महाराष्ट्र के मंदिर में निर्माणाधीन छत ढहने से 5 की मौत, 40 तीर्थयात्री मलबे में फंसे

महाराष्ट्र के परभणी जिले में स्थित यशवाड़ी मारुति मंदिर में शनिवार को बड़ा हादसा हो गया. मंदिर के सामने बना सभा मंडप अचानक गिरने से अफरा-तफरी मच गई| मलबे में 30 से 40 श्रद्धालुओं के फसे होने की आशंका, प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस दुर्घटना में 5 श्रद्धालुओं की मौत हो गई| यह हादसा शनिवार, 20 जून 2026 को हुआ, जब श्रद्धालु मंदिर में पूजा-अर्चना कर रहे थे।

घटना का विवरण:

सूत्रो की रिपोर्ट के अनुसार, मंदिर का यह हिस्सा निर्माणाधीन था और छत ढहने से पूरा इलाका मलबे से ढक गया। स्थानीय प्रशासन और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए भारी मशीनरी और कुत्तों की मदद ली जा रही है। कई घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।  यह घटना महाराष्ट्र में धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा मानकों की लापरवाही को एक बार फिर उजागर करती है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता या सुरक्षा उपायों में कोई कमी रह गई हो सकती है। मौसम की स्थिति भी इस हादसे में भूमिका निभा सकती है, हालांकि विस्तृत रिपोर्ट अभी आना बाकी है।

बचाव कार्य और प्रशासनिक प्रतिक्रिया:

महाराष्ट्र सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय से राहत और बचाव कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। एनडीआरएफ की टीमों को भी अलर्ट किया गया है। स्थानीय पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और मृतकों व घायलों की पहचान करने की प्रक्रिया चल रही है। मंदिर के पुजारियों और स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे के समय मंदिर में काफी भीड़ थी। श्रद्धालु सामूहिक पूजा में शामिल थे, तभी अचानक छत का एक बड़ा हिस्सा गिर पड़ा। इस घटना ने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ दी है।

पिछली घटनाओं से सबक:

महाराष्ट्र में ऐसे हादसे पहले भी हो चुके हैं। मई 2026 में सांगली जिले के मार्गुदेवी मंदिर परिसर में दीवार और टिन की छत गिरने से 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी और दर्जनों घायल हुए थे। तेज हवाओं और बारिश को उस घटना का कारण बताया गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि निर्माणाधीन धार्मिक स्थलों पर कड़ी निगरानी, नियमित निरीक्षण और बेहतर सामग्री के उपयोग की जरूरत है ताकि ऐसे दर्दनाक हादसे रोके जा सकें। यह एक विकासशील खबर है। बचाव कार्य जारी है और मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। हमारी टीम लगातार अपडेट पर नजर रखे हुए है। प्रभावित परिवारों के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि घायल जल्द स्वस्थ हों और फंसे हुए सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल आएं।

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