और अभूतपूर्व हैं। विपक्ष जहाँ मामले की निष्पक्ष जाँच की माँग कर रहा है, वहीं TMC इसे राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश बता रही है। 

अब आगे क्या?

आज यानी सोमवार, 1 जून को दोपहर 12 बजे CID मुख्यालय भवानी भवन में अभिषेक बनर्जी से पूछताछ होनी थी। अब सभी की नजरें इस पूछताछ पर टिकी हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मामला बंगाल में नई भाजपा सरकार के कार्यकाल में TMC के भविष्य की दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है।

 

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