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Noida Skywalk: नोएडा का पहला स्काईवॉक 16 अगस्त से शुरू, 45 करोड़ की लागत से दो मेट्रो लाइनें होंगी कनेक्ट Noida Skywalk: नोएडा का पहला स्काईवॉक 16 अगस्त से शुरू, 45 करोड़ की लागत से दो मेट्रो लाइनें होंगी कनेक्ट

Noida Skywalk: नोएडा का पहला स्काईवॉक 16 अगस्त से शुरू, 45 करोड़ की लागत से दो मेट्रो लाइनें होंगी कनेक्ट

Noida Skywalk: नोएडा। शहर के लोगों के लिए बहुप्रतीक्षित मेट्रो स्काईवॉक का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। एक्वा लाइन के सेक्टर-51 और ब्लू लाइन के सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशनों को आपस में जोड़ने वाला यह एयर-कंडीशन्ड स्काईवॉक नोएडा प्राधिकरण की ओर से 16 अगस्त से यात्रियों के लिए खोला जाएगा। तीन साल की लंबी कवायद और एक दर्जन से ज्यादा डेडलाइन चूकने के बाद यह परियोजना आखिरकार पूरी हुई है।

क्या है परियोजना का मकसद

अभी तक दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन पर स्थित सेक्टर-52 स्टेशन और नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन पर स्थित सेक्टर-51 स्टेशन के बीच कोई सीधा और सुरक्षित रास्ता नहीं था। यात्रियों को एक लाइन से दूसरी लाइन पकड़ने के लिए सड़क पार कर धूप और बारिश में पैदल चलना पड़ता था। इसी असुविधा को दूर करने के लिए दोनों स्टेशनों को जोड़ने वाला स्काईवॉक बनाने की योजना बनाई गई थी। इसके शुरू होने के बाद यात्री बिना सड़क पर उतरे, एक छत के नीचे सीधे एक लाइन से दूसरी लाइन में आवाजाही कर सकेंगे। इससे नोएडा, ग्रेटर नोएडा से दिल्ली आने-जाने वाले हजारों रोजाना यात्रियों को राहत मिलेगी।

लंबी देरी और अटकी रही परियोजना

स्काईवॉक का निर्माण मार्च 2023 में शुरू हुआ था, और उस वक्त इसे महज पांच महीने में पूरा करने का दावा किया गया था। लेकिन इंजीनियरिंग अड़चनों और डिजाइन बदलावों के चलते परियोजना लगातार टलती रही। मेट्रो स्टेशन की एक बीम रास्ते में आ जाने के कारण स्काईवॉक की लंबाई और रूट तक बदलना पड़ा। नतीजा यह रहा कि परियोजना की एक के बाद एक दस से ज्यादा डेडलाइन बीत गईं। आखिरकार नोएडा प्राधिकरण ने अगस्त के मध्य तक काम पूरा करने का लक्ष्य तय किया, और अब स्वतंत्रता दिवस के अगले दिन, यानी 16 अगस्त से इसे जनता के लिए खोला जा रहा है।

कितनी लागत, कितनी लंबाई

परियोजना पर शुरुआत में करीब 33 से 40 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया था, लेकिन डिजाइन में बदलाव और निर्माण में देरी के चलते अंतिम लागत बढ़कर करीब 45 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। स्काईवॉक करीब 400 मीटर से अधिक लंबा है और पूरी तरह वातानुकूलित (एयर-कंडीशन्ड) है, ताकि यात्रियों को धूप और बारिश से पूरी सुरक्षा मिल सके।

यात्रियों को क्या फायदा होगा

– सेक्टर-51 (एक्वा लाइन) और सेक्टर-52 (ब्लू लाइन) मेट्रो स्टेशनों के बीच सीधी और सुरक्षित कनेक्टिविटी

– सड़क पार किए बिना एक लाइन से दूसरी लाइन में आसान इंटरचेंज

– धूप, गर्मी और बारिश से बचाव, क्योंकि पूरा रास्ता ढका और वातानुकूलित है

– नोएडा-ग्रेटर नोएडा से दिल्ली की तरफ रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों के समय की बचत

– ट्रैवलेटर जैसी सुविधाओं से लंबी दूरी तय करना आसान होगा

आगे की योजना

नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि यह स्काईवॉक शहर में मेट्रो कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की बड़ी कड़ी है। इसके अलावा एक्वा लाइन को आगे सेक्टर-61 और ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक विस्तार देने की योजनाओं पर भी काम चल रहा है, जिससे आने वाले समय में नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच मेट्रो नेटवर्क और मजबूत होगा।

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