स्थानीय लोगों ने सीजेपी के सौरव दास को स्कूल से खदेड़ा

ग्रेटर नोएडा। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सह-संयोजक सौरव दास की ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत सरकारी स्कूलों के निरीक्षण की कोशिश मंगलवार को विवाद में बदल गई। स्थानीय निवासियों ने उन्हें स्कूल परिसर में प्रवेश से रोक दिया और साफ कहा कि उनके स्कूलों में सब ठीक है। दास ने आरोप लगाया कि यूपी सरकार ने उनके आने से पहले स्कूलों पर ताले लगवा दिए और टीम पर निगरानी भी रखी जा रही है।

दास और उनकी टीम देवला, मकौड़ा और जैतपुर वैशपुर के सरकारी प्राथमिक स्कूलों में पहुंची थी। तीनों जगहों पर प्रवेश नहीं मिला। देवला स्कूल के बाहर पुलिस भी तैनात बताई गई। शिक्षकों ने बीएसए (बेसिक शिक्षा अधिकारी) के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसलिए बाहर से आए लोगों को अंदर नहीं आने दिया जाएगा। वीडियो में स्थानीय लोग दास से कह रहे हैं- “हम यहीं रहते हैं, हमारे स्कूल ठीक हैं। आप वापस जाएं। शिकायत करने वालों का कोई स्वार्थ हो सकता है या पैसे लिए होंगे।” कुछ जगहों पर धक्का-मुक्की की नौबत भी आ गई, लेकिन पुलिस और अन्य लोगों के हस्तक्षेप से स्थिति नियंत्रित रही।

सौरव दास ने सोशल मीडिया पर लिखा, “ग्रेटर नोएडा में आज। यह दूसरा ज्ञान का मंदिर है जो हमारे आने के इंतजार में ताला लगा मिला। स्कूल को शिक्षा का मंदिर भी कहा जाता है। लेकिन आज यूपी सरकार ने ग्रेटर नोएडा के सारे मंदिरों पर ताले लगा दिए हैं। यूपी सरकार को इतना भय क्यों है?” उन्होंने बिना नंबर प्लेट वाली कार की तस्वीर भी साझा कर आरोप लगाया कि सरकार उनकी निगरानी कर रही है। देवला में लॉक स्कूल के बाहर छात्रों से बात करते हुए उन्होंने जलभराव वाली सड़कों का जिक्र किया और कहा कि बच्चे रोज नाव से आते-जाते हैं। उन्होंने बीजेपी सांसद महेश शर्मा द्वारा पास के गांव गोद लेने का भी जिक्र किया।

यह घटना सितंबर 15 की नोएडा निरीक्षण के एक हफ्ते बाद हुई। उस दिन दास की टीम ने गढ़ी चौखंडी प्राथमिक स्कूल में प्रवेश पाकर गंदे शौचालय, टूटे गेट और पुरानी इमारत (1968 में बनी) की स्थिति दिखाई थी। बाद में उन्होंने दावा किया कि अन्य चार स्कूलों में प्रवेश नहीं दिया गया और प्रशासन ने स्कूल बंद करने के आदेश दे दिए। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने इसे “पूरी तरह गलत और भ्रामक” बताते हुए साफ किया कि कोई बंद करने का आदेश नहीं जारी हुआ। सभी परिषदीय स्कूल समय सारिणी के अनुसार चल रहे हैं।

अमर उजाला की टीम द्वारा मौके पर किए गए जायजे में मकौड़ा और जैतपुर वैशपुर स्कूलों में सुविधाएं अपेक्षाकृत बेहतर बताई गईं। देवला में सड़कों की खराब हालत मुख्य समस्या बताई गई। बीएसए पंवार ने कहा कि 20-25 लोगों की भीड़ को स्कूल में कैसे आने दिया जाए, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो। सीजेपी का ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान 15 अगस्त से शुरू हुआ है। यह संगठन पहले जंतर-मंतर पर शिक्षा संबंधी मुद्दों पर प्रदर्शन कर चुका है। राजस्थान में पहले भी इसके सदस्यों पर हमला हुआ था। समर्थक इसे नागरिक निगरानी बताते हैं, जबकि आलोचक स्कूलों में बिना अनुमति प्रवेश और राजनीतिक दबाव बनाने के तरीकों पर सवाल उठाते हैं।

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