नोएडा में आवारा कुत्तों का आतंक बेकाबू: गौतमबुद्धनगर जिले में आवारा कुत्तों का आतंक दिन-ब दिन बेकाबू होता जा रहा है। जनवरी 2026 से अब तकसिर्फ चार महीनों में 30 हजार से अधिक डॉग बाइट के मामले दर्ज हो चुके हैं। नोएडा के सेक्टर 39 स्थित जिला अस्पताल में सुबह होते ही रेबीज रोधी टीका लगवाने वालों की लंबी कतारें लग जाती हैं और पीड़ितों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। यह स्थिति न केवल आमजनता में दहशत पैदा कर रही है, बल्कि प्रशासन और नोएडा प्राधिकरणकी कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
हर दिन सैकड़ों पीड़ित पहुंच रहे अस्पताल
जिला अस्पताल में डॉग बाइट के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है| एक ही दिन में 472 तक मामले दर्ज किए गए, जबकि होली के दिन ओपीडी बंद रहने के बावजूद 40 लोग इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे।मंगलवारको भी करीब 352 नए मामले सामने आए और एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रहीहै। एक दिन जिलाअस्पताल में कुल 3,768 मरीज पहुंचे, जिनमें डॉग बाइट के 360 सेअधिक मामले शामिल थे।
एक सामान्य दिन में भी 84 लोग कुत्ते के काटने के बादरेबीज वैक्सीनलगवाने पहुंचे, जिनमें से 169 मरीज दूसरी, तीसरी या चौथी डोज वालेथे। यह आंकड़ा बताता हैकि डॉग बाइट के मामलों की संख्या न केवलएकबारगी अधिक है, बल्कि इलाज का लंबा सिलसिला भी चल रहा है।
बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक शिकार
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की पंचशील ग्रीन 2 सोसाइटी में एक आवारा कुत्ते नेचार साल के मासूम बच्चे पर हमला कर दिया, जो सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। नोएडा के सेक्टर 78 की कार्मिक ग्रीन्स हाउसिंग सोसाइटी में दो आवारा कुत्तों ने एक 5 वर्षीय बच्चे पर हमला किया| सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि कुत्ते बच्चे को घसीटने की कोशिश भी करते हैं। बुजुर्ग भी इन हमलों से नहीं बचे। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर बीटा2 में टहलने निकली एक बुजुर्ग महिला को आवारा कुत्ते ने काट लिया। इलाज के दौरान जरूरी इंजेक्शन समय पर नहीं लग पाए और बाद मेंउनकी हार्ट अटैक से मौत हो गई। ग्रेटर नोएडा के दनकौर कोतवाली क्षेत्रकी अजनारा पनोरमा सोसाइटी में रक्षा मंत्रालय के पूर्व 1977 बैच केसिविल सेवा अधिकारी डॉ. दीर्घ नारायण पर आवारा कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया और उनके शरीर पर 13 जगह काट लिया।
प्राधिकरण पर उठ रहे गंभीर सवाल
सोसाइटी के लोगों का कहना है कि नोएडा प्राधिकरण से कई बारशिकायत की गई, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई। निवासियों का आरोपहै कि यमुना प्राधिकरण से कई बार शिकायत करने के बावजूद आवारा कुत्तों को पकड़ने और शेल्टर होम भेजने की प्रक्रिया प्रभावी तरीके से लागू नहीं हो रही है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अनुमान के मुताबिक क्षेत्र में डेढ़ लाख से अधिक आवारा कुत्ते हैं। अब तक की प्रक्रिया में कुत्तों को केवल टीकाकरण और नसबंदी के बाद वापस उसी स्थान पर छोड़ दिया जाता था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब 5 नए डॉग शेल्टर होम बनाने की योजना बनाई गई है, लेकिन यह काम अभी तक जमीन पर नहीं उतरपाया है।
सुप्रीम कोर्ट भी सख्त
सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के मामले पर सुनवाई करते हुए सख्त लहजे में कहा कि डॉग बाइट की हर घटना के लिए सरकार भारी मुआवजा दे। जो लोग कुत्तों को खाना खिलाते हैं, उनकी भी जवाबदेही तय की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आवारा कुत्तों के नियंत्रण और जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल राज्य सरकारों तक सीमित नहीं है।
पृष्ठभूमि: बीते सालों में भी बिगड़ते रहे हालात
यह संकट नया नहीं है। जनवरी से जुलाई 2025 के बीच ही गौतमबुद्धनगर जिले में करीब 1 लाख 8 हजार डॉग बाइट के मामले दर्ज हुए थे, यानी हर महीने औसतन लगभग 14 हजार लोग कुत्तों के शिकार हो रहे थे। जिले के अस्पतालों में रोजाना 500 से अधिक लोग रेबीज का टीका लगवाने पहुंच रहे थे। 2026 में हालात और बिगड़े हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि नोएडा प्राधिकरण तत्काल आवारा कुत्तोंको पकड़ने का अभियान चलाए, शेल्टर होम बनाने का काम युद्धस्तर पर पूरा करे और बच्चों एवं बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए सोसाइटियों व पार्कों में गश्त बढ़ाई जाए। जिला प्रशासन और प्राधिकरण की चुप्पी और निष्क्रियता अब जानलेवा साबित हो रही है।

