ग्रेटर नोएडा बना कचरे का घर: विक्ट्री वन सेंट्रल सोसाइटी में बेसमेंट में कचरे का ढेर, बदबू और संक्रमण का खतरा; निवासी परेशान, बिल्डर-प्राधिकरण पर लगे आरोप!

ग्रेटर नोएडा बना कचरे का घर: ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-12 स्थित विक्ट्री वन सेंट्रल सोसाइटी में रहने वाले निवासियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। सोसाइटी के बेसमेंट में लंबे समय से कचरा जमा हो रहा है, जिससे तेज बदबू फैल रही है और संक्रमणजन्य बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। निवासियों का आरोप है कि बिल्डर प्रबंधन द्वारा घरों से निकलने वाला कचरा जानबूझकर बेसमेंट में फेंका जा रहा है, जबकि नियमित सफाई और कूड़ा उठाव की व्यवस्था नहीं है।

सोसाइटी में करीब 11 टावर हैं, जिनमें से 8 टावरों को बिना स्थायी ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) के ही 2018 में कब्जा दे दिया गया था। वर्तमान में लगभग 300 परिवार (करीब 400 फ्लैट्स) यहां रह रहे हैं, जहां फ्लैट की कीमत 80-90 लाख रुपये तक है। निवासियों ने बताया कि प्रत्येक टावर में सिर्फ एक लिफ्ट है, जो अक्सर खराब रहती है। एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट), पार्किंग, चिमनी, सुरक्षित बाउंड्री वॉल और मुख्य प्रवेश-निकास जैसी बुनियादी सुविधाएं अभी भी अधूरी हैं। बाउंड्री वॉल अस्थायी टिन/लोहे की बनी हुई है, और बार-बार बिजली कटौती की शिकायतें आम हैं।

निवासी प्रशांत चौहान ने बताया, “हम हर महीने मेंटेनेंस शुल्क समय पर देते हैं, जिससे बिल्डर को करीब 15 लाख रुपये मासिक और सालाना करोड़ों रुपये मिलते हैं, लेकिन सुविधाओं में कोई सुधार नहीं हो रहा। बेसमेंट में कचरे के कारण मुंह ढककर जाना पड़ता है, आवारा कुत्ते जमा हो जाते हैं और हमला भी करते हैं। पार्किंग भी मुश्किल हो गई है।” अन्य निवासी अमृत और साथियों ने भी यही स्थिति बताई। सोसाइटी में अभी एओए (एसोसिएशन ऑफ अपार्टमेंट्स) गठित नहीं हुआ है, और देखरेख विक्ट्री वन सेंट्रल बायर्स वेलफेयर एसोसिएशन (VCBWA) कर रही है, लेकिन मेंटेनेंस बिल्डर के नियंत्रण में है।

प्रमुख समस्याएं:
बिना OC के कब्जा और अधूरी सुविधाएं, बेसमेंट में कचरा जमा, बदबू और स्वास्थ्य जोखिम, केवल एक लिफ्ट प्रति टावर, बार-बार खराब, भूमि बकाया (Land Dues) के कारण रजिस्ट्री लंबित, ट्रांसफर फीस में लाखों रुपये वसूली, अधूरे टावरों का निर्माण लंबित

निवासियों ने RERA, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण (GNIDA) और बिल्डर से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। वे स्वच्छता सुनिश्चित करने, कचरा प्रबंधन, सभी सुविधाओं को पूरा करने, रजिस्ट्री में तेजी और मेंटेनेंस में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। हाल के दिनों में सोसाइटी के बेसमेंट की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।
निवासी शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से अपनी मांगें उठा रहे हैं, ताकि हजारों परिवारों को सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन मिल सके। विभाग और बिल्डर की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे निवासियों में रोष बढ़ता जा रहा है।

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