Deprecated: File Theme without header.php is deprecated since version 3.0.0 with no alternative available. Please include a header.php template in your theme. in /home/u149331777/domains/jaihindjanab.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 6260
Jantar Mantar protest updates: सीजेपी-केंद्र की तीसरी दौर की वार्ता आज, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मुख्य अड़चन; सोनम वांगचुक का जवाब और पीएम मोदी का युवाओं को धन्यवाद Jantar Mantar protest updates: सीजेपी-केंद्र की तीसरी दौर की वार्ता आज, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मुख्य अड़चन; सोनम वांगचुक का जवाब और पीएम मोदी का युवाओं को धन्यवाद

Jantar Mantar protest updates: सीजेपी-केंद्र की तीसरी दौर की वार्ता आज, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मुख्य अड़चन; सोनम वांगचुक का जवाब और पीएम मोदी का युवाओं को धन्यवाद

Jantar Mantar protest updates: नई दिल्ली, नीट-यूजी पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में फैले युवा आंदोलन के बीच केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बीच तीसरी दौर की वार्ता शनिवार को होने वाली है। इस वार्ता का मुख्य अड़चन बिंदु केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा बना हुआ है। सीजेपी ने साफ कह दिया है कि प्रधान का इस्तीफा या बर्खास्तगी गैर-परक्राम्य मांग है।

शुक्रवार को कंस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में हुई दूसरी दौर की लगभग दो घंटे लंबी बैठक में सरकार ने सीजेपी की तीन प्रमुख मांगों में से दो पर सैद्धांतिक सहमति जताई थी—नीट अभ्यर्थियों की आत्महत्या से प्रभावित परिवारों को मुआवजा और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर व कानूनी मामलों की वापसी। लेकिन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सरकार ने शनिवार दोपहर तक का समय मांगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में हुई इस बैठक के बाद सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा, “सरकार ने हमारे इस्तीफे की मांग पर कल दोपहर तक का समय मांगा है। हम उम्मीद करते हैं कि सरकार जल्द ही उन्हें हटाएगी।”

रांका ने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि नीट विवाद पर गुस्सा अब सिर्फ धर्मेंद्र प्रधान तक सीमित नहीं रह सकता। “जल्द ही इस्तीफे की मांगें सिर्फ धर्मेंद्र प्रधान तक सीमित नहीं रहेंगी। प्रदर्शनकारी जवाबदेही, मुआवजा और मामलों की वापसी की मांग कर रहे हैं और आंदोलन देशभर में फैल रहा है।” उन्होंने जोर दिया कि जंतर मंतर पर प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक प्रधान इस्तीफा नहीं देते या बर्खास्त नहीं होते। सरकारी सूत्रों का कहना है कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा फिलहाल एजेंडे में नहीं है। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि सरकार का मानना है कि इस्तीफा “भागने” जैसा होगा। विपक्ष और इंडिया गठबंधन भी प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है।

इसी बीच, आंदोलन से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शुक्रवार को उन आलोचकों पर तीखा हमला बोला जिन्होंने उनके अनशन समाप्त करने को सरकार के साथ “डील” बताया। वांगचुक ने 26 दिन का अनशन किया था, जिसके दौरान उन्होंने 11 किलो वजन खोया और गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हुए। उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो ने आलोचकों से अपील की थी कि उन्हें जज न करें क्योंकि वे रिकवरी में हैं। वांगचुक ने वीडियो संदेश में कहा, “26 दिन की भूख के बाद क्या मुझे अब भी अपनी ईमानदारी साबित करनी पड़ेगी? क्या डील हुआ, क्या सौदा हुआ? क्या मुझे अब किसी से कैरेक्टर सर्टिफिकेट लेना पड़ेगा कि मेरा अनशन कितना शुद्ध था?” उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अनशन समाप्त करने का फैसला स्वास्थ्य कारणों और छात्रों की सुरक्षा के लिए था, न कि किसी समझौते के तहत।

इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को युवाओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने गुरुवार देर रात पोस्ट किए गए वीडियो (जिसमें पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट और सख्त कानून का जिक्र था) पर मिली भारी प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद दिया। मोदी ने कहा, “धन्यवाद दोस्तों। कल रात मुझे आपसे जुड़ने का मौका मिला। जिस तरह आपने वीडियो का जवाब दिया और सकारात्मक सुझाव दिए, सभी का धन्यवाद। आपका प्यार जारी रहेगा और हमारा रिश्ता और मजबूत होगा।” इस वीडियो को कुछ ही मिनटों में लाखों व्यूज और लाइक्स मिले थे। पीएम ने कैबिनेट बैठक में मंत्रियों से भी इंस्टाग्राम पर सक्रिय रहने और युवाओं से जुड़ने को कहा। सीजेपी, जो मई 2026 में बेरोजगार युवाओं को “कॉकरोच” कहे जाने के बाद व्यंग्यात्मक आंदोलन के रूप में उभरी थी, अब नीट और अन्य परीक्षाओं में लीक के खिलाफ छात्रों की आवाज बन गई है। जंतर मंतर पर प्रदर्शन जारी हैं। पुलिस ने इलाके में यातायात व्यवस्था कड़ी की है। शनिवार की तीसरी दौर की वार्ता में क्या नतीजा निकलता है, यह देखने वाली बात होगी। अगर इस्तीफे पर कोई सहमति नहीं बनी तो आंदोलन और तेज हो सकता है। छात्रों और युवाओं की मांगें साफ हैं—जवाबदेही, सुधार और भविष्य में पेपर लीक रोकने के ठोस कदम।

यह भी पढ़ें: घर की नौकरानी निकली चोरी की मास्टरमाइंड ज्वेलर समेत चार गिरफ्तार

यहां से शेयर करें