Land mafia wreaks havoc under Yogi’s rule: लखनऊ/गाजियाबाद। योगी आदित्यनाथ सरकार में कानून व्यवस्था का दावा करने वाली व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्राम गढ़ी चौखंडी, थाना फेस-3 के पास रहने वाली स्नेहा शर्मा ने आरोप लगाया है कि बीजेपी मंडल अध्यक्ष दीनबंधु और उनके साथी निर्भय, प्रमोद तथा वीरेंद्र भगत ने उनकी मेहनत की कमाई से खरीदी 100 गज संपत्ति पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की। स्नेहा शर्मा बताती हैं कि उन्होंने करीब एक महीने पहले यह प्रॉपर्टी अपने जमा पूंजी से खरीदी थी। 23 जुलाई को भूमि पूजन कराया, 24 तारीख को मटेरियल गिरवाया और चारदीवारी तथा गेट पर ताला लगाकर अपना कब्जा कर लिया। लेकिन अगले ही दिन 25 जुलाई को दीनबंधु मंडल अध्यक्ष समेत 3-4 लोग वहां पहुंचे और दावा करने लगे कि यह उनकी संपत्ति है।
पीड़िता का आरोप है कि ये लोग गन लेकर खड़े रहते हैं, बार-बार धमकाते हैं कि “यहां से चली जाओ”, ताला तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश करते हैं और उनके माता-पिता को जान से मारने की धमकी देते हैं। स्नेहा शर्मा ने कई बार 112 पर कॉल भी किया। उन्होंने कहा, “मैंने बहुत मुश्किल से एक-एक पैसे जोड़कर यह प्रॉपर्टी ली है। ये भू-माफिया हैं, दबंग हैं और खुद को नेता बताते हैं। योगी जी की सरकार में जब उनकी बेटी ही सुरक्षित नहीं, तो और बेटियों का क्या होगा? मेरी बस यही दरखास्त है कि मेरी संपत्ति दिलवा दी जाए।”
कथित अंदरूनी बातचीत का खुलासा
एक क्लिप में कमरे के अंदर कथित बातचीत भी सामने आई है, जिसमें व्यक्ति 1 और व्यक्ति 2 के बीच 5 लाख रुपये, वीरेंद्र भगत को 3 लाख देने और रिकॉर्ड की चर्चा हो रही है। बातचीत में “बाहरी लोगों” की संपत्ति और पैसे के लेन-देन का जिक्र है, जिससे भूमि विवाद में धन का लेन-देन होने के आरोप और मजबूत होते दिख रहे हैं।
पीड़िता की गुहार
स्नेहा शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधे अपील की है कि उनकी संपत्ति उन्हें वापस दिलवाई जाए। उन्होंने कहा कि ये लोग हमेशा गुंडे लगाकर बैठे रहते हैं और जबरन कब्जा करने की कोशिश जारी रखते हैं। पुलिस और प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस से कार्रवाई की मांग की जा रही है।

