Bharat Tiwari Encounter: फर्जी एनकाउंटर कर नौकरी दे रही सम्राट सरकार

Bharat Tiwari Encounter: पटना। बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र स्थित बिलौटी गांव में हुए बहुचर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को बड़ा ऐलान करते हुए दिवंगत भरत तिवारी के परिवार को सरकारी नौकरी और आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट लिखकर दी।

क्या है पूरा मामला

भोजपुर के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी का बुधवार को कथित एनकाउंटर में मौत हो गई थी। पुलिस ने शुरुआत में दावा किया था कि भरत ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में कार्रवाई की गई। हालांकि भरत के परिवार वालों ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वह मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ था, बीएससी पास था और सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा था। परिवार का आरोप है कि उसे धोखे से मार डाला गया। इस घटना के बाद राज्य की सियासत गरमा गई और विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साधता रहा। जन दबाव बढ़ने पर बिहार सरकार ने बिना देर किए पटना हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय न्यायिक जांच आयोग गठित किया था।

CM सम्राट चौधरी की प्रतिक्रिया

पटना के ज्ञान भवन में आयोजित ‘संविधान हत्या दिवस’ कार्यक्रम में पहली बार सार्वजनिक रूप से इस मामले पर बोलते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया था कि सरकार किसी भी संवेदनशील मामले को गंभीरता से लेती है और न्याय सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कदम उठाती है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने खुद भरत तिवारी के परिवार से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा भी दिया था। अब गुरुवार को मुख्यमंत्री ने एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि न्यायिक जांच आयोग की अंतरिम रिपोर्ट में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर खामियां उजागर हुई हैं। इसी रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने फैसला लिया है कि दिवंगत भरत तिवारी के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी, साथ ही परिवार को आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी।

पटना हाईकोर्ट ने भी लिया संज्ञान

इस पूरे मामले पर पटना हाईकोर्ट ने भी संज्ञान लेते हुए बिहार सरकार को तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा समेत सभी डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया है, ताकि जांच की निष्पक्षता बनी रहे।

पुलिस की कार्रवाई और FIR

एनकाउंटर के बाद हुए विरोध प्रदर्शन और एनएच-922 जाम किए जाने को लेकर पुलिस ने भरत के पिता और भाई समेत बिलौटी पंचायत के मुखिया बलिराम यादव सहित कुल 14 नामजद और 50 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ तीन अलग-अलग एफआईआर भी दर्ज की हैं। इसे लेकर भी विपक्ष सरकार पर सवाल उठा रहा है।

विपक्ष का हमला जारी

विपक्षी दलों ने इस घटना को “फर्जी एनकाउंटर” करार देते हुए मुख्यमंत्री से माफी की मांग की है। विपक्ष का कहना है कि जब तक न्यायिक आयोग की अंतिम रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होती, तब तक मामले में पूरी सच्चाई सामने नहीं आएगी। फिलहाल न्यायिक जांच जारी है और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि एनकाउंटर में पुलिस की क्या भूमिका थी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और परिवार को हर संभव न्याय दिलाया जाएगा।

यह भी पढ़ें: Air India All pilots to undergo dope tests: फुकेत-दिल्ली पायलट के पॉजिटिव ड्रग टेस्ट के बाद सभी पायलटों की अनिवार्य साइकोएक्टिव सब्सटेंस स्क्रीनिंग शुरू

यहां से शेयर करें