आजम खान को जेल गेट से बाहर आते ही ED ने हिरासत में लिया? रिहाई में नया पेच, कोर्ट में सोमवार सुनवाई

रामपुर/लखनऊ। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान की जेल से रिहाई को लेकर एक बार फिर कानूनी उलझन गहरा गई है। दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद रिहाई की प्रक्रिया चल रही थी, लेकिन प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से दर्ज कराई गई भ्रष्टाचार संबंधी एफआईआर में पुलिस ने आजम खान को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की अर्जी कोर्ट में दाखिल कर दी है। खबरों के अनुसार, जेल के गेट से बाहर आते ही अधिकारियों और आजम खान के समर्थकों/वकीलों के बीच काफी देर बहस भी हुई।
क्या है पूरा मामला?
आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को दो पैन कार्ड से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत दे दी थी। कोर्ट ने दोनों की सजा को निलंबित किया, हालांकि सजा पर रोक लगाने की मांग खारिज कर दी थी। अदालत ने कहा था कि मामले की प्रकृति, हिरासत की अवधि और निश्चित अवधि की सजा को देखते हुए दोनों को जमानत दी जाए।
इसके बाद रिहाई के लिए जेल प्रशासन से औपचारिक प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन इसी बीच ED की ओर से 13 अक्टूबर को रामपुर के अजीमनगर थाने में दर्ज कराई गई भ्रष्टाचार की एफआईआर नया मोर्चा खोल गई। रामपुर पुलिस का विवेचक अब इसी मामले में आजम खान को कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए विशेष MP-MLA कोर्ट में आवेदन दे चुका है।
जेल गेट पर बहस का दावा
आपके साझा समाचार लिंक में दावा किया गया है कि आजम खान जेल के गेट से बाहर आते ही ED के अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया और काफी देर तक बहस हुई। हालांकि, अब तक सार्वजनिक रूप से उपलब्ध ताजा रिपोर्ट्स में यह स्पष्ट नहीं है कि ED ने सीधे गिरफ्तारी की है; उपलब्ध रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने कोर्ट से रिमांड वारंट/कस्टडी रिमांड मांगा है और अदालत ने सुनवाई के लिए सोमवार, 2 नवंबर की तारीख तय की है।
यानी अभी कानूनी स्थिति यह है कि आजम खान की रिहाई टली हुई है और उन पर ED से जुड़े नए मामले में हिरासत का खतरा मंडरा रहा है। अगर कोर्ट रिमांड मंजूर करती है, तो उन्हें इस मामले में अलग से जमानत लेनी होगी, जिससे रिहाई में और देरी संभव है।
ED की जांच का मुद्दा
ED की जांच मुख्य रूप से मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन, दान/डोनेशन के स्रोत, बैंक खातों तथा संबंधित कंपनियों के लेन-देन पर केंद्रित है। एजेंसी ने पहले भी रामपुर जेल पहुंचकर आजम खान से करीब छह से आठ घंटे पूछताछ की थी, लेकिन पूछे गए सवालों या जांच में सामने आए तथ्यों पर आधिकारिक बयान नहीं दिया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, जौहर यूनिवर्सिटी की संपत्तियों को अटैच करने के बाद ED की नजर आजम खान और उनके करीबियों की निजी संपत्तियों पर भी है।
आगे क्या होगा?
विशेष MP-MLA कोर्ट में 2 नवंबर को रिमांड अर्जी पर सुनवाई होगी। अदालत ने आजम खान को व्यक्तिगत रूप से पेश होने को कहा है। रिमांड मंजूर होने पर आजम खान को नए मामले में जमानत के लिए अलग याचिका दाखिल करनी पड़ सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक आजम खान से जुड़े कई अन्य मुकदमे भी लंबित हैं, जिनका असर रिहाई की प्रक्रिया पर पड़ सकता है।
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