नोएडा के सेक्टर-79 की महागुन मिराबेला सोसायटी की बेसमेंट पार्किंग में देर रात हुआ दर्दनाक हादसा, सीसीटीवी में कैद हुई पूरी वारदात

सोसायटी की पार्किंग बनी मौत का कुआं, बेकाबू कार ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर मां और मासूम बेटी को रौंदा, महिला की हालत गंभीर

उत्तर प्रदेश के नोएडा जिले के सेक्टर-79 स्थित महागुन मिराबेला हाउसिंग सोसायटी में रविवार की देर रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। सोसायटी की बेसमेंट पार्किंग में एक तेज रफ्तार कार ने एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर महिला और उसकी पाँच वर्षीया मासूम बेटी को बुरी तरह कुचल दिया, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गईं। पूरी घटना सोसायटी के सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है।

क्या हुआ उस रात?

घटना रविवार रात करीब 11 बजे की है। सोसायटी निवासी अरुण शर्मा अपनी पत्नी कृतिका शर्मा और दोनों बेटियों के साथ कार से सामान उतारकर अपने फ्लैट की ओर जा रहे थे। इसी दौरान बेसमेंट पार्किंग के एक मोड़ पर तेज गति से आ रही होंडा अमेज कार ने कृतिका शर्मा और उनकी छोटी बेटी को सीधे टक्कर मार दी। घटना इतनी अचानक और तेज़ रफ्तार में हुई कि परिवार को संभलने का ज़रा भी मौका नहीं मिला। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मां और बेटी दोनों कार के नीचे फंस गईं। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और करीब चार मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को वाहन के नीचे से बाहर निकाला गया।

पीड़ितों की स्थिति

पांच वर्षीय बच्ची को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। हालांकि कृतिका शर्मा की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। हादसे में उनकी कई पसलियां टूट गई हैं और पेट तथा कंधे में भी गंभीर चोटें आई हैं। डॉक्टरों को उनकी सर्जरी करनी पड़ी और फिलहाल उनका इलाज जारी है।

40 की रफ्तार, सीमा थी सिर्फ 10!

सोसायटी के निवासियों के अनुसार बेसमेंट पार्किंग में वाहनों की अधिकतम गति सीमा 10 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित है। इसके बावजूद हादसे के समय आरोपी कार की रफ्तार लगभग 40 किलोमीटर प्रति घंटा बताई जा रही है। यानी चालक ने निर्धारित सीमा से चार गुना अधिक रफ्तार में वाहन चलाया, जिसकी कीमत एक मां और उसकी मासूम बेटी को अपनी जान जोखिम में डालकर चुकानी पड़ी।

पुलिस की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही थाना सेक्टर-113 की पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी चालक को तत्काल हिरासत में ले लिया। पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, चालक का मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें उसके नशे में होने की पुष्टि नहीं हुई। ऐसे में अब यह सवाल उठ रहा है कि बिना नशे के भी इतनी लापरवाही से गाड़ी चलाना किस मानसिकता का परिचय देता है।

सोसायटी में उठे सवाल

घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पार्किंग क्षेत्र में वाहनों की गति सीमा और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। निवासियों का आक्रोश है कि सोसायटी प्रबंधन की ओर से पार्किंग में स्पीड ब्रेकर या प्रभावी निगरानी का कोई पुख्ता इंतज़ाम नहीं था। जब तक प्रशासन और सोसायटी प्रबंधन ऐसी घटनाओं को गंभीरता से नहीं लेंगे, तब तक ऐसे हादसे आवासीय परिसरों में भी आम लोगों की जान के लिए ख़तरा बने रहेंगे।

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