Satya Niketan PG Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी बिल्डिंग ढही, 1 की मौत, कई छात्र मलबे में फंसे; रेस्क्यू जारी

Satya Niketan PG Collapse: नई दिल्ली, रविवार दोपहर दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन इलाके में एक बहुमंजिला बिल्डिंग ढह गई। यह इमारत ‘हॉस्टल डेज’ नामक बॉयज पेइंग गेस्ट (पीजी) के रूप में इस्तेमाल हो रही थी। हादसे में एक व्यक्ति की मौत की खबर है, जबकि कई छात्र मलबे के नीचे फंसे होने की आशंका है। अब तक कई लोगों को बचाया जा चुका है, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, पुलिस और अन्य एजेंसियां रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं।

घटना दोपहर करीब 1:30 से 1:34 बजे के बीच नानकपुरा गुरुद्वारे/शिव मंदिर के पास हुई। दिल्ली फायर सर्विस को 1:33 बजे सूचना मिली और साउथ कैंपस पुलिस स्टेशन को PCR कॉल 1:34 बजे आया। पांच से छह मंजिला बताई जा रही इस इमारत में बॉयज पीजी चल रहा था, जिसमें करीब 75 बेड थे और किराया लगभग 15 हजार रुपये मासिक बताया जाता है। इमारत के मालिक आनंद बंसल बताए जा रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स में पास की एक और इमारत के भी प्रभावित होने या ढहने का जिक्र है।

चश्मदीदों के अनुसार अचानक भूकंप जैसी गड़गड़ाहट हुई और धूल-धुआं फैल गया। मलबे के नीचे से “बचाओ, बचाओ” की चीखें सुनाई दे रही थीं। कुछ फंसे हुए छात्र फोन पर भी संपर्क कर रहे थे। अनुमान अलग-अलग हैं—कुछ गवाह 20-30 या 25-30 छात्रों के फंसे होने की बात कह रहे हैं, जबकि पुलिस की प्रारंभिक जानकारी में इमारत में 40-50 छात्र होने की संभावना जताई गई। रविवार होने के कारण कई छात्र घर गए हुए थे, जिससे संभावित नुकसान कम हो सकता है।

रेस्क्यू में अब तक 4 से 10 लोगों को बाहर निकाला गया है (अलग-अलग रिपोर्ट्स में आंकड़े भिन्न)। इनमें से तीन घायल AIIMS ट्रॉमा सेंटर में गंभीर हालत में भर्ती हैं। एक मौत की पुष्टि कुछ आधिकारिक अपडेट्स में हुई है, जबकि चश्मदीद 2-3 शव निकलने का दावा भी कर रहे हैं। सटीक आंकड़े रेस्क्यू पूरा होने और रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड जांचने के बाद ही सामने आ पाएंगे। संभावित कारण के रूप में बेसमेंट में चल रहे निर्माण/रिनोवेशन कार्य का जिक्र हो रहा है। चश्मदीदों का कहना है कि ऊपरी हिस्से को मजबूत किया गया था, लेकिन नीचे के पिलर कमजोर थे। मजदूर भी नीचे काम कर रहे थे और दब गए हो सकते हैं।

दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि रेस्क्यू युद्ध स्तर पर चल रहा है। पास की इमारत को एहतियातन खाली कराया गया है। सभी संबंधित एजेंसियां—DDMA, NDRF, दिल्ली फायर सर्विसेज, पुलिस, MCD, CATS और सिविल डिफेंस—समन्वय से काम कर रही हैं। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने भी एजेंसियों को निर्देश दिए हैं। आरके पुरम के विधायक अनिल कुमार शर्मा मौके पर पहुंचे और उन्होंने फंसे छात्रों से फोन पर संपर्क की जानकारी दी। छात्र संगठनों (NSUI, AISA आदि) के सदस्य भी मदद के लिए पहुंचे। सड़कें संकरी होने से रेस्क्यू वाहनों की आवाजाही चुनौतीपूर्ण रही। सत्य निकेतन इलाका दिल्ली विश्वविद्यालय साउथ कैंपस के पास छात्र हब है, जहां कई पीजी और हॉस्टल हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और अधिकारियों ने भीड़ को दूर रहने की अपील की है ताकि बचाव कार्य बाधित न हो।

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