नोएडा: सेक्टर-46 में पिछले लंबे समय से जारी बिजली की अघोषित कटौती, लो-वोल्टेज और खराब बिजली ढांचे को लेकर स्थानीय निवासियों का धैर्य जवाब दे गया है। आरडब्ल्यूए (RWA) और निवासियों ने अधिशासी अभियंता (विद्युत वितरण खंड) को एक कड़ा प्रतिवेदन सौंपकर विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
गर्मी बढ़ते ही गहराया संकट निवासियों का आरोप है कि गर्मी शुरू होते ही सेक्टर की स्थिति गांवों से भी बदतर हो गई है। ए-ब्लॉक स्थित पावर हाउस पर मेंटेनेंस के नाम पर बार-बार शटडाउन लिया जा रहा है, लेकिन आपूर्ति में कोई सुधार नहीं हुआ। घंटों बिजली गायब रहने से बच्चों की पढ़ाई, बुजुर्गों के स्वास्थ्य और जलापूर्ति जैसी आवश्यक सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।
आरडब्ल्यूए की प्रमुख मांगें:
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तकनीकी ऑडिट: सेक्टर की विद्युत व्यवस्था का तत्काल तकनीकी ऑडिट और लोड सर्वे कराया जाए।
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क्षमता वृद्धि: बढ़ती आबादी के अनुसार ट्रांसफॉर्मर और फीडर की क्षमता बढ़ाई जाए।
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पारदर्शिता: अनियोजित कटौती रोकी जाए और हर शटडाउन की पूर्व सूचना सार्वजनिक की जाए।
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कार्ययोजना: अगले 15 दिनों के भीतर बिजली सुधार के लिए स्पष्ट ‘एक्शन प्लान’ जारी हो।
जनआंदोलन की दी चेतावनी आरडब्ल्यूए टीम के टी.सी. गौड़ और अरुण भाटिया ने स्पष्ट किया कि यदि 15 दिनों के भीतर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो सेक्टर के निवासी जिला प्रशासन और नियामक प्राधिकरणों के पास जाएंगे। साथ ही, अपनी मांगों को लेकर सामूहिक जनआंदोलन और मीडिया का सहारा लेने के लिए विवश होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी।

