गोगामेड़ी से बदायूं लौट रही 32 श्रद्धालुओं से भरी पिकअप डिवाइडर से टकराकर पलटी, 21 घायल
छह की मौके पर मौत, छह ने मेरठ में उपचार के दौरान दम तोड़ा; सीएम योगी ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता के दिए निर्देश
Eastern Peripheral Expressway accident: बागपत। बड़ागांव के पास ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर देर रात श्रद्धालुओं से भरी पिकअप के भीषण हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 21 श्रद्धालु घायल हो गए। राजस्थान के गोगामेड़ी (बागड़ धाम) से दर्शन कर बदायूं लौट रही 32 श्रद्धालुओं से भरी पिकअप अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराने के बाद पलट गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कई श्रद्धालु वाहन के नीचे दब गए। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर चीख-पुकार मच गई। पुलिसकर्मियों और राहगीरों ने राहत एवं बचाव अभियान चलाकर घायलों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।
Eastern Peripheral Expressway accident:
हादसा खेकड़ा कोतवाली क्षेत्र में बड़ागांव और बसी के बीच हुआ। पिकअप में सवार सभी श्रद्धालु बदायूं जिले के उझानी थाना क्षेत्र स्थित अल्हापुर गांव के रहने वाले बताए गए हैं। हादसे में छह श्रद्धालुओं ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था, जबकि 27 लोग घायल हुए थे। घायलों को खेकड़ा सीएचसी, बागपत जिला अस्पताल समेत अन्य चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया। गंभीर घायलों को मेरठ मेडिकल कॉलेज और दिल्ली के जीटीबी अस्पताल रेफर किया गया। मेरठ में उपचार के दौरान छह और घायलों की मौत हो गई, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 12 हो गई। फिलहाल 21 घायलों का उपचार चल रहा है।
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हादसे के कारणों की जांच
हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी अस्मिता लाल और पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल जाना। अधिकारियों ने चिकित्सकों से उपचार की जानकारी लेते हुए आवश्यक निर्देश दिए। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। चालक की ओर से पीछे से किसी वाहन की टक्कर लगने की बात भी बताई गई है। पुलिस अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है।
एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से गांव में मातम
हादसे में अल्हापुर गांव निवासी साधु सिंह यादव, उनकी पत्नी मुन्नी देवी और छोटे भाई प्रेम सिंह की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। बताया गया कि साधु सिंह के छोटे बेटे के घर पोते का जन्म हुआ था और परिवार में खुशी का माहौल था। इसी बीच हादसे की खबर ने खुशियों को मातम में बदल दिया।
हादसे से पहले साधु सिंह ने अपनी बेटी बीना से भी यात्रा पर साथ चलने को कहा था। बताया गया कि उन्होंने बेटी से अपनी तबीयत का हवाला देते हुए कहा था कि पता नहीं कब जिंदगी खत्म हो जाए। बेटी साथ नहीं जा सकी। किसी ने नहीं सोचा था कि गोगामेड़ी की यह यात्रा परिवार के तीन सदस्यों के लिए आखिरी सफर बन जाएगी।
रातभर राहत-बचाव में जुटी पुलिस और राहगीर
हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर अफरा-तफरी मच गई। पिकअप के नीचे दबे श्रद्धालुओं को निकालने के लिए पुलिसकर्मियों के साथ राहगीर भी जुट गए। घायलों को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर घायलों को बेहतर उपचार के लिए मेरठ और दिल्ली रेफर किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अधिकांश श्रद्धालु रात में वाहन में आराम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक तेज आवाज हुई और पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गई। कई लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
सीएम योगी ने जताया दुख, आर्थिक सहायता के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बागपत हादसे में हुई जनहानि पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं।
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