बेनेट यूनिवर्सिटी में रैगिंग के नाम पर मारपीट का वीडियो वायरल, शिक्षा के मंदिर में गुंडागर्दी की निंदा, विश्वविद्यालय ने लिया एक्शन 

ग्रेटर नोएडा स्थित बेनेट यूनिवर्सिटी (टाइम्स ग्रुप) में जूनियर छात्राओं के साथ सीनियर छात्राओं द्वारा रैगिंग के नाम पर कथित मारपीट, गाली-गलौज और परिवार की गरिमा पर आपत्तिजनक टिप्पणियों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लगभग 3 मिनट लंबे इस क्लिप में सीनियर छात्राएं जूनियर को घेरकर थप्पड़ मारती नजर आ रही हैं, अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रही हैं और उसके परिवार की इज्जत पर सवाल उठा रही हैं। घटना कैंपस के गर्ल्स हॉस्टल की बताई जा रही है, जो करीब 10-12 दिन या मध्य अप्रैल की है।

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। यूजर्स इसे “रैगिंग नहीं, खुली गुंडागर्दी” बता रहे हैं। कई लोगों ने अभिभावकों को चेतावनी दी कि वे बच्चों को ऐसे संस्थान में भेजने से पहले दो बार सोचें। एक यूजर ने लिखा, “माता-पिता 25 लाख से ज्यादा फीस देकर बच्चों को भेजते हैं, लेकिन यहां शिक्षा के बजाय क्रूरता सिखाई जा रही है।” रेडिट पर चर्चा में यूजर्स ने इसे “एजुकेशन का पूरा पॉइंट फेल” बताया और कॉलेज संस्कृति पर सवाल उठाए।

कुछ पोस्ट्स में इसे व्यक्तिगत झगड़े से जोड़कर बताया गया है, जिसमें जेलसी या बॉयफ्रेंड (अनुष्का-सिद्धि विवाद, अर्जुन का जिक्र) का मामला सामने आया, लेकिन ज्यादातर इसे ग्रुप बुलिंग और असॉल्ट मान रहे हैं। कई अभिभावक और छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस से तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है। हैशटैग #BennettUniversity #Ragging #CampusSafety #StopRagging के तहत पोस्ट्स में कैंपस सुरक्षा, एंटी-रैगिंग नीति के पालन और लड़कियों की सुरक्षा पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

पुलिस और विश्वविद्यालय का रुख: पुलिस कमिश्नरेट गौतम बुद्ध नगर ने एक्स पर जानकारी दी कि वीडियो 10-12 दिन पुराना है। थाना दादरी पुलिस ने जांच की, जिसमें पाया गया कि यह निजी विश्वविद्यालय कैंपस का है। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने आंतरिक कमेटी गठित कर जांच शुरू की है और दोषियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है।  विश्वविद्यालय ने मुख्य आरोपी सिद्धि (ब्लैक टॉप वाली) को रस्टिकेट (निष्कासित) कर दिया है, जबकि अन्य साथियों पर भारी जुर्माना लगाया गया या सस्पेंड किया गया। पुलिस ने वीडियो की पुष्टि की है, लेकिन अभी FIR दर्ज नहीं हुई क्योंकि मामला आंतरिक रूप से निपटाया जा रहा है। कुछ यूजर्स इसे “बहुत हल्की सजा” बता रहे हैं और असॉल्ट के लिए कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। बेनेट यूनिवर्सिटी के पास पहले से एंटी-रैगिंग कमेटी और सख्त डिसिप्लिन नियम हैं, जिनमें रैगिंग या बुलिंग पर एक्सपल्शन और पुलिस को सूचना शामिल है। फिर भी यह घटना प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़ी कर रही है।

सोशल मीडिया पर आम प्रतिक्रिया

आक्रोश और निंदा प्रमुख है। कई महिलाओं ने कहा, “लड़कियों द्वारा लड़कियों पर अत्याचार और भी चिंताजनक है।” कुछ ने UGC, AICTE और शिक्षा मंत्रालय को टैग कर हस्तक्षेप की मांग की। अभिभावक चिंतित हैं कि उच्च शिक्षा चरित्र निर्माण के बजाय toxicity बढ़ा रही है। कुछ यूजर्स ने संदर्भ दिया कि यह तीसरा ऐसा वीडियो है जो हाल में सामने आया है। शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि रैगिंग की ऐसी घटनाएं संस्थान की छवि खराब करती हैं और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर डालती हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों के आचरण और संस्कारों पर नजर रखें। यह मामला शिक्षा जगत के लिए चेतावनी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी। फिलहाल, विश्वविद्यालय और पुलिस की निगरानी में जांच चल रही है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्ती और जागरूकता दोनों जरूरी है, ताकि शिक्षा के मंदिर में अनुशासन बने रहे।

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