ग्रेटर नोएडा के थाना सूरजपुर पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर में बंद पड़े मकानों के ताले तोड़कर चोरी करने वाले एक सक्रिय अंतर्जनपदीय गिरोह का पर्दाफाश कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लगभग 50 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण, 1.65 लाख रुपये नकद, एक चोरी में प्रयुक्त ऑटो और तीन अवैध चाकू बरामद किए गए हैं। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने ओमीक्रोन-3 और डेल्टा-1 में हुई कई बड़ी चोरी की वारदातों में शामिल होने की बात स्वीकार की है।
घटना का खुलासा
थाना सूरजपुर के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि मैनुअल इंटेलिजेंस और तकनीकी सर्विलांस के संयोजन से की गई जांच के दौरान गिरोह के सक्रिय रहने के साक्ष्य मिले। शुरुआती पूछताछ और ट्रैकिंग के बाद पुलिस ने शनिवार सुबह कार्रवाई कर चारों सदस्यों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान प्रदीप यादव उर्फ फौजी, शिव कुमार उर्फ चूंचा, वीरेश उर्फ वीरा और सूरज उर्फ बंटा के रूप में हुई है।
बरामदगी का ब्यौरा
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से निम्नलिखित सामान बरामद हुआ है:
• तीन सोने की चेन, तीन चांदी के बिस्किट, एक चांदी का सिक्का
• पायल, बिछुए, नोज पिन, तीन हार, चार कड़े, चार कंगन, 11 अंगूठियां, मंगलसूत्र
• आठ जोड़ी झुमके-टॉप्स, मोतियों की माला, लॉकेट
• 27 चांदी के सिक्के और 2000 रुपये का चांदी का नोट
• कुल मिलाकर बरामदे का मूल्य करीब 50 लाख रुपये आंका गया है
• आरोपी के पास से 1.65 लाख रुपये नकद, वारदात में प्रयुक्त ऑटो नंबर UP16LT8138 और तीन अवैध चाकू भी बरामद हुए हैं
कई वारदातों का खुलासा
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि 21 मई को ओमीक्रोन-3 स्थित एक बंद मकान की खिड़की तोड़कर उन्होंने आभूषण और करीब 3.70 लाख रुपये नकद चोरी किए थे। इसके अलावा 24 मई को डेल्टा-1 क्षेत्र में दो बंद मकानों के ताले काटकर नकदी व आभूषण चोरी करने की बातें भी आरोपियों ने कबूलीं। पुलिस के रिकॉर्ड में इन घटनाओं की रिपोर्ट पहले से दर्ज थी और अब उन मामलों में गिरफ्तारी व बरामदगी से कई खुलासे जुड़े हुए पाए गए हैं।
गिरोह की कार्यप्रणाली
पुलिस के अनुसार यह संगठित गिरोह ऑटो से अलग-अलग सेक्टर और सोसाइटियों में रेकी करता था। गिरोह के 4-5 सदस्य मिलकर वारदात को अंजाम देते थे। योजना के तहत 1-2 सदस्य बाहरी निगरानी करते थे और बाकी सदस्य घर में घुसकर ताले व ग्रिल तोड़कर गहने व नकद लेकर फरार हो जाते थे। पुलिस ने बताया कि वारदातों में इस्तेमाल ऑटो और अवैध हथियार भी गिरोह के काम आते थे।
आपराधिक इतिहास और कार्रवाई
थाना सूरजपुर पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों का अपराधी इतिहास लंबा है। प्रदीप यादव के खिलाफ नॉलेज पार्क व सेक्टर-39 समेत कुल 6 मुकदमे दर्ज हैं। वीरेश पर संभल, दादरी व सूरजपुर में 11 मामले दर्ज हैं, जबकि सूरज के खिलाफ बीटा-2 व सूरजपुर में 10 और शिव कुमार पर बीटा-2, सूरजपुर व संभल में 12 मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के साथ-साथ बैंकों/नकदी संबंधी धाराओं (BNS) और आर्म्स एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और अन्य संबंधित मामलों तथा चोरी की और भी घटनाओं के संबंध में पूछताछ जारी है।
पुलिस का बयान
डीसीपी सेंट्रल नोएडा शैलेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि थाना सूरजपुर पुलिस ने एक सक्रिय अंतर्जनपदीय चोरी के गिरोह को पकड़कर बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि टेक्निकल सर्विलांस और मैनुअल इंटेलिजेंस की सहायता से यह कार्रवाई संभव हुई। डीसीपी ने कहा कि पुलिस ऐसे गिरोहों के खिलाफ निरंतर अभियान चलाएगी और नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
नागरिकों के लिए सावधानी सुझाव
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी लापरवाही से घरों को खुले न छोड़ें, लंबी अवधि के लिए घर छोड़ने पर पड़ोसियों या सुरक्षा एजेंसियों को सूचित करें, उच्च गुणवत्ता के ताले व ग्रिल का प्रयोग करें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत नजदीकी थाने या हेल्पलाइन पर दें।
आगे की जांच
थाना सूरजपुर की टीम आगे भी उन वारदातों के सिलसिले में और पूछताछ कर रही है जिनमें उक्त गिरोह का हाथ हो सकता है। पुलिस का कहना है कि बरामद माल की असलियत व स्वामित्व की पुष्टि के लिए उंगलियों के निशान, दस्तावेज और पोस्ट-मार्टम की मदद से आगे की क्राइम ब्रांच जांच की जाएगी, तथा उन परिवारों तक अनावश्यक समय से पहले जानकारी पहुंचाने पर विशेष ध्यान रखा जाएगा।

