TMC hooliganism on polling day: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में कुमारगंज सीट पर मतदान के बीच भड़की हिंसा। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान के दौरान गुरुवार को कुमारगंज विधानसभा क्षेत्र में उस समय हंगामा मच गया जब भाजपा प्रत्याशी सुभेंदु सरकार ने आरोप लगाया कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला किया, उन्हें चोटें आईं और उनकी कार भी तोड़ दी गई।
बूथ संख्या 24 पर गए तो हुआ हमला
सुभेंदु सरकार ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि कुमारगंज क्षेत्र के 8 से 10 मतदान केंद्रों से उनके पोलिंग एजेंटों को जबरन बाहर निकाल दिया गया। जब वे खुद मौके का जायजा लेने बूथ नंबर 24 पर पहुंचे तो टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उन पर और उनकी पूरी टीम पर हमला बोल दिया। उन्होंने कहा, “उनका इरादा साफ था डर और दहशत का माहौल बनाना। मेरे साथ केवल मेरा बॉडीगार्ड था, और उस वक्त केंद्रीय बल परिसर के अंदर मौजूद थे, लेकिन हमले के समय वे वहां नहीं थे।”
ममता पर साधा निशाना
घटना से आहत सुभेंदु सरकार ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी हमला बोला और कहा कि “ममता बनर्जी चुनाव हार चुकी हैं और इस क्षेत्र की चारों सीटें टीएमसी के हाथ से जा रही हैं। घबराहट और हताशे में उन्होंने यह हमला करवाया।”
बंगाल में और भी भड़की हिंसा
इससे पहले दिन में नौदा इलाके में टीएमसी कार्यकर्ताओं और अजाप (AJUP) के संस्थापक हुमायूं कबीर के समर्थकों के बीच भी झड़प हो गई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठियां बरसाईं, पत्थर फेंके और सड़क पर खड़े वाहनों को नुकसान पहुंचाया। सुरक्षाबलों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
पहले चरण में 152 सीटों पर मतदान
पहले चरण में 152 सीटों पर मतदान हो रहा है और इसमें उत्तर बंगाल की सभी 54 सीटें शामिल हैं। 3.60 करोड़ से अधिक मतदाता इस चरण में अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। राज्य में शांतिपूर्ण मतदान के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 2,450 कंपनियां तैनात की गई हैं।
भाजपा ने की कड़ी निंदा
भाजपा ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए चुनाव आयोग से तत्काल हस्तक्षेप और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि टीएमसी मतदाताओं को डराने-धमकाने के लिए संगठित हिंसा का सहारा ले रही है।

