ग्रेटर नोएडा नहर हादसा: 8 वर्षीय मासूम खेरली नहर में तेज बहाव की चपेट में, कई घंटों से NDRF-पुलिस का सर्च ऑपरेशन जारी; ग्रेटर नोएडा में मातम

ग्रेटर नोएडा नहर हादसा: ग्रेटर नोएडा (दनकौर), बरसात के मौसम में एक बार फिर तेज बहाव वाली नहर ने एक मासूम की जान ले ली है। मंगलवार को दनकौर थाना क्षेत्र के खेरली गांव के पास स्थित खेरली नहर में दोस्तों के साथ नहाने गई 8 वर्षीय बच्ची अचानक तेज पानी की चपेट में आकर बह गई। घटना की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और राहत-बचाव की मुहिम शुरू हो गई, लेकिन समाचार लिखे जाने तक बच्ची का कोई अता-पता नहीं चल सका था। स्थानीय लोगों के अनुसार, बच्ची अपने कुछ साथियों के साथ नहर किनारे खेल रही थी और नहाने चली गई। अचानक तेज बहाव ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। देखते-ही-देखते वह दूर बह गई। स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत बचाव का प्रयास किया, लेकिन तेज पानी और गहरे बहाव के कारण वे कुछ नहीं कर सके। नहर किनारे बच्ची के कपड़े मिलने के बाद हादसे की पुष्टि हुई।

तत्काल राहत कार्य:
घटना की सूचना मिलते ही दनकौर थाना पुलिस, एनडीआरएफ (NDRF) और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। संयुक्त टीम ने युद्धस्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। ड्रोन, बोट और डाइविंग टीमों की मदद से नहर के आसपास और डाउनस्ट्रीम इलाकों में तलाश जारी है। कई घंटों तक लगातार अभियान चलने के बावजूद बच्ची का सुराग नहीं मिला।

परिजनों और गांव का दर्द:
बच्ची के परिजन रो-रोकर बुरा हाल हैं। मां-बाप और रिश्तेदार नहर किनारे बैठे तलाशी अभियान देख रहे हैं। पूरे गांव और आसपास के इलाकों में मातम का माहौल छा गया है। बड़ी संख्या में ग्रामीण भी राहत दलों के साथ बच्ची की तलाश में जुटे हुए हैं।

प्रशासन की अपील और चेतावनी:
जिलाधिकारी और पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बरसात के मौसम में नहरों, नदियों और अन्य जल स्रोतों में पानी का बहाव अत्यधिक तेज हो जाता है, जिससे ऐसे हादसे आम हो जाते हैं। उन्होंने आमजन से खास तौर पर बच्चों को नहरों के पास न जाने देने और बरसात के समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। ग्रेटर नोएडा और आसपास के इलाकों में बरसात के मौसम में नहरों में डूबने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पिछले कुछ वर्षों में कई बच्चों और युवाओं की इसी तरह जान जा चुकी है। प्रशासन ने कई बार नहर किनारों पर चेतावनी वाले बोर्ड लगाए हैं, लेकिन जागरूकता की कमी और बच्चों की जिज्ञासा ऐसे हादसों को बढ़ावा दे रही है।

वर्तमान स्थिति
अभी तक बच्ची का शव बरामद नहीं हो सका है। पुलिस और NDRF की टीम रात भर भी सर्च ऑपरेशन जारी रखेगी। स्थानीय विधायक और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। परिजनों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया है। यह हादसा एक बार फिर बरसात के मौसम में खुले जल स्रोतों की सुरक्षा, बच्चों की निगरानी और जागरूकता की कमी पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। प्रशासन को चाहिए कि नहर किनारों पर मजबूत बैरिकेडिंग, नियमित पेट्रोलिंग और जनजागरूकता अभियान चलाकर ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जाए। यह रिपोर्ट विभिन्न स्थानीय स्रोतों, सोशल मीडिया अपडेट्स और प्रशासनिक बयानों पर आधारित है। आगे की जानकारी मिलते ही अपडेट किया जाएगा।

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