नोएडा। शहर में हाल ही में हुई बारिश के दौरान कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की गंभीर स्थिति सामने आने के बाद नोएडा प्राधिकरण ने सख्त रुख अपना लिया है। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) कृष्णा करुणेश ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब नाला सफाई का दावा करने वाले किसी भी ठेकेदार का भुगतान बिना विस्तृत जांच के नहीं किया जाएगा। कार्य का सत्यापन फोटो, मौके के निरीक्षण और जांच अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर होगा। वहीं, महामाया फ्लाईओवर के नीचे वर्षों से बनी जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए सम्पवेल (Sump Well) बनाने का निर्णय लिया गया है।
बारिश के बाद एक्शन मोड में आया नोएडा प्राधिकरण
मंगलवार को हुई तेज बारिश के दौरान नोएडा के कई प्रमुख मार्गों, अंडरपास और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई थी। इसके चलते लोगों को घंटों ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर वाहन पानी में फंस गए और दैनिक जीवन प्रभावित हुआ। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सीईओ कृष्णा करुणेश ने पूरे मामले की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया।
सभी वर्क सर्किल अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
सीईओ ने शहर के विभिन्न वर्क सर्किलों के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि नाला सफाई के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी नाला सफाई कार्यों की दोबारा जांच कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि जहां सफाई का दावा किया गया है, वहां वास्तव में कार्य हुआ भी है या नहीं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने और रिपोर्ट संतोषजनक मिलने के बाद ही संबंधित ठेकेदारों का भुगतान जारी किया जाएगा।
फोटो, मौके के निरीक्षण और जांच रिपोर्ट के आधार पर होगा सत्यापन
प्राधिकरण ने भुगतान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए नया सत्यापन तंत्र लागू करने का निर्णय लिया है। अब नाला सफाई कार्यों का भुगतान केवल कागजी रिकॉर्ड के आधार पर नहीं होगा। प्रत्येक कार्य का सत्यापन निम्न आधारों पर किया जाएगा—
- कार्य स्थल की फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग।
- संबंधित अधिकारियों द्वारा मौके का निरीक्षण।
- जांच अधिकारी की विस्तृत रिपोर्ट।
- सफाई कार्य की गुणवत्ता और प्रभावशीलता का मूल्यांकन।
यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही पाई गई तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।
महामाया फ्लाईओवर के नीचे बनेगा सम्पवेल
महामाया फ्लाईओवर के नीचे हर बारिश में जलभराव की समस्या सामने आती रही है। इसे देखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने यहां स्थायी समाधान के लिए सम्पवेल बनाने का फैसला लिया है। इसके माध्यम से बारिश का पानी तेजी से निकाला जा सकेगा और इस क्षेत्र में जलभराव की समस्या को काफी हद तक समाप्त करने का प्रयास किया जाएगा।
प्राधिकरण का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद महामाया फ्लाईओवर के नीचे यातायात पहले की तुलना में अधिक सुचारु रहेगा और बारिश के दौरान लोगों को राहत मिलेगी।
लापरवाही पर होगी जवाबदेही तय
सीईओ कृष्णा करुणेश ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जल निकासी व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए और संवेदनशील स्थानों की विशेष रूप से पहचान कर वहां पहले से आवश्यक इंतजाम किए जाएं। उन्होंने कहा कि शहर में जलभराव की पुनरावृत्ति रोकने के लिए केवल कागजी योजनाएं नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई जरूरी है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में यदि नाला सफाई के बावजूद जलभराव की शिकायतें मिलती हैं तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों की जवाबदेही तय की जाएगी।
शहरवासियों को मिल सकती है राहत
नोएडा प्राधिकरण के इस फैसले को शहर की जल निकासी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि नाला सफाई कार्यों की पारदर्शी जांच और समयबद्ध निगरानी सुनिश्चित होती है तो आने वाले मानसून में जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं में कमी आने की उम्मीद है।

