व्हाट्सएप ग्रुप से होती थी जुआरियों की ‘बुकिंग’, रात 2-3 बजे तक चलती थी महफिल; होटल संचालक सचिन और देवेश भी आरोपी, जल्द होगी गिरफ्तारी
राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा के सेक्टर-53 स्थित सनराइज होटल एक होटल में चल रहे हाई-प्रोफाइल जुए के अड्डे का पर्दाफाश करते हुए थाना सेक्टर-49 पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। क्रिमिनल इंटेलिजेंस से मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस छापेमारी में 20 जुआरियों को रंगे हाथों दबोचा गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से ₹1,62,250 नकद, 22 मोबाइल फोन, ताश के पत्ते, सात दोपहिया वाहन और एक चार पहिया गाड़ी बरामद की गई है।
आधुनिक तरीके से चलता था अड्डा, WhatsApp से होती थी जुआरियों की एंट्री
जाँच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे इस अड्डे के संगठित और सुनियोजित ढाँचे की ओर इशारा करते हैं। पुलिस के अनुसार यह गिरोह पिछले सात से दस दिनों से लगातार इस होटल में सक्रिय था। होटल के एक कमरे की बाकायदा बुकिंग कराई जाती थी और फिर व्हाट्सएप ग्रुप तथा फोन कॉल के माध्यम से जुआरियों को सूचित किया जाता था। नोएडा के विभिन्न इलाकों के अलावा अन्य प्रांतों से भी लोग इस अड्डे में शिरकत करने पहुँचते थे। यह महफिल शाम ढलने के बाद शुरू होती थी और देर रात तकरीबन दो से तीन बजे तक चलती रहती थी।
एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह ने बताया पूरा घटनाक्रम
एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस आयुक्त के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी है। एसीपी-3 के निकट पर्यवेक्षण में एसएचओ-49 और उनकी टीम ने क्रिमिनल इंटेलिजेंस के माध्यम से सूचना प्राप्त कर होटल में दबिश दी। छापेमारी के दौरान 20 व्यक्ति ताश के पत्तों से हार-जीत की बाजी लगाते हुए पकड़े गए। एडीसीपी ने स्पष्ट किया कि यह क्रिकेट सट्टे या ऑनलाइन जुए से भिन्न एक परंपरागत किंतु संगठित जुए का अड्डा था।
होटल संचालक भी फँसे, दो नाम आए सामने
इस मामले में होटल संचालकों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। पुलिस जाँच में सामने आया है कि होटल को सचिन और देवेश नामक दो व्यक्ति संचालित करते थे और उन्हें इस अवैध गतिविधि की पूरी जानकारी थी। इसी आधार पर उन दोनों को इस मुकदमे में नामजद किया गया है और विवेचना के क्रम में उनकी शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।
कोई पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं, पर जाँच जारी
पुलिस के अनुसार अब तक की जाँच में गिरफ्तार 20 अभियुक्तों का कोई पूर्व आपराधिक इतिहास प्रकाश में नहीं आया है। हालाँकि एडीसीपी ने स्पष्ट किया कि इस दिशा में गहन जाँच आगे भी जारी रहेगी। सभी गिरफ्तार अभियुक्तों का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
नोएडा पुलिस का सख्त अभियान जारी
गौरतलब है कि गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा अपराध पर नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे व्यापक अभियान के तहत इस तरह की कार्रवाइयाँ लगातार हो रही हैं। होटलों और आवासीय परिसरों में छिपकर चलाए जा रहे जुए के अड्डों पर नकेल कसना इस अभियान की प्राथमिकता है। पुलिस का मानना है कि आधुनिक तकनीक विशेषकर सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल कर जुए के अड्डे संचालित करने की प्रवृत्ति तेज़ी से बढ़ रही है, जिस पर कड़ी नज़र रखी जा रही है। यह प्रकरण इस बात का स्पष्ट संकेत है कि परंपरागत जुआ अब डिजिटल नेटवर्क की आड़ में नए स्वरूप में संगठित हो रहा है और पुलिस इस चुनौती से निपटने के लिए इंटेलिजेंस-आधारित कार्रवाई को तेज़ कर रही है।

