Deprecated: File Theme without header.php is deprecated since version 3.0.0 with no alternative available. Please include a header.php template in your theme. in /home/u149331777/domains/jaihindjanab.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 6260
“स्क्रीन की लत और झूठे वादे नोएडा-ग्रेटर नोएडा की दो घटनाओं ने सोशल मीडिया पर मचाई हलचल” – जय हिन्द जनाब “स्क्रीन की लत और झूठे वादे नोएडा-ग्रेटर नोएडा की दो घटनाओं ने सोशल मीडिया पर मचाई हलचल” – जय हिन्द जनाब

“स्क्रीन की लत और झूठे वादे नोएडा-ग्रेटर नोएडा की दो घटनाओं ने सोशल मीडिया पर मचाई हलचल”

मोबाइल की डांट से घर छोड़ा किशोर, बारात में पहुंची गर्लफ्रेंड — आम जनता ने पूछा: आखिर कहाँ जा रहे हैं हमारे रिश्ते और बचपन? राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से सटे नोएडा और ग्रेटर नोएडा में हाल के दिनों में दो ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जिन्होंने न केवल स्थानीय समाज को झकझोरा, बल्कि सोशल मीडिया पर भी व्यापक बहस छेड़ दी है। एक तरफ एक किशोर ने मोबाइल छीनने पर भाई की डांट से तंग आकर घर छोड़ दिया, तो दूसरी ओर ग्रेटर नोएडा में घोड़ी पर सवार दूल्हे की बारात तब थम गई जब उसकी गर्लफ्रेंड बीच रास्ते में प्रकट हो गई। दोनों घटनाओं ने डिजिटल लत, टूटते विश्वास और बदलते सामाजिक ताने-बाने पर गहरी चर्चा को जन्म दिया है।

पहली घटना: भाई की डांट — और किशोर ने छोड़ा घर

नोएडा में एक किशोर मोबाइल की लत का इस कदर शिकार हो गया था कि जब उसके बड़े भाई ने उसे मोबाइल की अत्यधिक लत के लिए डांटा, तो वह घर छोड़कर चला गया। परिवार के अनुसार, किशोर घंटों स्क्रीन पर चिपका रहता था पढ़ाई छूट रही थी, नींद बिगड़ रही थी और व्यवहार में चिड़चिड़ापन बढ़ता जा रहा था। जब भाई ने समझाने की कोशिश की और मोबाइल पर रोक लगाई, तो किशोर ने इसे अपनी स्वतंत्रता पर हमला समझा और बिना किसी को बताए घर से निकल पड़ा। पुलिस को सूचना दी गई। परिजनों के चेहरों पर घबराहट थी और मोहल्ले में खलबली मच गई। बाद में किशोर को सकुशल ढूंढ लिया गया, लेकिन यह घटना उस बड़ी समस्या की ओर उंगली उठाती है जो आज देश के हर शहर में पैर पसार रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार, मोबाइल की लत अब ड्रग्स और शराब की तरह ही खतरनाक श्रेणी में आ गई है। कई मामलों में बच्चों को डी-एडिक्शन की प्रक्रिया से गुजारना पड़ता है। गेम की लत में पड़े किशोरों के मामलों में यह सामने आया है कि पढ़ाई में गिरावट के बाद परिजनों की डांट किशोरों को घर छोड़ने तक के खतरनाक कदम उठाने पर मजबूर कर देती है।

दूसरी घटना: बारात में पहुंची गर्लफ्रेंड, खुशी बन गई मातम

ग्रेटर नोएडा में तो और भी चौंकाने वाला दृश्य सामने आया। घोड़ी पर सजा-धजा दूल्हा बारात लेकर निकला था। बैंड-बाजे की धुन थी, परिवार के चेहरों पर खुशी थी और दुल्हन पक्ष स्वागत की तैयारी में लगा था। तभी नाटकीय मोड़ आया — दूल्हे की पुरानी गर्लफ्रेंड वहाँ पहुंच गई। उसने आरोप लगाया कि दोनों के बीच सालों पुराना प्रेम संबंध था और दूल्हे ने शादी का वादा किया था, लेकिन अब वह किसी और से ब्याह रचा रहा है। ऐसी ही एक घटना में दूल्हा घोड़ी पर बैठा था, तभी प्रेमिका अपनी मां के साथ मौके पर पहुंच गई और बारात को बीच में रुकवा दिया। प्रेमिका ने आरोप लगाया कि दूल्हा पिछले पांच साल से उसके साथ रिलेशनशिप में है और अब दूसरी जगह शादी कर रहा है।  पुलिस को सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंची और दूल्हे को थाने ले गई। युवती अपने दावों पर अड़ी रही और पुलिस को सबूत के तौर पर मोबाइल में कुछ तस्वीरें और पुराने मैसेज भी दिखाए। दुल्हन पक्ष इस धोखे से गहरे सदमे में था और उन्होंने फिलहाल शादी करने से इनकार कर दिया।

सोशल मीडिया पर उबाल: जनता ने क्या कहा?

