नोएडा, सेक्टर 39 थाना पुलिस ने पेट्रोल पंप और लोगों की सहानुभूति का लाभ उठाकर सवारियों को लिफ्ट देने के बाद उन्हें डराकर एटीएम बूथ पर ले जाकर जबरन पैसे निकालवाने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके सरगना समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट/हैचबैक नहीं, बल्कि एक लोकप्रिय इनोवा-स्टाइल एमपीवी पहचान की गई—मारुति अर्टिगा कार—भी बरामद कर ली है।
पुलिस निरीक्षक (सेक्टर 39) ने बताया कि पूछताछ और तकनीकी निगरानी के बाद संदेहियों के खिलाफ मजबूत सबूत एकत्रित किए गए। आरोपियों के खिलाफ लूट, झूठे आश्वासन देकर धन हड़पने तथा हवाई फर्जीवाड़े (धمकी देकर जबरन धन निकालवाने) के गंभीर आरोप लगाये गए हैं। गिरफ्तार चारों आरोपियों की पहचान राजीव (28), मुकेश (31), विकास (24), संदीप (26) और गिरोह का सर्वाधिक सक्रिय बताया जा रहा सरगना राहुल (33) के रूप में हुई है।
घटना का तरीका-गिरोह से जुड़ी पूछताछ में पुलिस को पता चला कि आरोपियों ने पहले वाहन पार्किंग या सड़क किनारे खड़े लोगों को देखा। वे शालीन व भरोसेमंद व्यवहार कर लिफ्ट देने का प्रस्ताव करते और अपने वाहन में बैठाने के बाद तेज़ी से पहचान छिपाने के लिए अलग-अलग जगहों पर ले जाते। रास्ते में वे किसी तरह का डर दिखाकर या नकली पुलिस कॉल/मोबाइल पर भ्रामक सूचना देकर पीड़ितों को भयभीत करते और नजदीकी एटीएम बूथ पर रोककर उनके कार्ड और पिन दर्ज करवा कर मशीन से नकदी निकालने के लिए मजबूर करते थे।
बरामदगी और साक्ष्य: पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अर्टिगा कार सहित एक पर्स, दो मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड और कुछ नकदी बरामद की है। एफएसएल टीम ने वाहन और मोबाइल पर कई डिजिटल साक्ष्य भी कब्जे में लिए हैं, जिनमें कथित रूप से पीड़ितों के साथ की हुई बातचीत और मार्ग-नक्शे के ऑडियो/मैसेज मौजूद होने के संकेत मिल रहे हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि आरोपियों ने कुछ मामलों में नकली पहचान के कागजात दिखाकर लोगों का विश्वास जीतने की कोशिश की।
पुलिस की कार्रवाई और पीड़ितों से अपील: सेक्टर 39 थाना प्रभारी ने कहा कि आरोपी पूछताछ के लिए थाना लेकर आए गए हैं और उनसे आरोपों के संबंध में और विवरण हासिल किया जा रहा है। पुलिस ने शहरवासियों से अनुरोध किया है कि अगर किसी ने हाल ही में लिफ्ट दी हो या ली हो और उनसे मिलने-जुलने वाले संदिग्ध व्यवहार का अनुभव हुआ हो तो तुरंत सेक्टर 39 थाना से संपर्क कर गोपनीय जानकारी साझा करें। साथ ही नागरिकों को सलाह दी गई कि अज्ञात व्यक्तियों से लिफ्ट लेते समय सावधानी बरतें, अकेले बैठने से पहले वाहन के नंबर और चालक की पहचान किसी भरोसेमंद को साझा कर दें, और किसी भी प्रकार की धमकी या दबाव में एटीएम पर पिन न साझा करें।
पुलिस अगले कदम: थाना पुलिस ने आरोपियों के नेटवर्क की गहन जांच शुरू कर दी है और मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज व बैंक ट्रांज़ैक्शन इतिहास खंगालकर यह पता लगाने का कार्य जारी रखा है कि आरोपियों ने कब-कहां कितनी वारदातें अंजाम दीं। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। यह गिरफ्तारी उन घटनाओं के बाद आई है जिनमें हाल के महीनों में नोएडा और आसपास के इलाकों से इस तरह की शिकायतें मिलती रही थीं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की सक्रियता और गतियों का पूर्ण पर्दाफाश कर पीड़ितों को समुचित न्याय दिलाया जाएगा।

