Shaheen Bagh News: बारिश के बाद शाहीन बाग में जलभराव और गड्ढे, सीवर काम से लोग परेशान

Shaheen Bagh News: दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में मानसून की बारिश ने एक बार फिर स्थानीय नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी को नरक बना दिया है। सड़कों पर पानी भरने, गहरे गड्ढों और अधूरी सीवर पाइपलाइन की खुदाई ने आवागमन को बेहद मुश्किल कर दिया है। कई लोग पानी से भरे गड्ढों में गिर रहे हैं, बाइक, ऑटो और यहां तक कि ट्रक भी फंस रहे हैं। स्थानीय निवासी गुस्से में हैं कि हर साल बारिश के मौसम में ही ऐसे काम क्यों शुरू किए जाते हैं, जिससे आम जनता को परेशानी होती है।

सोशल साइट्स के ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, शाहीन बाग की मुख्य सड़कों पर पिछले एक से डेढ़ महीने से सीवर पाइपलाइन डालने का काम चल रहा है। मानसून शुरू होने से पहले या उसके आसपास खुदाई शुरू हुई और अभी तक अधूरी पड़ी हुई है। बारिश के पानी ने इन खुदे हुए हिस्सों को ढक लिया है, जिससे गड्ढे दिख नहीं रहे। नतीजा यह है कि राहगीर, बाइक सवार और वाहन चालक अनजाने में इन गड्ढों में गिर रहे हैं।

एक स्थानीय निवासी ने कहा, “ये पाइप लाइन का काम एक-डेढ़ महीने से चल रहा है और मॉनसून की शुरुआत से ही जारी है। हर साल बारिश के समय ही ऐसा काम क्यों किया जाता है, जिससे जनता को दिक्कत होती है? सड़क पर पानी भरा है और यह समझ नहीं आ रहा कि कहां गहरा गड्ढा है। पाइप लाइन के लिए की गई खुदाई के चलते लोग इन बड़े गड्ढों में लगातार गिर रहे हैं।”

सोशल मीडिया पर अपलोड हुए वीडियो में कई घटनाएं कैद हुईं। एक बाइक पूरी तरह गड्ढे में धंस गई। एक अन्य मौके पर दो लोग गड्ढे में गिर गए और बाइक निकालने की कोशिश करते दिखे। दुकानदारों के अनुसार, सुबह के समय पानी सीढ़ियों तक पहुंच गया था। एक ऑटो और एक पानी का ट्रक भी गड्ढे में फंस चुका है। स्थानीय निवासियों के अनुसार 6 अगस्त को अकेले 8-15 लोगों के गिरने की बात कही गई। एक बच्ची के सिर पर चोट लगने की घटना का भी जिक्र भी हुआ।

स्थानीय युवक ने बताया, “इट हैज बीन मंथ्स… थ्री टू फोर मंथ्स हो गया है और जिस कंडीशन में यह अभी है, पता नहीं कब सॉल्व होगा। यहां ओखला एसटीपी है, जहां पूरे दिल्ली का पॉट आता है और प्रोसेस होता है। वही एसटीपी का पानी इन नालियों में जाता है। ये पूरी दिल्ली की लैट्रिन है। हमको गाजा से भी बदतर हालत में रखा हुआ है।”

निवासियों का आरोप है कि शिकायतें बार-बार की जा रही हैं, वीडियो वायरल हो रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। वे कहते हैं कि स्थानीय नेता—चाहे अमानतुल्लाह खान (एमएलए) हों, बीजेपी, कांग्रेस या अन्य पार्टियां—किसी को फर्क नहीं पड़ता। “दिस इज आवर टैक्स मनी। बीजेपी की हिम्मत नहीं है यहां पे आ जाए। हम खड़े हैं अमानत के साथ, नहीं करेगा काम वो। उसको फर्क नहीं पड़ता। ना कोई एमपी-एमएलए यहां आ के देखता है,” एक नागरिक ने गुस्से में कहा।

मौके पर मौजूद होकर स्थिति का जायजा लेते हुए स्थानीय निवासी काफ़ी परेशान है। वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया जा रहा है जहाँ साफ़ तौर पर उनके पीछे की सड़क पानी और गंदगी से भरी दिख रही थी, लेकिन वह नाला नहीं, बल्कि टूटी हुई सड़क है जहां चार-पांच महीने से पाइपलाइन का काम अधूरा पड़ा है। इलाके में कचरे के ढेर आम हैं, लेकिन डस्टबिन नजर नहीं आते। बच्चे स्कूल जाने के लिए माता-पिता की गोद में या बाइक-स्कूटी पर इस खतरे भरे रास्ते को पार करते हैं। दुकानदारों का कहना है कि ग्राहक बहुत कम आ रहे हैं। एक दुकानदार ने बताया, “एक महीना हो गया… पहले कंक्रीट किया हुआ था, अब ये नाला तोड़ने के बाद हालत खराब हो गई। बारिश में ही काम शुरू हुआ है। अनजान बंदे ज्यादा गिर रहे हैं जो बाहर से आ रहे हैं। कम से कम रोड को दोनों तरफ से सील करवा दें ताकि कोई नया बंदा न गिरे।”

शाहीन बाग दिल्ली की घनी आबादी वाला इलाका है। यहां बुनियादी सुविधाओं—साफ सड़क, उचित जल निकासी, कचरा प्रबंधन—की भारी कमी दिखती है। निवासी कहते हैं कि यह स्थिति उनके लिए ‘नॉर्मल’ हो गई है। बच्चे इसी में बड़े हो रहे हैं और उन्हें साफ रास्ते का अंदाजा तक नहीं है। स्थानीय लोगों का एक वर्ग इसे वोट बैंक की राजनीति से जोड़ता है। वे आरोप लगाते हैं कि सुरक्षा और वोट के नाम पर इलाके को जानबूझकर उपेक्षित रखा जा रहा है। “हमको चूहे-बिल्ली की तरह, कुत्ते की तरह रख रहे हैं… सिर्फ वोट बैंक है। हमारी याद आएगी 5 साल बाद,” एक युवक ने कहा।

सूत्रों के अनुसार, यह समस्या सिर्फ एक सड़क तक सीमित नहीं। आसपास के कई रास्ते इसी हालत में हैं। ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह फेल दिख रहा है। डिवाइडर के लिए खोदे गए गड्ढों में भी वाहन फंस रहे हैं। पानी भरा होने के कारण गड्ढे नजर नहीं आते, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाता है।

शाहीन बाग की यह स्थिति दिल्ली के कई अन्य इलाकों में मानसून के दौरान दिखने वाली नागरिक अव्यवस्था की तस्वीर पेश करती है। निवासी प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग कर रहे हैं कि काम को जल्द पूरा किया जाए, सड़कों को सुरक्षित बनाया जाए और बारिश के मौसम में ऐसे निर्माण कार्यों से बचा जाए। फिलहाल, इलाके के लोग हर रोज इन गड्ढों और पानी से भरी सड़कों के बीच जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं।

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