ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की शहादत, तेहरान में शुरू हुई ऐतिहासिक अंतिम यात्रा, लाखों लोग श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे

ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई का शव तेहरान के इमाम खुमैनी ग्रैंड मोसल्ला में रखा गया है, जहां हजारों शोकाकुल नागरिक, धार्मिक विद्वान, सरकारी अधिकारी और विदेशी गणमान्य व्यक्ति उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हो रहे हैं। फरवरी में इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हवाई हमलों में उनकी शहादत के बाद लगभग पांच महीने की देरी के बाद शुरू हुई यह सात दिवसीय अंतिम संस्कार समारोह ईरान के लिए न केवल शोक का प्रतीक है, बल्कि इस्लामिक गणराज्य की मजबूती और प्रतिरोध की शक्ति का भी प्रदर्शन है। खामेनेई, जिन्होंने 1989 से लगभग 37 वर्षों तक ईरान की कमान संभाली, 28 फरवरी 2026  को तेहरान में अपने आवासीय परिसर पर हुए हमले में शहीद हो गए। इस हमले में उनकी बेटी, दामाद, नवजात पोती और बेटे मुज्तबा खामेनेई की पत्नी समेत कई परिवार सदस्य भी शहीद हुए। राज्य मीडिया ने इसे शहादत बताया, जबकि शिया परंपरा में इसे इमाम हुसैन की शहादत से जोड़कर देखा जा रहा है।

समारोह का कार्यक्रम और भव्य तैयारी

ईरानी अधिकारियों ने लाखों-करोड़ों लोगों की भागीदारी की उम्मीद जताई है। तेहरान में आज (शुक्रवार) शव को सार्वजनिक दर्शन के लिए रखा गया, जहां रोते-बिलखते समर्थक फूल बिखेर रहे हैं और सीने पीट रहे हैं। शनिवार से बड़े जनसमूह के साथ जुलूस शुरू होगा।

तेहरान: 3-4 जुलाई को मुख्य समारोह और जुलूस।
क़ोम: 5 जुलाई को धार्मिक केंद्र में श्रद्धांजलि।
नजफ और करबला (इराक): 6-7 जुलाई को शिया पवित्र स्थलों पर। मशहद: 9 जुलाई को इमाम रज़ा की दरगाह के पास अंतिम दफन। सरकार ने बसों, ट्रेनों, होटलों (50% छूट) और स्कूलों-मस्जिदों को श्रद्धालुओं के लिए तैयार किया है। सड़कें बंद, सुरक्षा कड़ी और हवाई क्षेत्र प्रतिबंधित है। तेहरान की सड़कों पर बैनर, पोस्टर और काले झंडे दिख रहे हैं।

विदेशी मेहमान और क्षेत्रीय संदेश

रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव, चीन के नेशनल पीपुल्स कांग्रेस के उपाध्यक्ष हे वेई, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, इराक के राष्ट्रपति निजार अमेदी और हिजबुल्लाह नेताओं के परिवार समेत 30-100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि मौजूद हैं। तालिबान, सऊदी अरब और अन्य देशों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति से ईरान की क्षेत्रीय पहुंच का संदेश मजबूत हो रहा है। पश्चिमी देशों की अनुपस्थिति उल्लेखनीय है।

आंतरिक चुनौतियां और उत्तराधिकार

खामेनेई की शहादत के बाद उनके बेटे मुज्तबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुना गया, हालांकि वे हमले में घायल होने के बाद सार्वजनिक रूप से कम दिखे हैं। ईरान युद्ध के बाद आर्थिक प्रतिबंधों, विरोध प्रदर्शनों और आंतरिक विभाजन से जूझ रहा है। फिर भी, अधिकारियों ने इस समारोह को राष्ट्रीय एकता और प्रतिरोध का प्रतीक बनाने की कोशिश की है। एक 18 वर्षीय छात्रा मोबिना रजाघी ने कहा, “उनके खून का बदला लेकर ही हमारा दर्द कम होगा।” यह समारोह ईरान-इजरायल-अमेरिका तनाव के बीच एक संवेदनशील मोड़ पर आया है। युद्धविराम के बावजूद दोनों पक्ष सतर्क हैं। ईरान ने अंतिम यात्रा के दौरान किसी भी हमले की चेतावनी दी है। खामेनेई की विरासत विवादास्पद रही एक ओर क्रांतिकारी इस्लामी गणराज्य को मजबूत करने वाले, दूसरी ओर आर्थिक कठिनाइयों और दमन के प्रतीक। उनके निधन के बाद ईरान का भविष्य नए लीडरशिप और क्षेत्रीय गतिशीलता पर निर्भर करेगा।

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