अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला देशभर में सनसनी फैला रहा है। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इंडोनेशिया दौरे के दौरान इस घटना पर तीखा बयान दिया है। उन्होंने कहा, “रावण सिर्फ त्रेता युग में नहीं था, आज भी रूप बदलकर मौजूद है। जिन्होंने राम मंदिर के दान पात्र में श्रद्धालुओं की आस्था और करोड़ों लोगों का भरोसा चुराया है, उन्हें कानून के साथ-साथ भगवान का भी दंड मिलेगा।” शास्त्री जी ने आगे कहा कि रावण ने केवल माता सीता का हरण किया था, लेकिन इन चोरों ने लाखों श्रद्धालुओं की आस्था और करोड़ों भक्तों का विश्वास लूटा है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे पापी भगवान के महादंड से नहीं बच पाएंगे। यह बयान हनुमान कथा के दौरान दिया गया, जिसकी सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा हो रही है।
कार्रवाई तेज, 8 आरोपी गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश पुलिस और SIT की तेज कार्रवाई से मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनमें मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कर्मचारी, कैश काउंटिंग टीम के सदस्य और एक रिटायर्ड बैंकर शामिल हैं। चंपत राय के ड्राइवर रामशंकर यादव (टिन्नू) भी गिरफ्तार हुए हैं। FIR में चोरी, आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी और साजिश के आरोप लगाए गए हैं। SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट में CCTV फुटेज के आधार पर ₹79 लाख से अधिक की रिकवरी हुई है, जबकि कुल चोरी करोड़ों में बताई जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्ती का संदेश देते हुए कहा है कि “कोई भी बख्शा नहीं जाएगा”। विपक्षी दलों ने बड़े लोगों पर FIR की मांग की है, जबकि ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों के इस्तीफे की खबरें भी आ रही हैं।17
साधु-संतों में आक्रोश, सोशल मीडिया पर बहस
इस घटना से साधु-संतों और राम भक्तों में भारी रोष है। कई संगठनों ने मंदिर की पवित्रता पर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया (X) पर #RamMandirChori, #DonationScam जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। कुछ यूजर्स इसे “सनातन की आस्था से खिलवाड़” बता रहे हैं, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है। एक पोस्ट में लिखा गया, “राम के नाम पर लूट, अब और कितना ढोंग?” देश-दुनिया में प्रतिक्रियाएं तेज हैं। कई राम भक्तों ने चढ़ावे की पारदर्शी व्यवस्था की मांग की है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा हो रही है, हालांकि मुख्य फोकस भारत में ही है।
जांच आगे बढ़ेगी
SIT की जांच जारी है। सूत्रों के मुताबिक, मंदिर ट्रस्ट के उच्च पदाधिकारियों पर भी FIR की संभावना है। सरकार पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए CEO नियुक्ति पर विचार कर रही है। राम भक्तों की आस्था से जुड़े इस मामले में पूरी निष्पक्षता बरती जाएगी, यही अपेक्षा है। राम मंदिर करोड़ों हिंदूओं की आस्था का प्रतीक है। चढ़ावे की चोरी न केवल आर्थिक अपराध है, बल्कि भावनाओं का अपमान भी। उम्मीद है कि जांच से सच्चाई सामने आएगी और दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी। जय श्री राम!

