दिल्ली होटल अग्निकांड: 21 की मौत, आरोपी मालिक लवकेश बजाज की पुरानी करतूतें भी उजागर, नकली पासपोर्ट कांड से जुड़े थे तार

दक्षिण दिल्ली के मालवीया नगर स्थित ‘फ्लोरिश स्टेज़ बेड एंड ब्रेकफास्ट’ होटल में 3 जून को लगी भीषण आग ने 21 लोगों की जान ले ली। इस दर्दनाक हादसे में 21 मृतकों में से 11 विदेशी नागरिक थे जिनमें नौ अफ्रीकी और दो तुर्कमेनिस्तान के नागरिक शामिल थे, जबकि शेष भारतीय थे। घायलों की संख्या 35 रही, जिनमें से कम से कम 19 की हालत गंभीर बनी रही। लेकिन जैसे-जैसे जाँच आगे बढ़ी, होटल मालिक लवकेश बजाज का एक और स्याह अध्याय सामने आने लगा, नकली पासपोर्ट और बांग्लादेशी नागरिकों से जुड़े पुराने मामले।

कौन है लवकेश बजाज?

दिल्ली पुलिस ने होटल भवन के मालिक लवकेश बजाज को 3 जून को भीषण आग लगने के कुछ घंटों बाद ही गिरफ्तार कर लिया। बजाज की उम्र 50 के आसपास बताई जाती है और वे दक्षिण दिल्ली के साकेत इलाके के निवासी हैं। पर्यटन विभाग का लाइसेंस उनके अकाउंटेंट जय मिश्रा के नाम पर जारी किया गया था। होटल तीन भागीदारों द्वारा चलाया जा रहा था, जो दिल्ली भर में कई अन्य होटल और गेस्टहाउस के मालिक बताए जाते हैं। जाँचकर्ताओं के सामने बजाज ने चौंकाने वाले खुलासे किए। सबसे बड़ा खुलासा यह था कि बी एंड बी लाइसेंस के लिए आवेदन करते समय बजाज ने अपने अकाउंटेंट जय मिश्रा को इमारत का मालिक और निवासी बताया था। बजाज ने कथित रूप से 2022 में यह इमारत एक ऐसे व्यक्ति से खरीदी थी जो इसे गारमेंट फैक्ट्री के रूप में उपयोग कर रहा था। बाद में उन्होंने इसे बेड-एंड-ब्रेकफास्ट होटल में तब्दील कर दिया।

भाग निकले, जलते होटल के पास से गाड़ी दौड़ाते रहे

जाँच के दौरान यह भी सामने आया कि आग लगने के बाद बजाज वहाँ से भाग निकले। उन्होंने कथित तौर पर जलते हुए होटल के सामने से गाड़ी गुज़ारी लेकिन रुके नहीं,  यह जानते हुए भी कि मेहमान आग की लपटों में फँसे हैं। इसके बाद उन्होंने “डर की वजह से” इलाका छोड़ दिया। पुलिस ने बजाज और उनकी पत्नी के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया। जब टीमें उनके घर पहुँचीं तो ताला लगा मिला। अंततः बजाज को गिरफ्तार कर लिया गया।

नकली पासपोर्ट से जुड़ा पुराना काला अध्याय

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार बजाज को पिछले साल ही एक नकली पासपोर्ट मामले में गिरफ्तार किया गया था जो बांग्लादेशी नागरिकों से जुड़ा था। यह तथ्य इस पूरे अग्निकांड की जाँच को एक नई और गंभीर दिशा दे रहा है कि क्या होटल में बांग्लादेशी नागरिकों को फर्जी दस्तावेजों पर ठहराने का खेल भी चल रहा था? दिल्ली पुलिस के IGI एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार इस साल 23 फर्जी एजेंट गिरफ्तार किए गए जो नकली पासपोर्ट से जुड़े मामलों में आरोपी थे इनमें एक बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल था। अवैध रूप से रह रहे 19 विदेशी नागरिकों में से 12 बांग्लादेशी पाए गए।

सुरक्षा उल्लंघन: नियमों की खुली अनदेखी

जाँच में सामने आया कि ‘फ्लोरिश स्टेज़’ को 2024 में दिल्ली की बेड एंड ब्रेकफास्ट पॉलिसी के तहत सिल्वर कैटेगरी में केवल छह कमरों का लाइसेंस मिला था, जो 2027 तक वैध था। लेकिन वास्तव में होटल में 26 कमरे चल रहे थे।  होटल में आग की अनिवार्य एनओसी (No Objection Certificate) भी नहीं थी। यह होटल एक भीड़भाड़ वाली गली में चल रहा था। दिल्ली पुलिस ने बजाज के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या), धारा 326-जी (आग द्वारा शरारत), धारा 324 (5) (बड़े पैमाने पर संपत्ति को नुकसान), धारा 125 (जान-माल को खतरे में डालना) और धारा 287 (आग के साथ लापरवाही) के तहत मामला दर्ज किया है।

साकेत कोर्ट ने भेजा पुलिस रिमांड पर

साकेत कोर्ट ने जज भानु प्रताप सिंह की अदालत में पेश होने के बाद लवकेश बजाज को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। अदालत से रिमांड मिलने के बाद बजाज को मालवीया नगर थाने लाया गया जहाँ वह अगले चार दिनों तक पूछताछ के दायरे में रहेंगे। मीडिया के सामने बजाज पूरी तरह खामोश रहे, एक भी सवाल का जवाब नहीं दिया।

दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला बीएनबी नीति वापस

इस भीषण अग्निकांड के बाद दिल्ली सरकार ने अपनी बेड एंड ब्रेकफास्ट (BnB) पॉलिसी को वापस लेने और उस नीति के तहत लाइसेंस पाने वाले सभी प्रतिष्ठानों की समीक्षा का फैसला किया। पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने यह घोषणा की।

पृष्ठभूमि: दिल्ली-NCR में अवैध प्रवासियों पर कार्रवाई

यह मामला तब और संवेदनशील हो जाता है जब पता चलता है कि दिल्ली में इस समय अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ विशेष अभियान चल रहा है। दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के निर्देश पर दिल्ली-एनसीआर में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए पहले से विशेष अभियान चल रहा था। इस दौरान पिछले एक महीने में 12 बांग्लादेशी नागरिकों को निर्वासित किया गया।

FSL टीम मौके पर, जाँच जारी

FSL (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम ने होटल की जाँच की। रूफ एग्जिट बंद मिला जिसने लोगों के भागने का रास्ता रोक दिया। पाँच विशेष टीमें गठित की गई हैं। मामले की जाँच अभी जारी है। पुलिस बजाज के अन्य होटलों और व्यावसायिक गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है। जय मिश्रा जिनके नाम पर लाइसेंस था अभी भी फरार हैं।

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