दोनों घटनाओं की खबर फैलते ही सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाओं का सैलाब आ गया। X (पूर्व ट्विटर), Facebook और Instagram पर हजारों कमेंट्स आए। लोगों की राय दो हिस्सों में बंटी दिखी।

मोबाइल लत के मुद्दे पर:

एक यूजर ने लिखा — “जब घर में बच्चों से बातचीत बंद हो जाती है, तो मोबाइल उनका सबसे अच्छा दोस्त बन जाता है। दोष बच्चे का नहीं, माहौल का है।” एक अन्य ने तंज किया — “पहले माता-पिता ने खुद मोबाइल थमाया, अब डांट रहे हैं — यह दोहरापन कब तक चलेगा?” कुछ लोगों ने पैरेंट्स का पक्ष लेते हुए लिखा — “भाई ने सही किया। अगर आज नहीं रोका, तो कल यही बच्चा पढ़ाई छोड़ देगा।” वहीं मनोवैज्ञानिकों ने सोशल मीडिया पर चेतावनी दी कि सोशल मीडिया की लत, माता-पिता की अनदेखी और एकल परिवारों में बच्चों की गतिविधियों पर नजर न रख पाना इन भागने की घटनाओं के प्रमुख कारण हैं।

बारात वाली घटना पर:

इस मामले ने और भी ज्यादा वायरल प्रतिक्रियाएं बटोरीं। महिलाओं की तरफ से जबरदस्त समर्थन आया। एक महिला यूजर ने लिखा — “उस लड़की की हिम्मत को सलाम जो बारात रुकवाने थाने तक गई। चुप रहना सबसे आसान था, लेकिन उसने न्याय माँगा।” एक युवक ने व्यंग्य में लिखा — “यार, अब तो शादी से पहले गर्लफ्रेंड को क्लियरेंस सर्टिफिकेट देना होगा!” कुछ ने दूल्हे को खलनायक बताया, तो कुछ ने कहा — “बिना दोनों पक्षों की सुनवाई के फैसला करना गलत है।” इस तरह की घटनाएं उस गहरे सामाजिक संकट की ओर इशारा करती हैं जहाँ डिजिटल रिश्ते, झूठे वादे और कमज़ोर सामाजिक सुरक्षा तंत्र मिलकर कई जिंदगियाँ तबाह कर देते हैं।

विशेषज्ञों की राय: यह महज खबर नहीं, समाज का आईना है

मनोचिकित्सकों और समाजशास्त्रियों ने इन घटनाओं को अलग-अलग नहीं, बल्कि एक ही बड़े सामाजिक संकट के दो चेहरे बताया। भारत में 18 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग को लेकर केंद्र सरकार ने मसौदा जारी किया है जिसमें बच्चों को अकाउंट बनाने से पहले माता-पिता की सहमति अनिवार्य करने की बात कही गई है। WHO की रिपोर्ट बताती है कि दुनियाभर में 10% से अधिक किशोर सोशल मीडिया के इस्तेमाल से नकारात्मक रूप से प्रभावित होते हैं। एक समाजशास्त्री ने नाम न छापने की शर्त पर कहा — “नोएडा जैसे शहर जहाँ एकल परिवार, व्यस्त जीवनशैली और डिजिटल दुनिया एक साथ हैं, वहाँ बच्चों और युवाओं का भटकाव तेज़ी से बढ़ रहा है। मोबाइल छीनना समाधान नहीं है — संवाद की जरूरत है।” बारात वाले मामले पर एक कानूनी विशेषज्ञ ने कहा — “झूठे वादे पर रिश्ते बनाना और फिर धोखा देना आईपीसी की धाराओं के तहत दंडनीय है। ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं, इसलिए युवाओं को जागरूक होने की जरूरत है।”

आम जनता की आवाज़: “कहाँ जा रहे हैं हम?”

नोएडा सेक्टर-62 के रहने वाले रमेश वर्मा ने कहा — “मेरा 14 साल का बेटा भी घंटों फोन पर बैठा रहता है। मुझे डर लगता है कि एक दिन वो भी कुछ ऐसा न कर बैठे।” ग्रेटर नोएडा की गृहिणी सुनीता देवी ने कहा — “जब बेटा घोड़ी पर बैठे और गर्लफ्रेंड सामने आ जाए, तो दुल्हन के परिवार पर क्या गुजरती होगी? यह धोखा है, और इसे समाज बर्दाश्त नहीं करेगा।” पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अभिभावकों को सतर्क और संवादशील होने की जरूरत है। अगर बच्चा बार-बार महंगी चीजों की मांग करे या व्यवहार में बदलाव आए, तो उसका कारण जानने की कोशिश करें — नजरअंदाजी न करें।

यह भी पढ़ें: नोएडा में वेतन वृद्धि पर अनिश्चितता, Motherson समेत कई फैक्टरियों के श्रमिकों को अभी भी नहीं मिला बढ़ा हुआ वेतन, महंगाई में बढ़ रही बेचैनी 

यहां से शेयर करें