Trump Iran Threat: मिस्र के दामिएटा पोर्ट पर अमेरिकी गैस टैंकर पर ड्रोन हमला, ईरान युद्ध के विस्तार की आशंका बढ़ी; ट्रंप ने कहा- तेहरान पर ‘कड़ा वार’ करेंगे

Trump Iran Threat: काहिरा/लंदन, मिस्र के भूमध्य सागर तट पर स्थित दामिएटा पोर्ट में बुधवार को एक अमेरिकी स्वामित्व वाले फ्लोटिंग गैस स्टोरेज टैंकर पर ड्रोन हमला हुआ। इस हमले ने मध्य पूर्व में चल रहे ईरान युद्ध के संभावित विस्तार की आशंकाओं को और बढ़ा दिया है। हमला उस समय हुआ जब कुछ घंटे पहले ही अमेरिकी और सऊदी बलों ने इराक में ईरान समर्थित समूहों पर हमला किया था और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान पर ‘कड़ा वार’ करने की चेतावनी दी थी।

ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा फर्म एम्ब्रे (Ambrey) के अनुसार, मार्शल आइलैंड्स फ्लैग वाले फ्लोटिंग स्टोरेज एंड रीगैसिफिकेशन यूनिट (FSRU) एनर्गोस विंटर (Energos Winter) पर ड्रोन ने हमला किया। यह टैंकर अमेरिकी कंपनी एनर्गोस इन्फ्रास्ट्रक्चर की है और इसका संचालन भी अमेरिकी कंपनी विल्हेल्मसेन शिप मैनेजमेंट द्वारा किया जाता है। हमले के दौरान टैंकर पर कार्गो हैंडलिंग का काम चल रहा था। विस्फोट के बाद आग लग गई, जो पास के दूसरे जहाज गैसॉग सलेम (Gaslog Salem) तक फैल गई।

मिस्र के पेट्रोलियम मंत्रालय ने पुष्टि की कि दामिएटा पोर्ट पर गैसिफिकेशन और स्टोरेज वेसल्स पर आग लगी थी। मंत्रालय के अनुसार, आग पर तुरंत काबू पा लिया गया। कोई हताहत या मौत नहीं हुई। पेट्रोलियम मंत्री करीम बदावी खुद मौके पर पहुंचे और राहत कार्य की निगरानी की। क्रू सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया। पोर्ट के अन्य बर्थ पर संचालन जल्द ही सामान्य हो गया। सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि विस्फोट का संभावित कारण ड्रोन स्ट्राइक ही आंका गया है। अब तक किसी भी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। एम्ब्रे ने कहा कि पोर्ट के इंफ्रास्ट्रक्चर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।

युद्ध के विस्तार का संकेत?

यह घटना इसलिए खास महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि मिस्र अब तक मध्य पूर्व के इस लंबे संघर्ष से काफी हद तक बचा हुआ था। पड़ोसी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले होते रहे हैं, लेकिन मिस्र का यह प्रमुख एलएनजी एक्सपोर्ट सुविधा वाला पोर्ट सीधे निशाने पर नहीं आया था। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला क्षेत्रीय संघर्ष के और फैलने का संकेत हो सकता है।

हमले से कुछ घंटे पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया था कि अमेरिकी और सऊदी अरब के बलों ने इराक के पूर्वी हिस्से में ईरान समर्थित आतंकवादी लॉजिस्टिक्स और हथियार ठिकानों पर सटीक हमले किए। ये हमले पिछले 72 घंटों में अमेरिकी बलों और सऊदी ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुए 30 से अधिक ड्रोन हमलों के जवाब में किए गए थे। ईरान समर्थित मिलिशिया पर ये स्ट्राइक IRGC के निर्देश पर हो रहे हमलों की प्रतिक्रिया बताई गई। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस बीच चेतावनी दी कि अगर ईरान अमेरिकी ठिकानों पर हमला करता है तो तेहरान पर ‘कड़ा’ जवाब दिया जाएगा। हाल ही में ईरान ने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइल हमला किया था, जिसे इंटरसेप्ट कर लिया गया था।

दामिएटा पोर्ट का महत्व

दामिएटा मिस्र का महत्वपूर्ण एलएनजी टर्मिनल है। एनर्गोस विंटर की स्टोरेज क्षमता करीब 1,38,250 क्यूबिक मीटर है। इस तरह के फ्लोटिंग स्टोरेज यूनिट क्षेत्र की ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम माने जाते हैं। हमले के बावजूद मिस्र के अधिकारियों ने पोर्ट संचालन को जल्द सामान्य बनाने पर जोर दिया।

यह घटना मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के बीच आई है, जहां जलडमरूमध्य होर्मुज और लाल सागर में शिपिंग पर पहले से खतरा बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ऐसे हमले अन्य तटस्थ या दूर के ठिकानों पर भी फैलते हैं तो वैश्विक ऊर्जा बाजार और क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरण और बिगड़ सकते हैं। अभी जांच जारी है। मिस्र के अधिकारी घटना की पूरी पड़ताल कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस घटना पर नजर रखे हुए है, क्योंकि यह मध्य पूर्व के संघर्ष को नए मोर्चे पर ले जा सकता है।

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