समाजवादी पार्टी ने नोएडा विधानसभा की मतदाता सूची में भारी अनियमितता उजागर की; लगभग 11,596 संदिग्ध वोटर एंट्रीज़ होने का दावा

समाजवादी पार्टी (नोएडा महानगर) के अध्यक्ष डॉ. आश्रय गुप्ता ने आज यहां आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि नोएडा विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में व्यापक और गम्भीर अनियमितताएं मिली हैं। पार्टी ने कहा कि स्थानीय जांच में अब तक 11,596 संदिग्ध मतदाता एंट्रीज़ की पहचान हुई है, जिनमें कई मामलों में एक ही व्यक्ति के नाम पर एक से अधिक मतदाता पहचान पत्र (Voter ID) पाए गए हैं।

डॉ. गुप्ता ने बताया कि उन्होंने प्रारंभिक चरण में जो डेटा एकत्र किया, उसमे ऐसे कई उदाहरण मिले जहाँ एक ही व्यक्ति के छह-छह, पांच-पांच, चार-चार तथा तीन-तीन वोटर आईडी पाई गईं। कुछ मामलों में पहचान पत्रों पर दर्ज उम्र, पिता का नाम और अन्य विवरण समान हैं, जबकि संबंधित पंजीकरण विभिन्न बूथों पर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों के लिए वही बूथ संख्या भी दोहराई गई मिली है, जिससे गड़बड़ी और भी स्पष्ट होती है। डॉ. गुप्ता ने आरोप लगाया कि यह अनियमितता उस दावे पर सवाल उठाती है जिसे चुनाव आयोग ने नए, हाई‑टेक और सत्यापन-आधारित मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) के तहत पारदर्शी और विश्वसनीय बताया था। “हम शुरुआत से ही शक कर रहे थे, लेकिन अब यकीन में बदल गया क्योंकि सबूत हमारे पास आ गए हैं,” उन्होंने कहा। उन्होंने चुनाव आयोग से लिखित (स्पीड पोस्ट के माध्यम से) जवाब और विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है।

पार्टी ने चुनाव आयोग से पूछे जाने वाले प्रमुख प्रश्नों में शामिल किए:

SSR में पारदर्शिता होने के बावजूद इतनी विशाल संख्या में डुप्लीकेट कैसे बनी रही?

यदि यह प्रशासनिक त्रुटि है, तो किन निर्वाचन अधिकारियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई या की जाएगी?

एक ही व्यक्ति के नाम पर अनेक वोटर आईडी और अलग-अलग बूथों पर पंजीकरण कैसे संभव हुआ, जबकि उच्च तकनीक सत्यापन की बात की गई थी?

क्या निर्वाचन आयोग पूरी सूची का स्वतंत्र पुनः निरीक्षण करवाएगा; करायेगा तो हटाने की समय-सीमा क्या होगी?

उन जिलाधिकारियों और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध क्या जवाबदेही तय की जाएगी?

रिपोर्टरों के एक सवाल पर कि क्या यह जांच अभी जारी है, डॉ. गुप्ता ने कहा कि प्रक्रिया चल रही है और भविष्य में और प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाएगी जिनमें और मिले वोटर एंट्रीज़, फेक वोटर्स, डिलीटेड या शिफ्टेड वोटरों से जुड़ी शिकायतों की भी जानकारी दी जाएगी। जब रिपोर्टर ने पूछा कि जिन वोटों की पहचान हुई वे अधिकतर किस पार्टी के पक्ष में जाती दिखी, तो डॉ. गुप्ता ने कहा कि ऐतिहासिक रूप से नोएडा की सीटें अधिकतर भाजपा के पक्ष में रही हैं और शहर के शहरी क्षेत्रों में बढ़ती हुई वोटर संख्या में यही डुप्लीकेट रिकॉर्ड्स भी पकड़े गए हैं।

समाजवादी पार्टी नोएडा संगठन ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यह मामला केवल किसी पार्टी की प्रतिष्ठा का विषय नहीं है, बल्कि लोकतंत्र की आधारशिला, मतदाता सूची की शुद्धता, का मामला है। संगठन ने चुनाव आयोग से अनुरोध किया है कि इस मुद्दे की उच्चस्तरीय, स्वतंत्र और पारदर्शी जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध समुचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और जनता के समक्ष पूरी जानकारी रखी जाए। पार्टी ने कहा कि वह जल्द ही सभी संबंधित दस्तावेज़ एवं साक्ष्यों के साथ स्पीड पोस्ट के माध्यम से चुनाव आयोग को लिखित शिकायत भेजेगी तथा जवाब का इंतजार करेगी। डॉ. गुप्ता ने आश्वासन दिया कि आगे की जांच व कदमों के बारे में पार्टी समय-समय पर जनता और मीडिया को सूचित करती रहेगी।

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