दिल्ली आईआरएस बेटी रेप मर्डर केस: दिल्ली के साकेत कोर्ट ने बुधवार को आईआरएस अधिकारी की 22 वर्षीय बेटी के साथ बलात्कार और हत्या के मुख्य आरोपी राहुल मीना को दिल्ली पुलिस को चार दिन की पुलिस कस्टडी सौंप दी है। पुलिस ने आरोपी से विस्तृत पूछताछ और मामले की गहन जांच के लिए यह रिमांड मांगी थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
यह मामला दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश (कैलाश हिल्स/अमर कॉलोनी क्षेत्र) का है, जहां मंगलवार सुबह आरोपी ने कथित तौर पर घर में घुसकर युवती के साथ बर्बरता की और फिर उसकी हत्या कर दी। युवती आईआईटी स्नातक और यूपीएससी की तैयारी कर रही थी। उसके माता-पिता सुबह की सैर पर गए हुए थे, जिसके कारण आरोपी को मौका मिला और उसने इस मौके का फायदा उठा लिया।
पुलिस के अनुसार, 19 वर्षीय राहुल मीना परिवार का पूर्व घरेलू नौकर था। उसने लगभग आठ महीने तक वहां काम किया था और करीब डेढ़ महीने पहले शिकायतों के बाद (पड़ोसी घरेलू कर्मचारियों से पैसे उधार लेकर न लौटाने के आरोप में) उसे निकाल दिया गया था। पुलिस का मानना है कि आरोपी बदले की भावना से या लूट के इरादे से घर में घुसा। उसने परिवार की दिनचर्या, स्पेयर चाबी और कोड की जानकारी का इस्तेमाल किया। सीसीटीवी फुटेज में वह सुबह करीब 6:39 बजे घर में घुसते दिखा है। आरोपी ने कथित तौर पर 15-40 मिनट के अंदर युवती के साथ बलात्कार किया, उसे गला घोंटकर मार डाला और फिर मोबाइल फोन, लगभग 7 लाख रुपये तथा अन्य सामान लूट लिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उसने पीड़िता की उंगली का इस्तेमाल लॉकर खोलने की कोशिश भी की।
अलवर में एक दिन पहले भी रेप का आरोप जांच में बड़ा खुलासा हुआ कि राहुल मीना ने दिल्ली वाले अपराध से ठीक एक रात पहले राजस्थान के अलवर (राजगढ़ क्षेत्र) में अपने ही दोस्त की पत्नी के साथ बलात्कार किया था। अलवर पुलिस भी इस मामले में उससे पूछताछ कर रही है। आरोपी ने दिल्ली पहुंचने के लिए वैन किराए पर ली और अपराध के बाद ट्रैकिंग से बचने के लिए अपना मोबाइल बेच दिया तथा चोरी के फोन का इस्तेमाल किया। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 15 टीमों का गठन किया। सीसीटीवी फुटेज, होटल वाई-फाई लॉग्स, चोरी के फोन के डेटा और इंस्टाग्राम चैट्स के आधार पर आरोपी को द्वारका के एक होटल से बुधवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया। संयुक्त आयुक्त पुलिस (दक्षिणी रेंज) विजय कुमार ने बताया कि आरोपी ऑनलाइन गेमिंग की लत का शिकार था और पड़ोसियों से पैसे उधार लेने की आदत थी।
मेडिकल परीक्षण के बाद कोर्ट में पेशी गिरफ्तारी के बाद आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराया गया। आज साकेत कोर्ट में पेशी के दौरान पुलिस ने 4 दिन की कस्टडी की मांग की, जिसमें अदालत ने सहमति जताई। पुलिस अब आरोपी से लूटे गए सामान की बरामदगी, अलवर मामले के विवरण और संभावित अन्य अपराधों की जानकारी लेगी।
इस जघन्य अपराध ने राजधानी में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर सुरक्षित कॉलोनियों में पूर्व नौकरों द्वारा किए गए अपराधों को लेकर। परिवार की ओर से शोक व्यक्त किया गया है, जबकि विपक्षी दलों ने महिलाओं की सुरक्षा पर सरकार से जवाब मांगा है। पुलिस ने आगे की जांच जारी रखी है और कहा है कि मजबूत सबूत मौजूद हैं। मामले में आईपीसी की धाराएं बलात्कार, हत्या और लूट के तहत दर्ज हैं।

