नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र में एक बार फिर आग की भयावह घटना ने हड़कंप मचा दिया। आज सेक्टर-8 के F-128 स्थित एक गत्ते (कार्डबोर्ड) की फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 10 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। आग लगने से फैक्ट्री में काम कर रहे मजदूरों और आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई, हालांकि किसी की जान जाने की खबर नहीं है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के समय फैक्ट्री में अचानक धुआं उठना शुरू हुआ और कुछ ही देर में आग की लपटें ऊंची-ऊंची दिखने लगीं। फैक्ट्री में भारी मात्रा में गत्ता, कागज और अन्य ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आग तेजी से फैली। दमकल कर्मियों ने आसपास के इलाके में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करते हुए मल्टी-डायरेक्शनल हमले से आग बुझाई। आग बुझाने में कई घंटे लग गए। आम जनता और मजदूरों की प्रतिक्रियाएं फैक्ट्री के मजदूर रामप्रकाश (नाम बदलकर) ने बताया, “हम लोग काम कर रहे थे कि अचानक धुआं भर गया। भागने में हड़कंप मच गया। कुछ साथी धुएं में घुटन महसूस कर रहे थे। शुक्र है कि दमकल की गाड़ियां जल्दी पहुंच गईं वरना बड़ा हादसा हो सकता था।” आसपास के सेक्टर-8 और सेक्टर-7 के रहने वाले स्थानीय निवासी अजय सिंह ने कहा, “ऐसी फैक्टरियों में सुरक्षा उपायों की कमी होती है। आग लगने पर घंटों इंतजार करना पड़ता है। नोएडा अथॉरिटी और फायर विभाग को इन छोटी-बड़ी फैक्टरियों पर सख्त नजर रखनी चाहिए।” कई लोगों ने सोशल मीडिया पर घटना की तस्वीरें और वीडियो शेयर करते हुए प्रशासन से बेहतर फायर सेफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग की।
कारण अभी अज्ञात, जांच शुरू फिलहाल आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट, विद्युत दोष या काम के दौरान किसी ज्वलनशील पदार्थ से चिंगारी निकलने की आशंका जताई जा रही है। नोएडा फायर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि “आग पूरी तरह बुझा दी गई है। कोई हताहत नहीं हुआ। हम कारणों की गहन जांच कर रहे हैं। फैक्ट्री मालिक से पूछताछ की जाएगी और सेफ्टी नॉर्म्स की अनुपालन रिपोर्ट मांगी जाएगी।” नोएडा में औद्योगिक इकाइयों में आग की घटनाएं समय-समय पर होती रहती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि गत्ते, प्लास्टिक और अन्य ज्वलनशील सामग्रियों से भरी फैक्टरियों में फायर अलार्म, स्प्रिंकलर सिस्टम, नियमित मॉक ड्रिल और इलेक्ट्रिकल वायरिंग की नियमित जांच अत्यंत जरूरी है। कई फैक्टरियों में ये बुनियादी सुविधाएं नाकाफी पाई जाती हैं।
गौतम बुद्ध नगर, “सीएफओ” प्रदीप कुमार चौबे ने बताया: आज दिनांक 02.04.2026 को थाना फेस-1 क्षेत्रांतर्गत F-127, सेक्टर-8, नोएडा स्थित गत्ते की फैक्ट्री में आग लगने की सूचना प्राप्त हुई। “फायर सर्विस कंट्रोल रूम के माध्यम से एमडीटी के माध्यम से हम लोग को सूचना प्राप्त हुई कि सेक्टर 8 में एफ-127 ब्लॉक है, यहाँ पे आग लग गई है। त्वरित कार्रवाई करते हुए हमने यहाँ दो यूनिट भेजी है। यहाँ आके देखा गया कि ये गत्ते की फैक्ट्री है और यहाँ पे काफी ज़्यादा आग लगी हुई है। हमने तत्काल प्रभाव से अन्य-अन्य फायर स्टेशनों से कुल 8 से 10 गाड़ियाँ यहाँ भेजी है। यहाँ हमारे बहादुर कर्मचारी बी.ए. सेट पहन के दूसरी फैक्ट्री की मदद से और अंदर घुस के फैक्ट्री के, आग बुझाना प्रारम्भ किया है। आग लगभग डेढ़ से दो घंटे फायर फाइटिंग के बाद हमने बुझा दिया है। ये आग सम्भवतः हमें देर से इन्होंने सूचना दी थी, आग काफी फैल गई थी इससे और इसमें अच्छी बात ये है कि कोई भी फंसा हुआ नहीं था, कोई भी इंजरी नहीं है, कोई भी जनहानि नहीं है, आग को पूर्णतः बुझा दिया है।”
प्रशासन की प्रतिक्रिया नोएडा अथॉरिटी और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने फैक्ट्री संचालकों को सख्त चेतावनी दी कि यदि सुरक्षा मानकों में कोई कमी पाई गई तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय पुलिस ने इलाके में यातायात को सुचारू रखने के लिए वैकल्पिक रास्ते तय किए। यह घटना एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में फायर सेफ्टी पर सवाल खड़े करती है। नोएडा जैसे घनी आबादी वाले शहर में ऐसी लापरवाही बड़े हादसों को न्योता दे सकती है। प्रशासन से अपील है कि सभी फैक्टरियों का सेफ्टी ऑडिट कराया जाए और मजदूरों को प्रशिक्षण दिया जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
अपडेट: आग बुझने के बाद फैक्ट्री में क्षति का आकलन किया जा रहा है। मालिकों का अनुमान है कि लाखों रुपये का गत्ता और मशीनरी जलकर राख हो गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। नोएडा ट्रैफिक पुलिस और फायर विभाग की त्वरित प्रतिक्रिया सराहनीय रही, लेकिन लंबे समय में औद्योगिक सुरक्षा को मजबूत बनाने की जरूरत है। आम नागरिकों और मजदूरों की सुरक्षा सर्वोपरि है।

