कोचिंग की प्रतिद्वंद्विता खूनी संघर्ष में बदली, सीएम से सुरक्षा की गुहार
बिहार की राजधानी पटना में देश के मशहूर यूट्यूबर शिक्षक और खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक फैसल खान उर्फ ‘खान सर’ का कोचिंग विवाद अब एक बहुपक्षीय कानूनी और सामाजिक संकट का रूप ले चुका है। 2 जून 2026 की रात करीब 10 बजकर 10 मिनट पर कदमकुआं थाना क्षेत्र में स्थित खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग संस्थान परिसर में पथराव और तोड़फोड़ की घटना हुई। इसके बाद जो सिलसिला शुरू हुआ, उसने पूरे पटना की शिक्षा जगत को हिलाकर रख दिया है।
रात का हमला: पथराव, तोड़फोड़ और फायरिंग के दावे
पुलिस के अनुसार अज्ञात लोग जबरदस्ती परिसर में घुस आए, संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट की। घायल गार्ड को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। खान सर रात करीब 11.30 बजे घटनास्थल पर पहुंचे और हमले को असामाजिक तत्वों की करतूत बताया। खान सर ने दावा किया कि हमलावरों ने करीब 8 से 10 राउंड फायरिंग की, कार्यालय में पूरी तरह तोड़फोड़ की और उनके सुरक्षा गार्ड के साथ बुरी तरह मारपीट की। हालांकि, पटना पुलिस ने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि कोचिंग सेंटर के बाहर कोई फायरिंग नहीं हुई, यह केवल पथराव और तोड़फोड़ का मामला था।
ज्ञान बिंदु कोचिंग पर शक की सुई, तीन गिरफ्तार
सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद पुलिस ने पाया कि 15 से 20 लोग जो एक अन्य कोचिंग संस्थान ‘ज्ञान बिंदु कोचिंग’ से जुड़े थे, इस पथराव और तोड़फोड़ में कथित रूप से शामिल थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद, अभिषेक कुमार और गौरव कुमार को गिरफ्तार कर बुधवार को जेल भेज दिया। गिरफ्तारी के बाद रौशन आनंद ने आरोप लगाया कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया जा रहा है और उनके संस्थान को बदनाम करने की कोशिश हो रही है।
नया मोड़: खान सर के गार्ड का फायरिंग वीडियो वायरल, FIR दर्ज
मामला तब और उलझ गया जब ज्ञान बिंदु टीम के आदर्श कुमार ने 3 जून को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक फायरिंग वीडियो शेयर किया और दावा किया कि पूरी घटना पहले से प्लान की गई थी और फायरिंग ‘खान सर के कहने पर’ की गई। वायरल वीडियो में दावा किया गया कि फायरिंग दूसरी ओर से हुई थी और इस मामले में खान सर के दोनों बॉडीगार्ड पर आरोप लगाया गया। इस वायरल वीडियो को संज्ञान में लेते हुए पटना पुलिस ने खान सर के दो गार्ड्स को हिरासत में लेकर कदमकुआं थाने में तीन घंटे तक पूछताछ की और फिर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। फायरिंग वाले वीडियो के सत्यापन के बाद कदमकुआं थाने में खान सर के खिलाफ नई FIR दर्ज की गई है। जिन दो हथियारों से फायरिंग की गई थी, उन्हें सत्यापन के लिए पुलिस ने जब्त कर लिया।
छात्रों का सड़क पर बवाल — “सर को सुरक्षा दो, तभी हटेंगे”
हमले के अगले दिन बुधवार सुबह बड़ी संख्या में छात्र सड़क पर उतर आए। खान सर ने क्लास लेने से इनकार कर दिया और साफ कहा कि आज पढ़ाई नहीं होगी। इसके बाद छात्रों ने कोचिंग परिसर के बाहर ‘खान सर जिंदाबाद’ के नारे लगाते हुए सड़क पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों ने मांग की कि जब तक खान सर को पूरी सुरक्षा नहीं दी जाती, वे कोचिंग के बाहर से नहीं हटेंगे। हमले के बाद खान ग्लोबल स्टडीज को अस्थायी रूप से बंद रखने का फैसला लिया गया, जिससे भारी संख्या में छात्र कोचिंग परिसर के बाहर जमा हो गए। इधर, ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद की गिरफ्तारी के विरोध में उनके समर्थक छात्रों ने पटना के कारगिल चौक पर कैंडल मार्च निकाला और मांग की कि उन्हें गलत तरीके से फंसाया जा रहा है।
खान सर ने सीएम से मांगी सुरक्षा, प्रशासन का आश्वासन
खान सर ने आरोप लगाया कि प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थानों ने उनके खिलाफ साजिश रची है। उन्होंने कहा कि हाल ही में बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा में उनके संस्थान से हजारों छात्रों का चयन हुआ, जिससे जलकर और उनकी कम फीस नीति से चिढ़कर कुछ तथाकथित शिक्षकों ने दो दिनों के भीतर संस्थान को बम से उड़ाने की लिखित धमकी दी। खान सर ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि पुलिस की अब तक की कार्रवाई से वे संतुष्ट हैं। पूरी रात 50-60 पुलिसकर्मी कोचिंग परिसर में मौजूद रहे। उन्होंने सीएम से परिसर के पास एक स्थायी पुलिस चौकी और विशेष सुरक्षा की मांग की है। एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने घटना को गंभीरता से लेते हुए कहा कि इस वारदात में शामिल जो भी लोग हैं, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
पृष्ठभूमि: कोचिंग माफिया बनाम सस्ती शिक्षा का संघर्ष
इस पूरे मामले ने पटना में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों और छात्रों के बीच एक व्यापक बहस छेड़ दी है, जहां कोचिंग संस्थान आपसी प्रतिद्वंद्विता के चलते इस हद तक जा रहे हैं। खान सर देश भर में करोड़ों छात्रों के बीच अपनी कम फीस और सरल शिक्षण शैली के लिए लोकप्रिय हैं। यह पहला मौका नहीं है जब वे विवादों में घिरे हों, इससे पहले बीपीएससी और रेलवे भर्ती परीक्षा विवाद में भी वे चर्चा के केंद्र में रहे थे। अभी मामले की जांच जारी है। पुलिस यह निर्धारित करने की कोशिश कर रही है कि पहले हमला किसने शुरू किया, फायरिंग हुई या नहीं, और क्या यह पूरी घटना कोचिंग प्रतिद्वंद्विता की किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है। पटना की सड़कों पर दो खेमों के छात्र आमने-सामने हैं — एक खान सर की सुरक्षा मांग रहा है, दूसरा रौशन आनंद की रिहाई। यह विवाद अब सिर्फ दो कोचिंग संस्थानों का नहीं, बल्कि बिहार की शिक्षा व्यवस्था की जड़ों को हिलाने वाला सवाल बन चुका है।
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