Mission $1 trillion: सिंगापुर और जापान के दौरे पर सीएम योगी; UP को ‘ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब’ बनाने की कवायद

Mission $1 trillion: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्य को $1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प के साथ सिंगापुर और जापान की महत्वपूर्ण चार दिवसीय विदेश यात्रा पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन ‘मेक इन इंडिया’ को उत्तर प्रदेश में ‘मेक इन यूपी’ के जरिए धरातल पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री 33 से अधिक वैश्विक कंपनियों के साथ सीधे संवाद कर रहे हैं।

2017 की म्यांमार यात्रा के बाद मुख्यमंत्री का यह पहला बड़ा विदेशी दौरा है, जिसे यूपी की आर्थिक कूटनीति के लिए ‘टर्निंग पॉइंट’ माना जा रहा है।

सिंगापुर में पहले ही दिन निवेश की बरसात: ₹18,000 करोड़ से अधिक के प्रस्ताव

मुख्यमंत्री के सिंगापुर दौरे के शुरुआती चरण में ही उत्तर प्रदेश को बड़े निवेश प्रस्ताव मिले हैं:

  • गोल्डन स्टेट कैपिटल: कंपनी के एमडी सुमित नंदा ने यूपी में ₹12,000 करोड़ के निवेश की घोषणा की है। इसमें ₹8,000 करोड़ डेटा सेंटर और ₹4,000 करोड़ अक्षय ऊर्जा क्षेत्र के लिए आवंटित हैं।
  • यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप: इस समूह के साथ तीन महत्वपूर्ण एमओयू (MoU) साइन हुए हैं, जिनके तहत ₹6,650 करोड़ का निवेश होगा। यह निवेश लॉजिस्टिक्स, ग्रुप हाउसिंग और हाइपरस्केल डेटा सेंटर में किया जाएगा, जिससे करीब 20,000 युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
  • शीर्ष संस्थाओं से भेंट: सीएम योगी ने सिंगापुर के दिग्गज निवेश फंड टेमासेक (Temasek) और GIC के प्रमुखों से मुलाकात कर यूपी के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में दीर्घकालिक पूंजी निवेश पर चर्चा की।

जापान दौरा: हाई-टेक तकनीक और ‘मैग्लेव’ का अनुभव

सिंगापुर के बाद 25-26 फरवरी को मुख्यमंत्री जापान के दौरे पर रहेंगे। इस चरण का मुख्य आकर्षण तकनीकी सहयोग और आधुनिक परिवहन प्रणाली है:

  • मैग्लेव ट्रेन का परीक्षण: सीएम योगी जापान की अत्याधुनिक मैग्लेव (Maglev) हाई-स्पीड ट्रेन में यात्रा का अनुभव लेंगे। यह उत्तर प्रदेश में भविष्य की हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं के लिए एक ब्लूप्रिंट तैयार करने में मदद करेगा।
  • सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स: टोक्यो इलेक्ट्रॉन और तोशिबा जैसी दिग्गज कंपनियों के साथ चिप निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर पर वार्ता प्रस्तावित है।
  • जापान और सिंगापुर सिटी: यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण ने पहले ही राज्य सरकार को ‘जापान सिटी’ और ‘सिंगापुर सिटी’ विकसित करने का प्रस्ताव भेजा है, जिसके लिए सीएम विदेशी निवेशकों को आमंत्रित करेंगे।

इन क्षेत्रों पर है विशेष फोकस

मुख्यमंत्री के इस दौरे का एजेंडा बेहद स्पष्ट और परिणाम-केंद्रित है:

  1. डेटा सेंटर: गूगल और एसटीटी ग्लोबल जैसी कंपनियों के साथ यूपी को डेटा स्टोरेज हब बनाना।
  2. ग्रीन एनर्जी: सौर ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में जापानी तकनीक का लाभ उठाना।
  3. लॉजिस्टिक्स: यूपी के एक्सप्रेसवे नेटवर्क को ग्लोबल सप्लाई चेन से जोड़ना।
  4. स्किल डेवलपमेंट: यूपी के युवाओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रशिक्षित करने के लिए सिंगापुर के मॉडल को अपनाना।

प्रवासी भारतीयों और स्कूली बच्चों से संवाद

सरकारी कामकाज के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने सिंगापुर में रह रहे भारतीय समुदाय और उत्तर प्रदेश मूल के लोगों से भी संवाद किया। उन्होंने प्रदेश की बदली हुई कानून-व्यवस्था और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ का जिक्र करते हुए उन्हें अपनी जड़ों से जुड़ने और निवेश करने का आह्वान किया।

“उत्तर प्रदेश आज केवल आबादी में ही बड़ा नहीं है, बल्कि यह उत्पादन और उपभोग का भी सबसे बड़ा केंद्र है। हमारा लक्ष्य प्रदेश को भारत का मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना है।”मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

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