गौतमबुद्ध नगर जिले के दनकौर क्षेत्र में स्थित यमुना विकास प्राधिकरण सेक्टर-22डी की एक आवासीय सोसाइटी में लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (एलआईयू) ने मंगलवार देर रात दो नाइजीरियाई नागरिकों को हिरासत में लिया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इनमें से एक का वीजा काफी समय पहले समाप्त हो चुका था और नवीनीकरण के कोई वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। दोनों लंबे समय से इसी सोसाइटी में रह रहे थे। एलआईयू को विदेशी नागरिकों की गतिविधियों और उनकी कानूनी स्थिति को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर टीम ने सेक्टर-22डी पहुंचकर जांच अभियान चलाया। दोनों व्यक्तियों के दस्तावेजों की पड़ताल शुरू कर दी गई है। एलआईयू अब उनकी पृष्ठभूमि, यात्रा दस्तावेजों की वैधता और भारत में निवास की स्थिति की विस्तृत जांच कर रही है। संबंधित दूतावास से भी संपर्क साधा जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी, जिसमें डिपोर्टेशन की प्रक्रिया भी शामिल हो सकती है। स्थानीय पुलिस ने इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी न होने की बात कही है। ग्रेटर नोएडा जोन के डीसीपी रविशंकर ने बताया कि यदि एलआईयू या अन्य एजेंसियों से आधिकारिक सूचना मिलती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
ग्रेटर नोएडा में विदेशी नागरिकों की गतिविधियां चिंता का विषय
यह घटना ग्रेटर नोएडा में नाइजीरियाई नागरिकों से जुड़ी हालिया घटनाओं की कड़ी में आती है। मात्र पांच दिन पहले, 13 जून 2026 को ग्रेटर नोएडा पुलिस ने दो अन्य नाइजीरियाई नागरिकों एंथनी चिनवूबा उर्फ डेविड और अमोस मूसा उर्फ लकी को प्रतिबंधित नशीले पदार्थों (एमडीएमए और मेथाम्फेटामाइन) के साथ गिरफ्तार किया था। ये दोनों व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए कॉलेज छात्रों और सोसाइटियों में ड्रग्स की सप्लाई कर रहे थे। पिछले कुछ वर्षों में ग्रेटर नोएडा और आसपास के इलाकों में नाइजीरियाई नागरिकों के खिलाफ वीजा ओवरस्टे, ड्रग तस्करी, साइबर फ्रॉड और फर्जी दस्तावेज बनाने जैसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। वर्ष 2023-2024 में भी इसी क्षेत्र में वीजा समाप्त होने के बावजूद रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाइयां हुई थीं।
प्रशासन की सख्ती और चुनौतियां
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, विदेशी नागरिकों की बढ़ती संख्या और उनकी गतिविधियों पर नजर रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है। एलआईयू नियमित रूप से ऐसे अभियान चलाती रहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यटक, छात्र और बिजनेस वीजा पर आने वाले विदेशी नागरिकों की समय-समय पर वेरिफिकेशन जरूरी है, ताकि अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके। इस मामले की जांच अभी जारी है। मीडिया लगातार इस घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है। आगे की अपडेट्स के लिए बने रहिए। यह खबर उपलब्ध सूचनाओं, आधिकारिक बयानों और संबंधित रिपोर्टों पर आधारित है। जांच पूरी होने के बाद अधिक विस्तृत जानकारी सामने आने की संभावना है।

