नोएडा की राजनीति और समाज सेवा में एक नया चेहरा: जानिए कौन हैं ‘कहना नहीं, कर दिखाना है’ वाले मुकेश शर्मा

नोएडा: इन दिनों नोएडा की सड़कों, चौराहों और प्रमुख स्थानों पर लगे बड़े-बड़े होर्डिंग्स हर राहगीर का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं। इन होर्डिंग्स पर लिखा एक सीधा और प्रभावी संदेश—”कहना नहीं, कर दिखाना है”—लोगों के बीच कौतूहल और चर्चा का विषय बना हुआ है। यह नारा किसी पारंपरिक राजनीतिक दल या चुनावी अभियान का हिस्सा नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स का है जिसने बिना किसी राजनीतिक पद के नोएडा के गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। यह नाम है—मुकेश शर्मा।

मुकेश शर्मा मूल रूप से एक जाने-माने शिक्षाविद (Educator) हैं और उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के क्षेत्र में एक सफल और बड़ी कंपनी खड़ी कर अपनी पहचान बनाई है। व्यापार और शिक्षा जगत में सफलता हासिल करने के बाद अब वह समाज सेवा के क्षेत्र में एक अनूठी मिसाल पेश कर रहे हैं।

समाज सेवा में एक अनूठा और साहसिक सपना

मुकेश शर्मा का दृष्टिकोण केवल औपचारिक समाज सेवा तक सीमित नहीं है। उनका एक ऐसा सपना है, जिसे देखने और पूरा करने का साहस देश में बहुत कम लोग जुटा पाते हैं।

 सेवा संस्थाओं को संबल: वह स्वयं सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहने के साथ-साथ उन सभी गैर-सरकारी और चैरिटेबल संस्थाओं को भी मजबूत बना रहे हैं, जो जमीनी स्तर पर लोगों की निस्वार्थ सेवा कर रही हैं।

 सशक्त और आत्मनिर्भर समाज: शिक्षा और आईटी के अपने विशाल अनुभव का उपयोग कर वह युवाओं, वंचित वर्गों और जरूरतमंदों को संसाधन तथा मार्गदर्शन उपलब्ध करा रहे हैं।

 ‘काम’ को प्राथमिकता: उनका स्पष्ट मानना है कि वादों और बयानों से ज्यादा महत्व जमीनी स्तर पर किए गए काम का होता है। यही वजह है कि “कहना नहीं, कर दिखाना है” का संदेश सीधे आम जनता के दिलों से जुड़ रहा है।

राजनीति से दूरी, फिर भी राजनीतिक गलियारों में खलबली

मुकेश शर्मा का साफ तौर पर कहना है कि उनका किसी भी राजनीतिक दल से कोई प्रत्यक्ष सरोकार या हित नहीं है। वह किसी पार्टी का हिस्सा बनकर नहीं, बल्कि एक जागरूक और समर्थ नागरिक के रूप में समाज की सेवा करना चाहते हैं।

हालाँकि, उनके बढ़ते सामाजिक प्रभाव और जनता के बीच लोकप्रिय हो रहे होर्डिंग्स ने नोएडा के राजनीतिक समीकरणों में कौतूहल जरूर पैदा कर दिया है:

 राजनीतिक दलों में चर्चा: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), समाजवादी पार्टी (सपा), कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी (बसपा)—हर दल के स्थानीय नेता और रणनीतिकार यह जानने में जुट गए हैं कि आखिर मुकेश शर्मा कौन हैं और उनका अगला कदम क्या होगा।

 जनता का रुझान: आम लोग उन्हें एक ऐसे लीडर के रूप में देख रहे हैं जो बयानबाजी के बजाय धरातल पर काम करने में विश्वास रखता है।

भविष्य में क्या कर सकते हैं बदलाव

मुकेश शर्मा की यह पहल इस बात का प्रमाण है कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए हमेशा किसी राजनीतिक पद या चुनाव की आवश्यकता नहीं होती। उनका विजन और काम करने की शैली यह दर्शाती है कि यदि नीयत साफ हो और संसाधन सही दिशा में लगाए जाएं, तो एक व्यक्ति भी पूरे शहर में बदलाव की लहर ला सकता है।

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