राहुल गांधी ने दीपक को फोन पर बुलाया था। मुलाकात 10 जनपथ पर हुई, जिसमें सोनिया गांधी भी शामिल रहीं। दीपक ने बताया, “राहुल जी ने मुझे और मेरे परिवार से बात की। उन्होंने आश्वासन दिया कि जो काम मैंने इंसानियत के लिए किया, वह बिल्कुल सही है। डरने की कोई जरूरत नहीं। उन्होंने मेरी पत्नी से फोन पर भी बात की और कहा कि वे कोटद्वार आएंगे और मेरे जिम में वर्कआउट करेंगे।” दीपक ने स्वाभिमान से जवाब दिया, “अगर राहुल जी कोटद्वार आएंगे और मेरे जिम में वर्कआउट करेंगे, तभी मैं उन्हें मेंबरशिप दूंगा।” सोनिया गांधी ने भी दीपक के साहस की सराहना की और आशीर्वाद दिया।
घटना की पृष्ठभूमि: 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) को कोटद्वार के पटेल मार्ग पर वकील अहमद (70 वर्षीय मुस्लिम दुकानदार) की दुकान ‘बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर’ पर कथित बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने ‘बाबा’ शब्द हटाने का दबाव बनाया। दीपक कुमार ने बुजुर्ग का बचाव किया। जब भीड़ ने उनका नाम पूछा तो उन्होंने कहा- “मेरा नाम मोहम्मद दीपक है।” वीडियो वायरल होने के बाद दीपक देशभर में चर्चा में आए। राहुल गांधी ने उन्हें पहले भी “भारत का हीरो” और “मोहब्बत की दुकान का योद्धा” बताया था।
इसके बाद दीपक और उनके परिवार को धमकियां मिलीं। उनके जिम ‘हल्क जिम’ (बद्रीनाथ रोड) पर हमला हुआ। सदस्यों की संख्या 150 से घटकर मात्र 15-30 रह गई, जिससे आर्थिक नुकसान हुआ। दीपक ने कहा, “जिम किराए की इमारत में है, मासिक किराया 40 हजार रुपये और घर की लोन किश्त 16 हजार। परिवार पर असर पड़ा, बेटी ने स्कूल जाना बंद कर दिया था।” सुप्रीम कोर्ट के 12 वरिष्ठ वकीलों ने प्रतीकात्मक रूप से जिम की एक साल की सदस्यता लेकर समर्थन जताया।
राजनीति से दूरी, इंसानियत जोड़ो यात्रा का ऐलान: दीपक ने साफ कहा, “मैं राजनीति में नहीं आ रहा और न कांग्रेस जॉइन की है। मैं एक आम नागरिक के रूप में मिला था। अगर प्रधानमंत्री मोदी मुझे बुलाएंगे तो उनसे भी मिलने जरूर जाऊंगा।” उन्होंने बताया कि दोस्त विजय रावत के साथ जल्द ‘इंसानियत जोड़ो यात्रा’ निकालेंगे, ताकि पूरे देश में मोहब्बत और भाईचारे का संदेश फैलाया जा सके। युवाओं से अपील की, “गलत होते देखकर चुप न रहें। आज किसी और के साथ गलत हो रहा है और आप चुप हैं, तो कल आपके साथ भी हो सकता है।”
कांग्रेस ने मुलाकात की तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, “दीपक मोहब्बत की दुकान के योद्धा हैं, पूरे देश को उन पर गर्व है।” राहुल गांधी के साथ कांग्रेस नेता वैभव वालिया भी मौजूद थे। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब दीपक नफरत के माहौल में इंसानियत की मिसाल बनकर उभरे हैं। दीपक की हिम्मत अब “चार गुना बढ़ गई” है, जैसा उन्होंने खुद कहा। कोटद्वार और पूरे उत्तराखंड में इस घटना ने सामाजिक सौहार्द पर बहस छेड़ दी है।

