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इस गिरोह के कारनामें कर देंगे हैरानः पहले दिलाते थे लोन फिर ऐसे करते थे अवैध वसूली, जानिए पूरी कहानी – जय हिन्द जनाब इस गिरोह के कारनामें कर देंगे हैरानः पहले दिलाते थे लोन फिर ऐसे करते थे अवैध वसूली, जानिए पूरी कहानी – जय हिन्द जनाब

इस गिरोह के कारनामें कर देंगे हैरानः पहले दिलाते थे लोन फिर ऐसे करते थे अवैध वसूली, जानिए पूरी कहानी

Greater Noida Police Busted illegal Loan Gang: आमतौर पर आपको जब लोन की जरूरत होती है तो कई बैंको का दरवाजा खटखटाते हैं, लेकिन जब आपके कागजातों में कोई कमी हो या एलिजिबिलिटी नहीं बन रही है, तब आप ऐसे फाइनेंसर्स के पास जाते हैं जो आसानी से आपको पैसा दे सकते हैं, लेकिन यह फाइनेंसर्स ना जाने आपसे कितने रुपए वसूल लेते हैं। मगर इनका पैसा फिर भी खड़ा रहता है। थाना सूरजपुर पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो पहले लोन दिलाता था फिर अवैध वसूली के अपनाता था। इतना ही नहीं लोगों का अपहरण तक कर लेता था।
थाना सूरजपुर पुलिस के साथ सीआरटी और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में लोन दिलाने के नाम पर अपहरण करने वाले गिरोह का पदार्फाश हुआ है। पुलिस ने पांच अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से दो लग्जरी कारें, 75 हजार रुपये नकद, एक महंगी घड़ी, तीन मोबाइल फोन, आठ एटीएमध्आधार कार्ड, एक लैपटॉप, दो चेकबुक और अवैध शस्त्र बरामद किए हैं। पुलिस ने अपहृत दो लोगों को भी सकुशल छुड़ा लिया।

डीसीपी ने बताया कैसे करते थे अवैध वसूली

डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी रोहित (पुत्र संजय दहिया), प्रदीप मलिक (पुत्र रनवीर मलिक), सचिन (पुत्र जयपाल सिंह), आशीष (पुत्र कुशलपाल) और राहुल (पुत्र सुनील कुमार) हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से 12 जून की रात यूनिटैक होराइजन सोसाइटी, पाई-2 ग्रेटर नोएडा से अपहृत चंद्रपाल यादव (65) और उनके चालक सचिन (27) को सकुशल बरामद किया। अपहरणकर्ताओं के पास से लूटी गई फॉर्च्यूनर और सोनेट कार, नगदी, लैपटॉप, घड़ी, मोबाइल फोन और अवैध तमंचे भी बरामद हुए हैं। डीसीपी ने बताया कि आरोपी अपने साथी प्रवेंद्र और सुरेश दलाल (निवासी सोनीपत, हरियाणा) के साथ मिलकर कारोबारियों को लोन दिलाने का झांसा देते थे। वे जानबूझकर अपने निजी खातों से बड़ी रकम उनके खाते में डालते और फिर 30 प्रतिशत प्रतिमाह ब्याज की मांग करते। न देने पर व्यापारियों का अपहरण कर उनसे जबरन रकम वसूलते थे।
इसी तरह चंद्रपाल यादव की कंपनी को प्रवेंद्र ने सितंबर 2024 में 3 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। बाद में ब्याज समेत 3.17 करोड़ रुपये वसूलने के बावजूद आरोपी और 3 करोड़ रुपये की मांग करने लगे। असमर्थता जताने पर 12 जून की रात चंद्रपाल यादव और उनके ड्राइवर का अपहरण कर लिया।
पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए नोएडा में दोनों अपहृत को छुड़ाकर गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
गिरोह का तरीका
अभियुक्त अपने सूत्रों से ऐसे व्यापारियों को तलाशते जिन्हें मोटे लोन की जरूरत होती। फिर निजी पैसा उनके खाते में डालकर अधिक ब्याज की मांग करते और असफल होने पर अपहरण कर धमकियां देते थे।

 

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