तिरुवनंतपुरम, भारतीय क्रिकेट के महानतम बल्लेबाज़ों में शुमार विराट कोहली ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज़ के पहले मुकाबले में ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में खेलते हुए कोहली ने 15,000 वनडे रन पूरे कर लिए। इस उपलब्धि के साथ ही वे मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के बाद यह मुकाम हासिल करने वाले दुनिया के दूसरे बल्लेबाज़ बन गए हैं। सबसे खास बात यह रही कि कोहली ने यह कारनामा तेंदुलकर से कहीं ज़्यादा तेज़ी से पूरा किया।
303 पारियों में 15,000 रन, तेंदुलकर से 74 पारी कम
कोहली मैच में 14,941 रन लेकर उतरे थे और उन्हें इस विशाल आंकड़े को छूने के लिए महज़ 59 रन की दरकार थी। उन्होंने यह लक्ष्य अपनी 303वीं पारी में पूरा कर लिया। इसके उलट सचिन तेंदुलकर ने 2007 में यह मुकाम अपनी 377वीं पारी में हासिल किया था। यानी कोहली ने तेंदुलकर के मुकाबले 74 पारियां कम लेकर यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया — यह अंतर बताता है कि कोहली की निरंतरता और स्ट्राइक रेट किस स्तर की रही है।
गौरतलब है कि यह कोई नई बात नहीं — कोहली इससे पहले भी 8,000, 10,000, 12,000, 13,000 और 14,000 रन जैसे लगभग हर एक हज़ार रन के पड़ाव पर सबसे तेज़ पहुंचने का रिकॉर्ड बना चुके हैं। 2023 में उन्होंने 267 पारियों में 13,000 रन पूरे कर तेंदुलकर के 321 पारियों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा था।
करियर आंकड़े
मैच में उतरने से पहले कोहली के नाम 314 वनडे मुकाबलों की 302 पारियों में 58.59 की औसत से 14,941 रन दर्ज थे, जिसमें 54 शतक और 79 अर्धशतक शामिल हैं। वहीं तेंदुलकर ने अपने वनडे करियर का समापन 463 मैचों में 18,426 रन के साथ किया था, जो अब भी वनडे इतिहास का सर्वोच्च व्यक्तिगत रन-तालिका है।
वेस्टइंडीज के खिलाफ भी बने सबसे अनुभवी भारतीय खिलाड़ी
इस मैच में उतरते ही कोहली ने एक और रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। यह वेस्टइंडीज के खिलाफ उनका 44वां वनडे मुकाबला था, जिससे उन्होंने मोहम्मद अजहरुद्दीन के 43 मैचों के 28 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ते हुए वेस्टइंडीज के खिलाफ सबसे ज़्यादा वनडे खेलने वाले भारतीय खिलाड़ी का दर्जा हासिल किया। इस सूची में कपिल देव (42), राहुल द्रविड़ (40) और महेंद्र सिंह धोनी (39) पीछे छूट गए।
कोहली का वेस्टइंडीज के खिलाफ रिकॉर्ड शानदार रहा है — मैच से पहले उनके नाम 43 मैचों में 66.50 की औसत से 2,261 रन और नौ शतक दर्ज थे। इस सीरीज़ में एक और शतक उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ दहाई का आंकड़ा छूने वाला पहला बल्लेबाज़ बना सकता है — यह उपलब्धि अब तक किसी भी बल्लेबाज़ (दोनों टीमों में से) ने हासिल नहीं की है।
घरेलू मैदान पर तेंदुलकर के रिकॉर्ड पर भी नज़र
कोहली के पास सचिन तेंदुलकर के एक और रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने का मौका है। तेंदुलकर ने भारत में खेले गए वनडे मुकाबलों में 6,976 रन बनाए थे, जबकि इस सीरीज़ से पहले कोहली घरेलू मैदान पर 6,867 रन बना चुके थे — यानी वे तेंदुलकर से महज़ 109 रन पीछे हैं। यह तीन मैचों की सीरीज़ उन्हें यह रिकॉर्ड भी अपने नाम करने का मौका दे सकती है।
टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन
इस मुकाबले में भारत की ओर से रोहित शर्मा, कप्तान शुभमन गिल, विराट कोहली, रुतुराज गायकवाड़, विकेटकीपर के.एल. राहुल, नमन धीर, रवींद्र जडेजा, नीतीश कुमार रेड्डी, गुरनूर बरार, कुलदीप यादव और प्रसिद्ध कृष्णा को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया।
यह सीरीज़ टीम इंडिया के लिए 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों का अहम हिस्सा मानी जा रही है, और कोहली का यह प्रदर्शन साबित करता है कि उम्र के इस पड़ाव पर भी वे भारतीय बल्लेबाज़ी की रीढ़ बने हुए हैं।
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