ग्रेटर नोएडा: डब्ल्यूटीसी (WTC) प्रोजेक्ट के खरीदारों ने मंगलवार को सेक्टर गामा-2 स्थित उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) कार्यालय पहुंचकर चेयरमैन संजय भूसरेड्डी से मुलाकात की। खरीदारों ने वर्षों से लंबित शिकायतों का जल्द निस्तारण कराने और जारी रिकवरी सर्टिफिकेट (RC) पर प्रभावी वसूली कराने की मांग की। उनका आरोप है कि शिकायतें महीनों से लंबित हैं, जबकि जारी की गई आरसी पर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।
15 साल बाद भी नहीं मिला कब्जा, 20 हजार खरीदार प्रभावित होने का दावा
डब्ल्यूटीसी अलॉटीज वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव विपुल गुप्ता ने बताया कि यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे टेकज़ोन स्थित WTC IT Project और नोएडा के सेक्टर-132 स्थित WTC CBD Project में करीब 20 हजार खरीदार प्रभावित हैं। उनका दावा है कि अधिकांश खरीदार बिल्डर को 100 प्रतिशत भुगतान कर चुके हैं, लेकिन 15 वर्षों बाद भी उन्हें अपने फ्लैट या व्यावसायिक इकाइयों का कब्जा नहीं मिला है।
शिकायतों के निस्तारण में देरी का आरोप
खरीदारों का कहना है कि उन्होंने न्याय की उम्मीद में यूपी रेरा में शिकायतें दर्ज कराई थीं, लेकिन कई मामलों का लंबे समय से निस्तारण नहीं हो रहा है। इससे खरीदार आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना कर रहे हैं।
200 से अधिक RC जारी, फिर भी नहीं हो रही वसूली
खरीदारों ने आरोप लगाया कि यूपी रेरा की ओर से 200 से अधिक रिकवरी सर्टिफिकेट (RC) जारी किए जा चुके हैं, लेकिन संबंधित मामलों में अब तक प्रभावी वसूली नहीं हो सकी है। उनका कहना है कि यदि आरसी जारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होती, तो खरीदारों को राहत कैसे मिलेगी।
ED की कार्रवाई का हवाला, रेरा से भी प्रभावी कदम उठाने की मांग
खरीदारों ने चेयरमैन संजय भूसरेड्डी से मांग की कि लंबित शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए और जारी आरसी पर तत्काल वसूली सुनिश्चित कराई जाए। उनका कहना है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है, लेकिन यूपी रेरा की ओर से अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई नहीं दिखाई दे रही है।
खरीदारों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद
यूपी रेरा कार्यालय में हुई मुलाकात के दौरान खरीदारों ने अपनी समस्याओं से चेयरमैन को अवगत कराया और मांग की कि वर्षों से लंबित मामलों में जल्द निर्णय लेकर प्रभावित खरीदारों को न्याय दिलाया जाए। अब सभी की नजर इस बात पर है कि यूपी रेरा इन शिकायतों पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है।

